Pradhan Mantri Annadata Aay SanraksHan Abhiyan (PM-AASHA)

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  • ‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’ (पीएम-आशा)
  • उद्देश्य ​
  • पीएम- आशा के प्रमुख घटक
  • मूल्य समर्थन योजना
  • मूल्य न्यूनता भुगतान योजना
  • निजी खरीद एवं स्टॉकिस्ट योजना
  • किसानों के हित में कैबिनेट द्वारा लिये गए अन्य फैसले

‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’ (पीएम-आशा)

सरकार की किसान अनुकूल पहलों को बढ़ावा देने के साथ-साथ अन्नदाता के प्रति अपनी जवाबदेही को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक नई समग्र योजना ‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’ (Pradhan Mantri Annadata Aay SanraksHan Abhiyan- PM-AASHA) को मंज़ूरी दे दी है। यह किसानों की आय के संरक्षण की दिशा में भारत सरकार द्वारा उठाया गया एक असाधारण कदम है जिससे किसानों के कल्याण हेतु किये जाने वाले कार्यों में अत्यधिक सफलता मिलने की आशा है। 

उद्देश्य ​

इस योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिये उचित मूल्य दिलाना है, जिसकी घोषणा वर्ष 2018 के केंद्रीय बजट में की गई है।

पीएम- आशा के प्रमुख घटक

  • नई समग्र योजना में किसानों के लिये उचित मूल्य सुनिश्चित करने की व्यवस्था शामिल है और इसके अंतर्गत आने वाले प्रमुख घटक निम्नलिखित हैं 
    ♦ मूल्य समर्थन योजना (Price Support Scheme-PSS)
    ♦ मूल्य न्यूनता भुगतान योजना (Price Deficiency Payment Scheme- PDPS)
    ♦ निजी खरीद एवं स्टॉकिस्ट योजना (Private Procurement & Stockist Scheme- PPSS)

मूल्य समर्थन योजना

  • इसके तहत दालों, तिलहन और खोपरा / गरी (Copra / coconut) की भौतिक खरीदारी राज्य सरकारों के सक्रिय सहयोग से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा की जाएगी।
  • यह भी निर्णय लिया गया है कि नैफेड के अलावा भारतीय खाद्य निगम (FCI) भी राज्यों/ज़िलों में PSS परिचालन की जिम्मेदारी संभालेगा। 
  • खरीद पर होने वाले व्यय और खरीद के दौरान होने वाले नुकसान को केंद्र सरकार मानकों के मुताबिक वहन करेगी।

मूल्य न्यूनता भुगतान योजना

  • इसके तहत उन सभी तिलहनी फसलों को कवर करने का प्रस्ताव किया गया है जिसके लिये MSP को अधिसूचित कर दिया जाता है। 
  • इसके तहत MSP और बिक्री/औसत मूल्य के बीच के अंतर का सीधा भुगतान पहले से ही पंजीकृत उन किसानों को किया जाएगा जो एक पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के ज़रिये अधिसूचित बाज़ार में अपनी उपज की बिक्री करेंगे।
  • समस्त भुगतान सीधे किसान के पंजीकृत बैंक खाते में किया जाएगा। 
  • इस योजना के तहत फसलों की कोई भौतिक खरीदारी नहीं की जाती है क्योंकि अधिसूचित बाज़ार में बिक्री करने पर MSP और बिक्री/औसत मूल्य में अंतर का भुगतान किसानों को कर दिया जाता है। 
  • PDPS के लिये केंद्र सरकार द्वारा सहायता, तय मानकों के अनुसार दी जायेगी।

निजी खरीद एवं स्टॉकिस्ट योजना

  • तिलहन के मामले में यह निर्णय लिया गया है कि राज्यों के पास यह विकल्प रहेगा कि वे चुनिंदा ज़िला/ज़िले की APMC (Agriculture Produce Market Committee) में प्रायोगिक आधार पर निजी खरीद एवं स्टॉकिस्ट योजना (PPSS-Private Procurement and Stockist Scheme) शुरू कर सकते हैं जिसमें निजी स्टॉकिस्टों की भागीदारी होगी। 
  • प्रायोगिक आधार पर चयनित ज़िला/ज़िले की चयनित APMC तिलहन की ऐसी एक अथवा उससे अधिक फसलों को कवर करेगी जिसके लिये MSP को अधिसूचित किया जा चुका है। 
  • चूँकि यह योजना अधिसूचित जिंस की भौतिक खरीदारी की दृष्टि से PSS(Private Procurement and Stockist Scheme) से काफी मिलती-जुलती है, इसलिये यह प्रायोगिक आधार पर चयनित ज़िलों में PSS/PDPS को प्रतिस्थापित करेगी।
  • जब भी बाज़ार में कीमतें अधिसूचित MSP से नीचे आ जाएंगी तो चयनित निजी एजेंसी PPSS से जुड़े दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए पंजीकृत किसानों से अधिसूचित अवधि के दौरान अधिसूचित बाज़ारों में MSP पर जिंस की खरीदारी करेगी। 
  • यह व्यवस्था तब अमल में लाई जाएगी जब निजी चयनित एजेंसी को बाज़ार में उतरने के लिये राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की सरकार द्वारा अधिकृत किया जाएगा और अधिसूचित MSP के 15 प्रतिशत तक अधिकतम सेवा शुल्क देय होगा।

