Haryana Tractor Subsidy Scheme 2024

 

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हरियाणा सरकार का उद्देश्य राज्य के लघु-मध्यम किसानों (एससी किसानों) की आय को बढ़ाना है, Haryana Tractor Subsidy 2024 Yojana के माध्यम से 45 एच.पी या उससे अधिक क्षमता वाले ट्रैक्टरों पर 01 लाख रूपये का अनुदान दिया जाएगा । कृषि और किसान कल्याण विभाग, पंचकुला, 2024-25 वर्ष के दौरान हरियाणा ट्रेक्टर सब्सिडी योजना के तहत प्रथम चरण में  सभी जिलों में अनुसूचित जाति के किसानों को नया ट्रैक्टर (45 एचपी या उससे से अधिक) के लिए लाख रुपये तक की सहायता प्रदान करेगा। बादमे सभी कैटेगरी के किसानों को दिया जाएगा ऑनलाइन फॉर्म भरने का लिंक निचे दिया गया है।

हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी योजना 2024 के लिए जो उमीदवार योग्य हैं, 26 फरवरी, 2024 से ऑनलाइन फॉर्म भरना शुरू कर सकते हैं। ट्रैक्टर सब्सिडी के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 11 मार्च, 2024 है। अन्य सभी जानकारी निचे दी गयी है। हम इस पोस्ट में Haryana Tractor Subsidy Yojana 2024 के बारे में विस्तार से जानेंगे पूरी जानकारी के लिए पोस्ट अंत तक पढ़े|

 

हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी योजना 2024

योजना का नाम हरियाणा ट्रैक्टर अनुदान योजना 2024
किसने शुरू की हरियाणा सरकार
लाभार्थी राज्य के अनुसूचित जाति के किसान
उद्देश्य ट्रैक्टर खरीदने पर अनुदान राशि प्रदान करना
आवेदन शुरू तिथि 26 फरवरी 2024
आवेदन अंतिम तिथि 11 मार्च 2024
लाभ एक लाख रुपए
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन
आधिकारिक वेबसाइट agriharyana.gov.in

ऑनलाइन फॉर्म शुल्क

फॉर्म फीस रु. 0/-
शुल्क भुगतान मोड Online

हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी योजना 2024 का उद्देश्य

हरियाणा सरकार द्वारा ट्रैक्टर सब्सिडी योजना शुरू करने का मुख्य उद्देश्य राज्य के अनुसूचित जाति के किसानों को ट्रैक्टर खरीदने के लिए आर्थिक सहायता राशि प्रदान करना है| आज के समय में ट्रैक्टर के बिना खेती करना काफी मुश्किल है| अनुसूचित जाति के बहुत से ऐसे गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर किसान है जिनके पास खुद का ट्रैक्टर ना होने के बाद भी खेती करते हैं जिससे उन्हें काफी समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है| इसलिए हरियाणा सरकार द्वारा ऐसे किसानों को इस योजना के तहत आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जा रही है ताकि वह आज की आधुनिक तकनीकी के साथ खेती कर सकें|

हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी योजना लाभ एवं विशेषताएं

  • इस योजना के तहत किसान 45 HP व अधिक क्षमता के ट्रैक्टर की खरीद पर 1 लाख रुपए का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं|
  • इस योजना के तहत लाभार्थियों का चयन संबंधित उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति द्वारा किया जाएगा|
  • चयन उपरांत किसान भारत सरकार द्वारा अधिकृत निर्माता से मूल भाव कर अपनी पसंद के निर्माता से खरीद कर सकते हैं|
  • राज्य के केवल अनुसूचित जाति की किसान ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं|
  • इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना होगा|
  • हरियाणा सरकार द्वारा ट्रैक्टर खरीदने पर एक लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी|

हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी योजना पात्रता

  • केवल हरियाणा का मूल निवासी किसान इस योजना का लाभ ले सकता है|
  • राज्य की केवल अनुसूचित जाति की किस की योजना का लाभ ले सकते हैं|
  • किसान का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पंजीकरण होना अनिवार्य है|

हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी योजना दस्तावेज

  • परिवार पहचान पत्र
  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा पंजीकरण संख्या
  • बैंक पासबुक
  • अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र
  • शपथ पत्र
  • पैन कार्ड
  • आधार कार्ड

हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी योजना आवेदन कैसे करें

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट agriharyana.gov.in पर जाएं|
  • होम पेज पर Former Corner में दिए Appy For Agriculture Schemes के ऑप्शन पर क्लिक करें|

 

  • अब आपके सामने सभी स्कीम्स आ जाएगी|
  • अब आपको अनुसूचित जाति श्रेणी के किसानों किसानों के समूह को सब्सिडी पर उपकरण मशीनरी प्रदान करने की योजना के सामने View के ऑप्शन पर क्लिक करना है|
  • अब आपके सामने एक नया पेज आएगा|
  • इसमें Click Here To Registration के ऑप्शन पर क्लिक करना है|
  • अब आपके सामने रजिस्ट्रेशन फॉर्म आ जाएगा|
  • फार्म में मांगी गई जानकारी दर्ज करनी है|
  • अब आपको आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करना है|
  • अब सबमिट के ऑप्शन पर क्लिक कर देना है|
  • इस प्रकार से आप हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी स्कीम के तहत आवेदन कर सकते हैं|

महत्वपूर्ण लिंक

आधिकारिक अधिसूचना अधिसूचना
ऑनलाइन फॉर्म अप्लाई करें ऑनलाइन लिंक
कृषि हरियाणा आधिकारिक वेबसाइट Agri Haryana


FAQ(Frequently Asked Questions
)

हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी स्कीम 2024 कब शुरू होगी?

