Red Lentil (मसूर)

भूमि: मसूर की खेती हल्की भूमियों में अच्छी होती है, मसूर के लिए बलुई दोमट एवं बलुई भूमि उत्तम होती है, भूमि में जल निकास की उचित व्यवस्था होनी चाहिए |

तापमान: मसूर की बिजाई के लिए मुख्यतया 18-30 डिग्री C तापमान होना चाहिए |

उचित समय: 15 अक्टूबर से 30 नवम्बर के बिच का समय बढ़िया माना जाता है |

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Black Gram (उड़द)

भूमि: उड़द की खेती विभिन्न प्रकार की भूमि में होती है। हल्की रेतीली, दोमट या मध्यम प्रकार की भूमि जिसमें पानी का निकास अच्छा हो उड़द के लिए अधिक उपयुक्त होती है।

तापमान: उड़द की बिजाई के लिए मुख्यतया 25-35 डिग्री C तापमान होना चाहिए |

उचित समय: 10 जून से 31 जुलाई के बिच का समय बढ़िया माना जाता है |

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Pigeon Pea (अरहर)

भूमि: यदि किसान भाई अरहर की अच्छी फसल करना चाहते है, तो उसके लिए उचित भूमि का चुनाव जरूरी होता है | जीवांश युक्त बलुई दोमट वा दोमट मिट्टी वाली भूमि को इसके खेती के लिए अच्छा माना जाता है | इसकी खेती के लिए उचित जल निकासी वाली ढालू जगह को सर्वोत्तम माना जाता है |

तापमान: अरहर की बिजाई के लिए मुख्यतया 30-40 डिग्री C तापमान होना चाहिए |

उचित समय: 20 जून से 31 जुलाई के बिच का समय बढ़िया माना जाता है |

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barley

Barley (जौ)

भूमि: जौ सभी प्रकार की कृषि योग्य भूमि में पैदा हो सकती है | इसकी खेती कई तरह की भूमि जैसे बलुई, बलुई दोमट या दोमट में की जा सकती है, लेकिन दोमट भूमि सर्वोत्तम मानी जाती है. इसकी बुवाई क्षारीय और लवणीय भूमि में करनी चाहिए. इसके साथ ही जल निकास की उचित व्यवस्था होनी चाहिए |

तापमान: जौ की बिजाई के लिए मुख्यतया 20-25 डिग्री C तापमान होना चाहिए |

उचित समय: 10 नवम्बर से 25 नवम्बर के बिच का समय बढ़िया माना जाता है |

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Sesame (तिल)

भूमि: उचित जल निकासी वाली भूमि तिल की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है | इसे किसी भी उपजाऊ मिट्टी में आसानी से उगाया जा सकता है, तथा भूमि सामान्य P.H. मान वाली होनी चाहिए|

तापमान: तिल की बिजाई के लिए मुख्यतया 35-40 डिग्री C तापमान होना चाहिए|

उचित समय: 25 जून से 15 जुलाई के बिच का समय बढ़िया माना जाता है|

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