किसानों के हित में कैबिनेट द्वारा लिये गए अन्य फैसले

न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि :- 

  • सरकार उत्पादन लागत का डेढ़ गुना तय करने के सिद्धांत पर चलते हुए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्यों (MSP) में पहले ही वृद्धि कर चुकी है। 
  • MSP में वृद्धि के कारण राज्य सरकारों के सहयोग से खरीद व्यवस्था को काफी बढ़ावा मिलेगा जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी।

DFPD(Department of Food and Public Distribution) के साथ-साथ कपड़ा मंत्रालय की वर्तमान योजनाओं को जारी रखने का फैसला :- 

  • धान, गेहूँ एवं पोषक अनाजों/मोटे अनाजों की खरीद के लिये खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (Department of Food and Public Distribution- DFPD) की अन्य मौजूदा योजनाओं के साथ-साथ कपास एवं जूट की खरीद के लिये कपड़ा मंत्रालय की अन्य वर्तमान योजनाएँ भी जारी रहेंगी, ताकि किसानों के लिये इन फसलों की MSP सुनिश्चित की जा सके।

खरीद हेतु निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित करने का फैसला :- 

  • कैबिनेट के अनुसार, खरीद परिचालन में प्रायोगिक तौर पर निजी क्षेत्र की भागीदारी भी सुनिश्चित करने की ज़रूरत है, ताकि इस दौरान मिलने वाली जानकारियों के आधार पर खरीद परिचालन में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाई जा सके। 

नया बाज़ार ढाँचा स्थापित करने का प्रयास :- 

  • किसानों के लिये एक नया बाज़ार ढाँचा स्थापित करने के लिये भी प्रयास किये जा रहे हैं, ताकि उनकी उपज का उचित या लाभकारी मूल्य दिलाया जा सके। 
  • इनमें ग्रामीण कृषि बाज़ारों की स्थापना करना भी शामिल है, ताकि खेतों के काफी निकट ही 22,000 खुदरा बाज़ारों को प्रोत्साहित किया जा सके। 

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Mukhyamantri Kisaan Kalyaan Yojana

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  • विवरण
  • क्या है मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना ?
  • मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना अवलोकन
  • मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तथ्य
  • मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की पात्रता
  • मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का उद्देश्य
  • मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ
  • मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज
  • मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए आवेदन कैसे करें

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विवरण

केंद्र और राज्य सरकार किसानों के लिए कई योजना चला रही हैं। जिसके द्वारा कृषकों को आर्थिक सहायता दी जाती है। केंद्र सरकार की एक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना है। इस स्कीम में किसानों को वार्षिक छह हजार रुपये मिलते हैं।

भारत में आज भी किसानी, किसान और किसानों का परिवार हर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के मूल में होते हैं देश में सबसे ज्यादा आबादी इसी वर्ग की है ऐसे में मध्य प्रदेश की सरकार मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना भी राज्य के किसानों के लिए चलाई जा रही है यह योजना राज्य का राजस्व विभाग चलाता है. केंद्र की योजना को राज्य सरकार ने परिवर्तित कर अपने हिसाब से तैयार किया है. इस योजना का आरंभ 22 सिंतबर 2020 को किया गया था.

सरकारी वेबसाइट के अनुसार योजना का उद्देश्य कृषि को लाभ का धंधा बनाए जाने की परिकल्‍पना को पूर्ण करने, कृषि हेतु उन्‍नत तकनीक का उपयोग करने, कृषकों की आय संवर्धन के उद्देश्‍य को पूर्ण करने एवं प्रदेश के किसानों को आत्‍मनिर्भर बनाने हेतु मुख्‍यमंत्री किसान कल्‍याण योजना प्रारंभ की गई.