26 फ़रवरी 2024

हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी स्कीम 2024 अंतिम तिथि?

11 मार्च 2024

हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी स्कीम के तहत कितने अनुदान राशि मिलती है?

1 लाख रुपए

हरियाणा ट्रैक्टर सब्सिडी योजना का लाभ किन किसानों को मिलेगा?

राज्य के अनुसूचित जाति के किसानों को

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combine harvester subsidy

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  • कंबाइन हार्वेस्टर पर मिलेगी 11 लाख रुपए की सब्सिडी
  • क्या है कंबाइन हार्वेस्टर (What is combine harvester)
  • कंबाइन हार्वेस्टर पर कितनी मिलेगी सब्सिडी ?
  • क्या है कंबाइन हार्वेस्टर की कीमत ?
  • कंबाइन हार्वेस्टर के लिए आवेदन हेतु किन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता
  • कैसे करें कंबाइन हार्वेस्टर पर सब्सिडी के लिए आवेदन
  • योजना की अधिक जानकारी के लिए कहां करें संपर्क
  • योजना से संबंधित महत्वपूर्ण लिंक

कंबाइन हार्वेस्टर पर मिलेगी 11 लाख रुपए की सब्सिडी
क्या है कंबाइन हार्वेस्टर (What is combine harvester)
कंबाइन हार्वेस्टर पर कितनी मिलेगी सब्सिडी ?
क्या है कंबाइन हार्वेस्टर की कीमत ?
कंबाइन हार्वेस्टर पर मिलेगी 11 लाख रुपए की सब्सिडी

किसानों को सस्ती दर पर कृषि यंत्रों/मशीनों का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार की ओर से कई प्रकार की कृषि यंत्र अनुदान योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं के तहत किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर सब्सिडी का लाभ दिया जाता है। इन्हीं योजनाओं में एक योजना कृषि मशीनीकरण पर उप मिशन (एसएमएएम) योजना (Sub Mission on Agricultural Mechanization (SMAM) Scheme) चलाई जा रही है। इसके तहत किसानों को कंबाइन हार्वेस्टर (combine harvester) खरीदने के लिए 11 लाख रुपए तक की सब्सिडी (subsidy) दी जा रही है। इच्छुक किसान इस योजना में आवेदन करके कंबाइन हार्वेस्टर पर सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।

क्या है कंबाइन हार्वेस्टर (What is combine harvester)

कंबाइन हार्वेस्टर किसानों के लिए काफी उपयोगी मशीन है। इस मशीन को ट्रैक्टर से जोड़कर चलाया जा सकता है। हालांकि अब स्वचालित कंबाइन हार्वेस्टर भी आते हैं। इस मशीन की सहायता से किसान फसल की कटाई, थ्रेसिंग, उसे इक्ट्‌ठा करना और उसकी सफाई का काम एक ही बार में कर सकते हैं। कंबाइन हार्वेस्टर का उपयोग विशेष तौर पर गेहूं, जौ, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों के लिए किया जाता है।

कंबाइन हार्वेस्टर पर कितनी मिलेगी सब्सिडी ?

कृषि मशीनीकरण पर उप मिशन (एसएमएएम) योजना के तहत 6 फीट कटर बार चौड़ाई वाले कंबाइन हार्वेस्टर पर सब्सिडी (Subsidy on Combine Harvester) का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इसके तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, छोटे व श्रमिक किसान व महिलाओं को कंबाइन हार्वेस्टर की खरीद पर 50 प्रतिशत या अधिकतम 11 लाख रुपए की सब्सिडी दी जाती है। वहीं अन्य वर्गों के किसानों के लिए जिसमें सामान्य वर्ग शामिल है, को 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी जो 8.80 लाख रुपए तक हो सकती है।

क्या है कंबाइन हार्वेस्टर की कीमत ?

बाजार में महिंद्रा, प्रीत, करतार, दशमेश, न्यू हॉलैड, कुबोटा आदि कंपनियों के बेहतरीन हार्वेस्टर उपलब्ध हैं। लेकिन आपको हार्वेस्टर की खरीद अपने जिले के कृषि विभाग द्वारा पंजीकृत डीलर से ही करनी होगी, तभी आपको सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा। ऐसे में आपको विभाग द्वारा पंजीकृत डीलर से ही कंबाइन हार्वेस्टर की खरीद करनी होगी। कंबाइन हार्वेस्टर की अनुमानित कीमत 5.35 लाख रुपए से शुरू होकर 26.70 लाख रुपए तक होती है। बता दें कि सब्सिडी का लाभ किसानों को कृषि मशीन के लागत मूल्य पर दिया जाता है। कृषि मशीनरी पर लगने वाले जीएसटी का भुगतान किसान को स्वयं करना होता है।

कंबाइन हार्वेस्टर के लिए आवेदन हेतु किन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता
कैसे करें कंबाइन हार्वेस्टर पर सब्सिडी के लिए आवेदन
योजना की अधिक जानकारी के लिए कहां करें संपर्क
योजना से संबंधित महत्वपूर्ण लिंक
कंबाइन हार्वेस्टर के लिए आवेदन हेतु किन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता
योजना के तहत कंबाइन हार्वेस्टर के लिए आवेदन करने हेतु आपको कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। जिन दस्तावेजों (documents) की आवश्यकता होगी, वे दस्तावेज इस प्रकार से हैं।

  • आवेदन करने वाले किसान का आधार कार्ड
  • आवेदन करने वाले किसान का पैन कार्ड
  • किसान का निवास प्रमाण-पत्र
  • किसान का आय प्रमाण-पत्र
  • खेत की जमीन के कागजात
  • बैंक खाता विवरण हेतु बैंक पासबुक की कॉपी
  • किसान का मोबाइल नंबर जो आधार से लिंक हो
  • किसान का पासपोर्ट साइज फोटो आदि।

कैसे करें कंबाइन हार्वेस्टर पर सब्सिडी के लिए आवेदन

यदि आप कृषि मशीनीकरण पर उप मिशन (एसएमएएम) योजना के तहत 6 फीट कटर बार चौड़ाई वाले कंबाइन हार्वेस्टर पर सब्सिडी का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए आवेदन करना होगा। आप इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कृषि मशीनीकरण पर उप मिशन (एसएमएएम) योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://agrimachinery.nic.in/ जाकर आवेदन कर सकते हैं। बता दें कि कृषि विभाग व उद्यान विभाग की ओर से समय-समय पर इस योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। किसान इस योजना के तहत आवेदन करके कंबाइन हार्वेस्टर की खरीद पर सब्सिडी का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

योजना की अधिक जानकारी के लिए कहां करें संपर्क

कृषि मशीनीकरण पर उप-मिशन (एसएसएएम) योजना की अधिक जानकारी के लिए आप इस योजना की अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा अपने जिले के कृषि विभाग या उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

योजना से संबंधित महत्वपूर्ण लिंक
योजना की आधिकारिक वेबसाइट- https://agrimachinery.nic.in/
योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए डायरेक्ट लिंक- https://agrimachinery.nic.in/Farmer/Management/Index
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cold storage scheme

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  • कोल्ड स्टोरेज योजना
  • कोल्ड स्टोरेज योजना के लिए कहां आवेदन करें
  • कोल्ड स्टोरेज (गोदाम निर्माण) सब्सिडी
  • कोल्ड स्टोरेज बनाने की विधि
  • कोल्ड स्टोरेज को तैयार करने में आने वाला खर्च
  • कोल्ड स्टोरेज मुनाफा
  • कोल्ड स्टोरेज में उपयोग होने वाली मशीने
  • योजना का लाभ किसे प्राप्त हो सकता है
  • कोल्ड स्टोरेज योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
  • शीत भंडारण (कोल्ड स्टोरेज) योजना मे आवेदन कैसे करे

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कोल्ड स्टोरेज योजना

भारत को पूरी दुनिया में कृषि उत्पादन (गेहूं, चावल) के मामले में दूसरा स्थान प्राप्त है | फिर भी देश के किसानो को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं प्राप्त हो पाता है, इसके पीछे का कारण अनाज भंडारण में होने वाली समस्या को माना जाता है, जिससे किसानो को काफी हद तक नुकसान भी उठाना पड़ता है |

इस समस्या के निपटारे के लिए सरकार द्वारा देश के किसानो को अनाज भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी 2024 को लागू किया है | जिसमे किसानो को 35% से लेकर 50% तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी | इस योजना की अधिक जानकारी कोल्ड स्टोरेज योजना , कोल्ड स्टोरेज (गोदाम निर्माण) सब्सिडी, कोल्ड स्टोरेज बनाने की विधि इसके बारे में जानने के लिए इस पोस्ट को अंत तक पढ़े |

कोल्ड स्टोरेज योजना के लिए कहां आवेदन करें

इस योजना को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा एक करोड़ 40 लाख रूपए तक का अनुदान दिया जायेगा | जिला उद्यान विभाग में आवेदन कर इसके कोल्ड स्टोरेज लाइसेंस के लिए आवेदन किया जायेगा|

यदि कोई किसान कोल्ड स्टोरेज का निर्माण करता है, तो उसे सरकार द्वारा 50% तक का अनुदान मिलेगा तथा अन्य लोगो को 35% तक का अनुदान दिए जायेगा |

कोल्ड स्टोरेज (गोदाम निर्माण) सब्सिडी

कोल्ड स्टोरेज को लोगो की भलाई का बिज़नेस मॉडल कहा जाता है, इसमें भंडारण को तैयार करने के लिए सरकार द्वारा लोगो को कोल्ड स्टोरेज बिज़नेस सब्सिडी का सहयोग प्रदान करती है| इस कोल्ड स्टोरेज के निर्माण के लिए आप सब्सिडी को दो तरह से प्राप्त कर सकते है| इसमें यदि आपके कोल्ड स्टोरेज का बजट 3 करोड़ के आसपास है, तो उसके लिए आपको नेशनल बाग़वानी बोर्ड द्वारा 1 करोड़ 20 लाख रुपये तक की सब्सिडी को प्रदान किया जाता है, जो कि कुल लागत का 40% तक होती है|

दूसरी तरह की सब्सिडी की बात करे तो इसमें यदि आपके भंडारण का बजट 10 करोड़ रूपए के आसपास है, तो उसमे भारत सरकार द्वारा आपको 50% तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है |

कोल्ड स्टोरेज बनाने की विधि

कोल्ड स्टोरेज को तैयार करने के लिए आपके पास एक बड़ी जगह का होना जरूरी है, जिसमे आपको कोल्ड स्टोरेज के लिए 14 फ़ीट x 10 फीट x 10 फ़ीट के कमरे का होना आवश्यक है | भंडारण कमरे में तक़रीबन 85%-90% तक की नमी का होना आवश्यक है | भंडारण यूनिट की क्षमता तक़रीबन 10 मीट्रिक टन तक होनी चाहिए | प्रारंभिक तापमान का उत्पादन करने के लिए 28-35 डिग्री सेल्सियस का तापमान हो | इन्सुलेशन सामग्री 60 मिमी चक्र फाइबर (PUF) यूनिट की क्षमता 30000 BTU/ घंटा हो |