प्रदेश सरकार भी किसानों के लिए कई स्कीम चला रही है। ऐसे में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भी किसान भाइयों के लिए एक योजना शुरू की गई है। जिसका नाम मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना है। इस सरकारी स्कीम में किसानों को छह हजार रुपए की सहायता दी जाती है।

ऐसे में मध्यप्रदेश के किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से सालाना 12 हजार रुपये मिलते हैं। आइए आगे जानते हैं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के बारे में।

क्या है मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना ?

22 सितबंर 2023 को शिवराज सरकार द्वारा इस योजना की शुरुआत की गई थी। इस स्कीम में पहले चार हजार रुपये की राशि का भुगतान किया जाता था। अब सरकार ने राशि को बढ़ाकर छह हजार रुपये कर दिया है। सीएम किसान कल्याण योजना में मिलने वाली राशि किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

केंद्र सरकार द्वारा देश के सभी किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए सालाना ₹6000 की राशि किसान को केंद्र सरकार की तरफ से किसान सम्मान निधि योजना के नाम पर दी जाती है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा यह घोषित किया गया कि इस योजना में दी जाने वाली राशि काफी कम है जिस वजह से एमपी के किसानों के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना को शुरू किया है।

मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री गरीब कल्याण किसान योजना के तहत अब किसानों को सालाना ₹10000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। किसान सम्मान निधि योजना की तरफ से मिलने वाली 6000 सालाना की राशि को ₹10000 का बनाया गया है। आपको बता दें कि यह सुविधा केवल मध्य प्रदेश के किसानों को दी जा रही है। एमपी के किसानों को किसान सम्मान निधि योजना और किसान कल्याण योजना का पैसा एक साथ मिलेगा जो सीधे उनके बैंक एकाउंट में जाएगा।

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना अवलोकन

योजना का नाम मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना 2023
राज्य मध्य प्रदेश 
उद्देश्य किसान सम्मान निधि योजना की राशि को बढ़ाना
लाभ मध्य प्रदेश के सभी नागरिकों को 
कौन आवेदन कर सकता है मध्यप्रदेश का मूल निवासी किसान
आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन (पटवारी कार्यालय)
अंतिम तिथि  कभी भी आवेदन कर सकते हैं 
आधिकारिक वेबसाइट https://saara.mp.gov.in/

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तथ्य

अगर आप इस महत्वपूर्ण योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो आपको इस योजना से जुड़े कुछ आवश्यक तथ्यों के बारे में मालूम होना चाहिए जिसे नीचे सूचीबद्ध किया गया है –

  • इस योजना को किसान सम्मान निधि योजना के साथ-साथ चलाया जा रहा है।
  • जिस तरह सम्मान निधि योजना का पैसा तीन किस्त में किसान के बैंक अकाउंट में भेजा जाता है उसी तरह किसान कल्याण योजना का पैसा दो किस्त में बैंक अकाउंट में भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की पात्रता

इस योजना में किन किसानों को लाभ मिलेगा इसे समझने के लिए इस योजना की महत्वपूर्ण पात्रता को समझना आवश्यक है जिसे नीचे सूचीबद्ध किया गया है –

  • मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए आवेदन करने वाले किसान की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • इस योजना के लिए आवेदन करने वाले किसान का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना आवश्यक है।
  • आवेदनकर्ता के पास कम से कम 2 हेक्टेयर या उससे ज्यादा भूमि होनी चाहिए।
  • आवेदन करने वाले किसान की सालाना आय ₹200000 या उससे कम होनी चाहिए।
  • इस योजना का लाभ केवल गरीब किसानों को दिया जाएगा ताकि उन्हें खेती के लिए आर्थिक सहायता मिल सके।

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का उद्देश्य

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना को मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा एमपी के सभी गरीब किसानों के लिए शुरू किया गया है। इस महत्वपूर्ण योजना का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना और उन्हें खेती के लिए पर्याप्त राशि प्रदान करना है। कई बार खेती को बरकरार रखने के लिए किसानों को पैसे की जरूरत होती है जिसके लिए किसान कल्याण योजना को शुरू किया गया है।

इस योजना को मुख्य रूप से किसानों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए शुरू किया गया है। यह एक बेहतरीन योजना है जो किसानों को खेती के लिए आर्थिक सुविधा प्रदान करती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय को दोगुना करना और उन्हें खेती के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करवाना है।

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना का लाभ

अगर आप मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए आवेदन कर रहे है तो आपको इस योजना से किस तरह के लाभ होंगे उसे नीचे सूचीबद्ध किया गया है –

  • मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से किसानों को सालाना ₹10000 का लाभ मिलेगा।
  • इस योजना ने सम्मान किसान निधि योजना में ₹4000 की बढ़ोतरी की है।
  • इस योजना की मदद से किसानों की स्थिति और बेहतर हो जाएगी।
  • किसान सम्मान निधि योजना का पैसा तीन किस्त में आता है वह उसी तरह आएगा इसके अलावा किसान कल्याण योजना का पैसा दो अलग किस्त में दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज

अगर आप मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से लाभ उठाना चाहते हैं तो आपको नीचे दिए गए दस्तावेजों की आवश्यकता होगी –

  • मध्य प्रदेश का मूल निवास प्रमाण पत्र 
  • आधार कार्ड 
  • पैन कार्ड 
  • बैंक पास बुक का जेरोक्स 
  • पासपोर्ट साइज फोटो 

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए आवेदन कैसे करें

अगर ऊपर बताई गई सभी जानकारियों को पढ़ने के बाद आप मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो आपको नीचे दिए गए निर्देशों का आदेश अनुसार पालन करना होगा –

Step 1 – सबसे पहले ऑनलाइन मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन फॉर्म डाउनलोड करना है।

Step 2 – आवेदन फॉर्म में दी गई सभी जानकारियों को ध्यान पूर्वक भरना है साथ ही उसमें पूछे गए सभी दस्तावेजों को add कर देना है। 

Step 3 – इसके बाद अपने आवेदन फॉर्म और सभी आवश्यक दस्तावेजों को ग्राम पटवारी के पास जमा कर देना है।

Step 4 – ग्राम पटवारी आपके आवेदन को अप्रूव करवाएगा और उसके बाद आपके दिए गए मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के जरिए आप को सुनिश्चित कर दिया जाएगा।

Note – अगर ऑनलाइन इस योजना का आवेदन फॉर्म नहीं मिल रहा तो अपने इलाके के ग्राम पटवारी कार्यालय से आप आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं।

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Ayushman Sahakar Scheme

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  • आयुष्मान सहकार योजना
  • आयुष्मान सहकार योजना अवलोकन
  • आयुष्मान सहकार योजना के लाभ
  • आयुष्मान सहकार योजना के उद्देश्य
  • आयुष्मान सहकार योजना के पात्रता
  • आयुष्मान सहकार योजना अप्लाइ कैसे करे
  • आयुष्मान सहकार योजना वार्षिक विवरण कैसे देखे ?
  • आयुष्मान सहकार योजना रजिस्टर कैसे करें ?
  • महत्वपूर्ण लिंक

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आयुष्मान सहकार योजना

आयुष्मान सहकार योजना को राष्ट्रीय विकास निगम के द्वारा देश के ग्रामीण क्षेत्रों मे स्वास्थ्य मदद, सुविधाओ के बुनियादि सहायता मे सुधार लाने के लिए शुरू किया जा रहा है।

इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में अस्पताल, मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए सहकारी समितियों को 10000 करोड़ रूपये का कर्ज राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) के द्वारा उपलब्ध कराया जायेगा। इसके साथ साथ अस्पताल, मेडिकल कॉलेज खोलने के बाद अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे ग्रामीण क्षेत्रो के लोगो को बेहतर इलाज मिल सके |

आयुष्मान सहकार योजना के तहत, केंद्र सरकार हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने में सहकारी समितियों को शामिल करेगी | प्यारे दोस्तों आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से योजना से जुडी सभी जानकारी जैसे आवेदन प्रर्किया ,पात्रता ,दस्तावेज़ आदि प्रदान करने जा रहे है।इस योजना के अंतर्गत दिया जाने वाला ऋण रियायती दरों पर राष्ट्रीय कोऑपरेटिव विकास निगम द्वारा मुहैया कराया जायेगा। आयुष्मान सहकार योजना के अंतर्गत NCDC(national cooperative development corporation) के मैनेजिंग एडिटर संदीप नायक ने कहा कि देश में करीब 52 अस्पताल सहकारी समितियों द्वारा संचालित हैं इन अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या 5,000 है।

आयुष्मान सहकार योजना : राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के अनुरूप काम करेगी। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रो की जो सहकारी समितियों अपने इलाके में अस्पताल, मेडिकल कॉलेज खोलना चाहती है तो उन्हें इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना होगा। इस आयुष्मान सहकार योजना के अंतर्गत 1% का ब्याज सबवेंशन महिला-बहुसंख्यक सहकारी समितियों को प्रदान किया जायेगा। ग्रामीण क्षेत्रो में जिस जगह सरकारी सेवाएं उपलब्ध नहीं है। उस जगह पर इस योजना के ज़रिये सरकारी सेवा उपलब्ध कराई जाएगा और ग्रामीण क्षेत्रो के लोगो की स्वास्थ्य संबधी समस्याओ को दूर किया जायेगा।