  • इसके अतिरिक्त कोल्ड स्टोरेज का बाहरी तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक ही जाना चाहिए |
  • कोल्ड स्टोरेज का सड़क से संपर्क होना चाहिए साथ ही साइट ऊंचाई और जल निकासी भी पर्याप्त होनी चाहिए |
  • भार वहन के लिए मिट्टी परीक्षण किया जाना चाहिए |
  • सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Cold मशीनरी का वैक्यूम और दबाव परीक्षण की जांच तथा आग बचाव यंत्र, अलार्म की सुविधा भी उपलब्ध होनी चाहिए |
  • इसके अतिरिक्त कोल्ड स्टोरेज गोदाम का बीमा भी होना चाहिए | यदि गोदाम में किसी तरह का हादसा हो जाता है, तो आपको बीमा कंपनी द्वारा राहत मिल सकती है |

कोल्ड स्टोरेज को तैयार करने में आने वाला खर्च

कोल्ड स्टोरेज का निर्माण एक बड़े व्यापार के रूप में जाना जाता है | इसलिए इसमें होने वाला पूँजी का निवेश करोड़ो रूपए के हिसाब से होता है | यदि आप छोटे-मोटे लगभग 3,000 टन वाले कैपेसिटी के कोल्ड स्टोरेज को तैयार करना चाहते है, तो उसके लिए आपको कम-से-कम 2.5 से 3 करोड़ रूपए खर्च करने होंगे | इसके अतिरिक्त भंडारण को तैयार करने में आपको सरकार द्वारा सब्सिडी भी प्रदान हो जाती है, जिससे आपका बोझ तक़रीबन आधा हो जाता है |

कोल्ड स्टोरेज मुनाफा

जैसा कि आप जान चुके है कोल्ड स्टोरेज बिज़नेस एक बड़ा बिज़नेस है, जिसे करने में अधिक लागत आती है | वैसे ही अगर इस भंडारण से होने वाले मुनाफे की बात करे तो इतना बड़ा व्यापार करने के बाद आप अच्छी कमाई भी कर सकते है | मुनाफे की बात करे तो अन्य बिज़नेस की तुलना में इसमें 2 से 3 गुना बिज़नेस अधिक कमाया जा सकता है |

इसे दूसरे नज़रिये से देखे तो यह एक देश सेवा का भी कार्य है, क्योकि अधिक बड़ा बिज़नेस होने के कारण बहुत कम ही लोग इस व्यापार को करने में पैसा लगाते है| वर्तमान समय में बहुत अधिक बेरोजगारी चल रही है | यदि आप कोल्ड स्टोरेज का कार्य करते है, तो आपको कई मजदूरों की भी आवश्यकता होती है, जिन्हे आप रोजगार देकर देश के लोगो की बेरोजगारी को कम कर सकते है, तथा देश के उत्पादों को ख़राब होने से भी बचा सकते है |

कोल्ड स्टोरेज में उपयोग होने वाली मशीने

इस तरह के बड़े व्यापार को करने के लिए व्यापारी को अनेक मशीनो की आवश्यकता होती है, क्योकि इसमें अधिकतर कार्य मशीनो द्वारा ही किया जाता है | इसमें तक़रीबन आधा कार्य मजदूर करते है, तो आधा कार्य मशीनो द्वारा किया जाता है |

योजना का लाभ किसे प्राप्त हो सकता है

  • देश का कोई भी किसान
  • देश का कोई भी आम नागरिक
  • किसी फर्म द्वारा
  • किसान उत्पादक संगठन द्वारा
  • सहकारी समिति
  • अनेक प्रकार की कम्पनिया
  • किसी भी NGO द्वारा

कोल्ड स्टोरेज योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • भूमि के कागज (स्वामित्व)
  • बैंक से सैद्धांतिक मंजूरी पत्र (आवेदन से पूर्व)
  • विस्तृत परियोजना रिपोर्ट
  • कोल्ड स्टोरेज के लिए मान्य मेप
  • व्यक्तिगत सत्यापन कागज (आधार, पेन,फोटो)

शीत भंडारण (कोल्ड स्टोरेज) योजना मे आवेदन कैसे करे

  • कोल्ड स्टोरेज योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको बैंक से सैद्धांतिक मंजूरी पत्र को लेना होगा |
  • योजना में आवेदन के लिए राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट http://nhb.gov.in/OnlineApplication/RegistrationForm.aspx पर जाकर आवेदन कर सकते है|
  • आपको रजिस्ट्रेशन के बाद ID और PASSWORD मिलेगा, जिसके माध्यम से आपको अपने सभी दस्तावेजों को अपलोड करना होगा |
  • यदि एक बार आपके सभी दस्तावेजों की स्वीकृति हो जाती है, तो आप अपने कोल्ड स्टोरेज के निर्माण कार्य को शुरू कर सकते है | निर्माण कार्य को बोर्ड के निर्देशानुसार ही किया जाना चाहिए |

लिया गया लेख

bhartiya jan urvarak pariyojanaउन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 (31 जनवरी, 2024 तक) के लिए देश में उर्वरकों के लिए प्रदान की गई सब्सिडी 1,70,923 करोड़ रुपये हैClick Herecombine harvester subsidyकिसानों को सस्ती दर पर कृषि यंत्रों/मशीनों का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार की ओर से कई प्रकार की कृषि यंत्र अनुदान योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं के तहत किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर सब्सिडी का लाभ दिया जाता हैClick Herefarmer tractor schemeभारत सरकार देश के किसानों के कल्याण और विकास के लिए विभिन्न योजनाओं की शुरुआत करती है। जैसा कि किसान भारतीय कृषि क्षेत्र की रीढ़ हैं, उनकी देखभाल करना और उन्हें सहायता प्रदान करना समय की आवश्यकता है, ताकि वह अर्थव्यवस्था के विकास में अधिक योगदान दे सकेंClick Here
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Him Unnati Yojana

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  • हिम उन्नति योजना का उद्देश्य
  • हिम उन्नति योजना की विशेषताएं
  • हिम उन्नति योजना के लाभ
  • हिम उन्नति योजना के लिए पात्रता
  • हिम उन्नति योजना के लिए आवेदन कैसे करें :-

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हिम उन्नति योजना का उद्देश्य
हिम उन्नति योजना की विशेषताएं
हिम उन्नति योजना के लाभ
हिम उन्नति योजना के लिए पात्रता

हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए “हिम उन्नति योजना” शुरू की है। इस योजना के तहत किसानों को तालाब बनाने पर सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

हिम उन्नति योजना का उद्देश्य

हिम उन्नति योजना का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश में कृषि और संबंधित क्षेत्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत किसानों को तालाब बनाने पर सब्सिडी प्रदान करके उनकी आय में वृद्धि करना है।

हिम उन्नति योजना की विशेषताएं

हिम उन्नति योजना की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:-

क्षेत्र-विशेष विकास : इस योजना के तहत क्षेत्र-विशेष विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए 2600 क्लस्टरों में से 1239 क्लस्टरों की पहचान करके 40 बीघा खेती के योग्य क्षेत्रों का निर्माण किया जाएगा।

क्लस्टर विकास: इस योजना के तहत सब्जी, फल, दूध आदि के क्लस्टरों का निर्माण और विकास किया जाएगा। इससे किसानों को एक-दूसरे से जुड़ने और सहयोग करने में मदद मिलेगी।

कृषि उपकरण पर अनुदान: इस योजना के तहत किसानों को कृषि उपकरण खरीदने के लिए अनुदान प्रदान किया जाएगा। इससे किसानों की खेती की लागत कम होगी और उनकी आय में वृद्धि होगी।

मछली पालन पर सब्सिडी: इस योजना के तहत किसानों को तालाब बनाने पर 80% सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इससे किसानों को मछली पालन में रुचि लेने और अपनी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

हिम उन्नति योजना के लाभ

कृषि के समृद्धि में सहारा:

इस योजना से हिमाचल प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

किसानों को आत्मनिर्भर बनाना:

इस योजना से किसानों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहन:

इस योजना से कृषि क्षेत्र में विभिन्न क्षेत्रों में समृद्धि होगी, जिससे स्थानीय विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

आय में वृद्धि:

तालाब बनाने पर किसानों को 80% सब्सिडी मिलेगी। इससे किसानों की तालाब बनाने की लागत कम होगी और उनकी आय में वृद्धि होगी।

आत्मनिर्भरता:

मछली पालन एक लाभदायक व्यवसाय है। इससे किसानों को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

रोजगार के अवसर:

मछली पालन से जुड़े व्यवसायों में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। हिम उन्नति योजना हिमाचल प्रदेश के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना से किसानों की आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

हिम उन्नति योजना के लिए पात्रता

  • हिम उन्नति योजना के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंड हैं:
    • आवेदक हिमाचल प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
    • आवेदक का खेत 40 बीघा से अधिक का नहीं होना चाहिए।
    • आवेदक के पास तालाब बनाने के लिए पर्याप्त भूमि होनी चाहिए।

हिम उन्नति योजना के लिए आवेदन कैसे करें :-
हिम उन्नति योजना के लिए आवेदन कैसे करें :-

हिम उन्नति योजना के लिए आवेदन करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:-

  • हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाएं।
  • “हिम उन्नति योजना” लिंक पर क्लिक करें।
  • आवेदन पत्र डाउनलोड करें।
  • आवेदन पत्र को भरें और आवश्यक दस्तावेजों के साथ कृषि विभाग के कार्यालय में जमा करें।
  • हिम उन्नति योजना से किसानों को कैसे लाभ मिलेगा

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National Livestock Mission Scheme

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1. राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना क्या है?

National Livestock Mission (राष्ट्रीय पशुधन मिशन) मुख्य रूप से बैकयार्ड पोल्ट्री और छोटे जुगाली करने वाले (बकरी और भेड़) उत्पादन के साथ-साथ चारा संसाधन विकास और बीमा जैसे कुछ अन्य घटकों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की एक योजना है। यह एक व्यापक योजना है जो निश्चित रूप से रोजगार सृजन में वृद्धि करती है, खाद्य सुरक्षा में सुधार करती है और पशु उत्पादकता को बढ़ाएगी । वैसे तो यह योजना काफी पुरानी है लेकिन पिछले साल (2021) में पशुपालन विभाग द्वारा इसे फिर से संशोधित कर फिर से तैयार किया गया है। पशुधन क्षेत्र में विकास को प्रोत्साहित करने के लिए, इस क्षेत्र में शामिल 10 करोड़ किसानों के लिए पशुपालन को अधिक लाभदायक बनाना है। देश में खाद्य सुरक्षा बढ़ाने के लिए रोजगार, उद्यमिता और पशु उत्पादकता के विकास के उद्देश्य से National Livestock Mission योजना को वित्तीय वर्ष 2021-22 से संशोधित और पुनर्गठित किया गया है। क्षेत्र की वर्तमान आवश्यकता को देखते हुए एनएलएम योजना को वित्त वर्ष 2022-23 से संशोधित और पुन: व्यवस्थित किया गया है। ये स्कीम 2025-26 तक रहेगी और और ये स्कीम सभी राज्यों के लिए है |

2. राष्ट्रीय पशुधन मिशन की योजनाए

  • इसको तीन भागो में बांटा गया है
  • पहले भाग में नस्ल के विकास पर जोर दिया गया है जिसमें मुख्यता भेड़ बकरी सूअर और देसी मुर्गी की नस्लों को रखा गया है
  • दूसरा भाग फीड और फोल्डर विकास से संबंधित है जिसमें फीड बीज उन्नत बीज के उत्पादन को लेकर इकाइयां बनाई जाएंगी इसके अलावा फॉर द प्रोसेसिंग जैसे साइलेज है आदि से संबंधित प्रोजेक्ट्स दिए जाएंगे.
  • तीसरा भाग घटक नवाचार और विस्तार का होगा। जिसमे नए नए आधुनिक विचारो को आमत्रिंत किया जायेगा। और उनकी प्रचार प्रसार करने वाली संस्थाओ को स्पोर्ट किया जायेगा

3. आपके प्रोजेक्ट के चयन की प्रक्रिया

इसका संस्थागत संरचना के अंतर्गत सबसे पहले अधिकार प्राप्त समिति का गठन हुआ है इसमें केंद्रसरकार के पशुपालन विभाग के उच्च अधिकारी रहेंगे | सभी स्कीमों के लिए दिशानिर्देश और नीति को बनाने की जिम्मेदारी इस संस्था की रहेगी | नीति में कोई भी बदलाव के लिए यह कमेटी जिम्मेदार रहेगी| इसके नीचे दूसरी कमेटी आती है जिसे परियोजना स्वीकृति समितिया परियोजना अनुमोदन समिति (Project Approval Committee) कहा जाता है इसके बिना अप्रूव किए कोई भी सब्सिडी ग्रांट नहीं की जा सकती| इसके बाद राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति का गठन होता है यह समिति आवेदकों से स्वीकृत एप्लीकेशन लेकर Project Approval Committee (PAC) को देती है और वह सब्सिडी अप्रूव करती है| इसके नीचे एक और समिति काम करती है जिसे State Implementing Agency (SIA) या राज्य कार्यान्वयन समिति कहते हैं असल में यह संस्था ही डायरेक्ट अभ्यर्थियों और आवेदकों के संपर्क में आती है इसी के जरिए से आपके एप्लीकेशन या आवेदन सब्सिडी के लिए केंद्र सरकार तक पहुंचाए जाते हैं|

4. State Implementing Agency (SIA) एजेंसी का काम

State Implementing Agency (SIA) एजेंसी का मुख्य काम यह होता है कि यह आवेदकों से उनके व्यवसाय के प्रस्ताव और आवेदन पत्र लेती है उसके बाद यह संस्था इन आवेदनों को भली-भांति जांच करती है और उनकी समीक्षा करती है यदि जांच के दौरान इस समिति को प्रोजेक्ट या आवेदन करने वाले में कोई कमी नजर आती है तो यह उसे रिजेक्ट कर देती है यदि State Implementing Agency (SIA) को प्रोजेक्ट समझ में आ जाता है और आवेदक के ऊपर इसे भरोसा हो जाता है तो यह बैंक से लोन के लिए उस प्रोजेक्ट को स्वीकृत कर देती है बैंक इस समिति की सिफारिश को दर्ज कर देते हैं और अमूमन लोन को प्रोजेक्ट के लिए स्वीकृति दे देते हैं एक बार लोन के लिए स्वीकृति मिल जाने के बाद State Implementing Agency (SIA) इस प्रोजेक्ट को State Level Executive Committee (SLEC) के पास भेज देती है| जब State Level Executive Committee (SLEC) को प्रोजेक्ट ठीक लगता है तो वो Project Approval Committee (PAC) से सब्सिडी के लिए सिफारिश करती है और सब्सिडी आवेदक के अकाउंट में आ जाती है|

5. सब्सिडी किसे मिलती है ?

सब्सिडी लेने के लिए आवेदक कि कुछ एलिजिबिलिटी या पात्रता होती है जिससे समितियां यह निर्धारित करती हैं की उपरोक्त आवेदक को सहायता दी जानी चाहिए या नहीं इसमें सबसे पहला जो मापदंड होता है वह यह होता है कि जिस क्षेत्र में उधमी ने यह सब्सिडी अप्लाई की है उस क्षेत्र में उसका ज्ञान कितना है या फिर उसकी टीम में कोई तजुर्बेकार व्यक्ति उस क्षेत्र से है या नहीं या फिर कोई तकनीकी सलाहकार उनके साथ है या नहीं है इसके अलावा सब्सिडी के लिए सरकार द्वारा निर्धारित किए गए शेड्यूल बैंक से लोन की प्राप्ति भी एक आवश्यक मापदंड है साथ-साथ आवेदकों के पास या तो अपनी भूमि या फिर लीज पर ली गई भूमि का होना आवश्यक है इसके अलावा KYC डॉक्यूमेंट जैसे आधार पैन कार्ड आदि की जरूरत पड़ती है

6. उद्यमिता कार्यक्रमों की परियोजना स्वीकृति : सब्सिडी की ग्रांट किस प्रकार मिलती है

इसमें सबसे पहले व्यक्ति को एक एप्लीकेशन State Implementing Agency (SIA) के सामने प्रस्तुत करनी होती है जो NLM पोर्टल के माध्यम से भेजी जाती है यह एजेंसी एप्लीकेशन की भली-भांति जांच करती है और उसे शेड्यूल बैंक से लोन दिलाने के लिए सिफारिश करती है जब बैंक सिफारिश को स्वीकार करके लोन देने के लिए तैयार हो जाता है तो उसके बाद आवेदन को State Level Executive Committee (SLEC) के पास भेजा जाता है जो उसे केंद्र सरकार तक भेजती है केंद्र सरकार में पशुपालन विभाग (Animal Husbandry Department ) को यह आवेदन दिया जाता है जो सब्सिडी को Project Approval Committee (PAC) के माध्यम से आवेदक के खाते में जमा करा देते हैं यह सारा फंड ट्रांसफर सिडबी बैंक के माध्यम से होता है भारत सरकार का पशुपालन विभाग (Government Department of Animal Husbandry) के जरिए से सब्सिडी को सिडबी बैंक में बनाए गए आवेदक के खातों में जमा करती है वहां से सीधा उस सब्सिडी को आवेदक के खातों में भेजता है सब्सिडी लेने के लिए बैंक को लोन की किस्त आवेदक को देनी होती है जैसे ही लोन की किस्त आवेदक को मिल जाती है उस के बाद सब्सिडी आवेदक के खाते में आ जाती है |

7. पोल्ट्री के लिए किस प्रकार से सब्सिडी मिलती है

इस स्कीम में बैकयार्ड पोल्ट्री के उत्थान के लिए और नस्ल सुधार के लिए लोन दिया जाता है जिसमें सरकार का उद्देश्य यह रहता है कि बैकयार्ड पोल्ट्री जो कम लागत से की जा सकती है उसे बढ़ावा दिया जाता है इसके लिए आवेदकों को यह स्वयं सहायता समूह भी अप्लाई कर सकते हैं इसमें सरकार देसी मुर्गियों के पैरंट फॉर्म एच डी ब्रूडर कम मदर यूनिट हैचिंग एग्स और सिक्योरिंग यूनिट को लगाने के लिए प्रोत्साहित करती है इसमें केंद्र सरकार कुल 50% कैपिटल सब्सिडी देती है जिसका मतलब यह है कि फॉर्म बनाने के लिए और उसमें हेचरी या उससे संबंधित अन्य उपकरण खरीदने के लिए पैसे मिलते हैं इसमें 1000 तक पैरंट लेयर मुर्गियां रखने का प्रावधान है| बाकी की पूंजी आवेदक को बैंक के लोन से या फिर अपने आप से अपने पास से लगानी होती है इसमें किसी भी तरीके की कमर्शियल पोल्ट्री जैसे ब्रायलर या लेयर नहीं लगा सकते | केवल कम लागत में की जाने वाली देसी मुर्गियां इसमें पाली जाती हैं इसमें पूरे प्रोजेक्ट की लागत लगभग 50 लाख होती है जिसमें अधिकतम सब्सिडी 25 लाख तक केंद्र सरकार से मिल जाती है यह सब्सिडी उसी तरह से खाते में आती है जैसा कि पहले बताया जा चुका है

8. भेड़ और बकरी पालन के लिए मिलने वाली सब्सिडी

भेड़ और बकरी पालन के लिए सब्सिडी मिलने का तरीका वही है जो पहले बताया जा चुका है इसमें सरकार के मुख्य उद्देश्य यह है की उद्यमिता को भेड़ और बकरी पालन में बढ़ावा दिया जाए | इसके साथ साथ इसके टिकाऊ व्यापार मॉडल विकसित किए जाएं जिससे युवा पढ़े-लिखे बेरोजगार युवकों के लिए रोजगार को बढ़ावा दिया जा सके इसमें कोई भी व्यक्ति अप्लाई कर सकता है बकरी और भेड़ फार्म के लिए इकाई का आकार अनुदान की अधिकतम राशि

100 मादा और 5 नर 10 लाख
200 मादा और 10 नर 20 लाख
300 मादा और 15 नर 30 लाख
400 मादा और 20 नर 40 लाख
500 मादा और 25 नर 50 लाख

9. इस योजना में कौन कौन पात्र है

  • कोई भी व्यक्ति
  • किसान उत्पादक संगठन
  •  स्वयं सहायता समूह
  • पूर्व सहकारी संस्था
  • संयुक्त देयता समूह
  • धारा 8 कंपनियां

10. राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत बैंक का चुनाव कैसे करे

  • राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक
  • नाबार्ड से पुर्नवित्त प्राप्त अन्य पात्र संस्थाएँ
  • वाणिज्य बैंक
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
  • राज्य सहकारी बैंक
  • राष्ट्रीय पशुधन मिशन में आवेदन करने की प्रक्रिया
  • यदि आप राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना में आवेदन करना चाहते हैं तो आपको इसके लिए सबसे पहले इसकी आधिकारिक
  • वेबसाइट https://nlm.udyamimitra.in/ पर जाकर अपना आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा योजना के संबंध में ज्यादा
  • जानकारी के लिए आप आपने क्षेत्र में निकटम पशुपालन विभाग एवं डेयरी विभाग बोर्ड से संपर्क कर योजना के संबंध में ज्यादा जानकारी ले सकते हैं।

11. राष्ट्रीय पशुधन मिशन ऑनलाइन आवेदन कैसे करें ?

  • राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना में ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको सर्वप्रथम इस योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा ।
  • इस योजना का होम पेज खुलने के बाद आपको Apply Now के विकल्प पर क्लिक करना है |
  •  इसके बाद आपके सामने दो ऑप्शन दिखाई देंगे
    (1) उद्यमी के रूप में लॉगिन करें (2) सरकार / अन्य एजेंसियों के रूप में लॉगिन करें |
  • आपको आपके अनुसार विकल्प का चयन करना है |
  •  अब आपको रजिस्टर के विकल्प पर क्लिक करना है |
  • इसके बाद आपके सामने एक आवेदन फॉर्म खुलेगा इस फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी आपको ध्यान से भरनी है इसके बाद आपको एक बार फिर रजिस्टर के विकल्प पर क्लिक करना है |
  • फिर आपको Login के ऑप्शन पर क्लिक करना है और Login कर लेना |
  • इसके बाद आपके सामने आवेदन का ऑप्शन दिखाई देगा यह आपको क्लिक करना है
  • एक फिर आपके सामने एक आवेदन फॉर्म खुलेगा इसमें पूछी गई जानकारी अच्छे से दर्ज करे और फिर पूछे मांगे गए आवश्यक दस्तावेज को Upload कर देना है।
  • Upload करने के बाद आपको Submit कर देना है।
  • इस प्रकार से आप इस योजना में आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है ।

12. आवेदन करते समय दस्तावेज की सूची

  • (नोट:- सूची में जिसके आगे स्टार लगा हुआ है वो दस्तावेज जरूरी है )

    1. विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर)* जिसमें परियोजना की लागत, वित्त के साधन,
      आवर्ती लागत, शुद्ध आय आदि(Detailed project report (DPR)* including cost of project, means of finance,
      recurring cost, net income etc.)
    2. भूमि दस्तावेज़ (स्वामित्व/पट्टा विलेख/किराया समझौता आदि)(Land document (Ownership / Lease deed/ Rent Agreement etc.)
    3. परियोजना स्थल की तस्वीरें(Photographs of project site)
    4. परियोजना में आवेदक की हिस्सेदारी का दस्तावेजी प्रमाण(Documentary proof of applicant’s share in the project)
    5. आवेदक के साथ जुड़ी/संलग्न किसानों की सूची जिसमें नाम, आधार शामिल है
      नंबर, मोबाइल नंबर और पता( List of farmers linked/attached with applicant comprising Name, Aadhar
      Number, Mobile No. and Address)
    6. आवेदक से संबंधित दस्तावेज(Documents related to Applicant)
    7. पैन कार्ड*(PAN card*)
    8. जीएसटी पंजीकरण प्रमाणपत्र(GST registration certificate)
    9. निगमन प्रमाणपत्र (कंपनी के मामले में)(Certificate of Incorporation (In case of company)
    10. साझेदारी विलेख (साझेदारी फर्म के मामले में)(Partnership Deed (In case of partnership firm)
    11. पता प्रमाण* (चुनाव आयोग फोटो आईडी कार्ड, बिजली बिल, पानी बिल,
      टेलीफोन बिल, पासबुक, किराया समझौता आदि)Address Proof* (Election Commission Photo ID card, Electricity Bill, Water Bill,
      Telephone Bill, Passbook, rent agreement etc.)
    12. पिछले तीन वर्षों के लेखापरीक्षित वार्षिक वित्तीय विवरण, यदि लागू हो(Last three years audited Annual financial statements, if applicable)
    13. पिछले तीन वर्षों का आयकर रिटर्न, यदि लागू हो(Last three years income tax returns, if applicable)
    14. पिछले छह महीने का बैंक स्टेटमेंट(Bank statement for last six months)
    15. बैंक मैंडेट फॉर्म के साथ रद्द किया गया चेक*
      सी. प्रमुख प्रमोटर से संबंधित दस्तावेज(Canceled cheque along with bank mandate form*
      C. Documents related to Key Promoter)
    16. पैन कार्ड*(PAN Card*)
    17. आधार कार्ड*(Aadhar Card*)
    18. पता प्रमाण * (चुनाव आयोग फोटो आईडी कार्ड, बिजली बिल, पानी बिल, टेलीफोन बिल, पासबुक, किराया समझौता आदि)(Address Proof * (Election Commission Photo ID card, Electricity Bill, Water Bill, Telephone Bill, Passbook, rent agreement etc.)
    19. फोटोग्राफ* जाति प्रमाण पत्र, यदि लागू हो( Photograph* Caste certificate, if applicable)
    20. शिक्षा प्रमाण पत्र(Education certificates)
    21. प्रशिक्षण प्रमाणपत्र(Training certificates)
    22. पहले की गई किसी भी पशुधन खेती गतिविधि के बारे में अनुभव पत्र/प्रमाण पत्र(Experience letter/ certificate about any livestock farming activities done earlier)

13. प्रोजेक्ट रिपोर्ट कैसे तैयार करे

  • आप अपने नजदीकी CA अथवा agriprojectrepor.com टीम से संपर्क करके अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवा सकते है इस प्रोजेक्ट
    रिपोर्ट का निर्धारित शुल्क लिया जायेगा जो सिर्फ आपको प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रदान करेगा।

यह लेख द्वारा लिया गया है

आधिकारिक वेबसाइट

आवेदन यहाँ करे

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