आयुष्मान सहकार योजना अवलोकन

 एनसीडीसी के प्राथमिक उद्देश्य नीचे दी गयी निम्नलिखित चीजों के लिए कार्यक्रमों की योजना बनाना और उन्हें बढ़ावा देना है। अब एनसीडीसी वित्त पोषण सहकारी समितियों पर ध्यान केंद्रित करेगा जो कोरोनावायरस के समय की जरूरत है। उत्पादन, प्रांसस्करण, विपणन, भंडारण, निर्यात, कृषि उपज का आयात, खाने की चीज़े,औद्योगिक माल, पशु, सहकारी सिद्धांतों पर सेवाएं।

देश में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के उद्देश्य से आयुष्मान सहकार योजना को आरंभ करने का निर्णय लिया गया था।इस योजना के माध्यम से आने वाले वर्षों में सहकारी समितियों को 10000 करोड़ रुपए तक का ऋण प्रदान किया जाएगा।इस योजना के अंतर्गत आयुष्मान कोष को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के माध्यम से उपलब्ध करवाया जाएगा।सभी सहकारी समितियां स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों को करने के लिए उपयुक्त प्रावधान के साथ एनसीडीसी निधि का उपयोग करने में सक्षम होंगी।

सभी संभावित सहकारी समितियों को ₹10000 का ऋण प्रदान किया जाएगा।इस योजना का मुख्य फोकस अस्पतालों की स्थापना और नवीनीकरण स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों का आधुनिकीकरण, विस्तार और मरम्मत और स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विकास होगा।

आयुष्मान सहकार योजना इसके अलावा सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सहकारी समितियों को कार्यशील पूंजी और मार्जिन मनी भी उपलब्ध करवाई जाएगी।महिला बहुसंख्यक सहकारी समितियों को 1% का ब्याज सब्वेशन भी प्रदान किया जाएगा। वर्तमान समय में देशभर में सहकारी समितियों द्वारा संचालित 52 अस्पताल है। जिसकी बेड क्षमता 5000 है। इस योजना के संचालन से अस्पतालों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है।

आयुष्मान सहकार योजना  के तहत ग्रामीण क्षेत्रो को अस्पताल ,मेडिकल कॉलेज के साथ साथ कई इस योजना के अंतर्गत केंद्रीय सरकार मेडिकल और डेंटल कॉलेजों और नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा प्रदान करने वाली शिक्षा पहल का भी समर्थन करेंगे।मगर उन्हें एक सहकारी होना चाहिए। चाहे डॉक्टर एक सहकारी बनाने और फिजियोथेरेपी सेवाओं के साथ एक अस्पताल या केंद्र शुरू करने के लिए एक साथ आते हैं, सरकार उनका समर्थन करने में सक्षम होगा।

आयुष्मान सहकार योजना एनसीडीसी आयुष्मान सहकार सुविधाएं भी प्रदान की जाएगी। सरकार द्वारा प्रदान की जा रही इस आर्थिक सहायता से सहकारी संस्थाएं भी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोल सकेंगी। केंद्र द्वारा किए जाने वाले किसान कल्याण क्रियाकलापों को मजबूत करने की दिशा में यह योजना सहायक होगी।

योजना का नाम आयुष्मान सहकार योजना
अप्लाइ करने का माध्यम Online
उद्देश्य मेडिकल कॉलेज और अस्पताओं की सुविधा प्रदान करना
लाभ भारत के ग्रामीण क्षेत्रों की सहकारी समितियों को 10,000 करोड़ का लोन देना
आधिकारिक वेबसाईट https://www.ncdc.in/

आयुष्मान सहकार योजना के लाभ

आयुष्मान सहकार योजना के फायदे निम्नलिखित इस प्रकार है-

• इस योजना का लाभ ग्रामीण क्षेत्रो के लोगो को ही प्रदान किया जायेगा।

• इस योजना के अंतर्गत सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण इलाकों में अस्पताल, मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए सहकारी समितियों को 10000 करोड़ रूपये का कर्ज राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के द्वारा मुहैया कराया जायेगा।

• ग्रामीण क्षेत्रो में अस्पताल, मेडिकल कॉलेज खोलने से ग्रामीण इलाको का विकास होगा।

• आयुष्मान सहकार योजना के अंतर्गत सरकारी समिति केवल NCDC से ही ऋण प्राप्त कर सकते है।

• 9.6 फीसदी की ब्याज दर पर एलोपैथी या आयुष अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, लैब, डाग्यनोस्टिक सेंटर, दवा केंद्र आदि खोलने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जायेगा।

आयुष्मान सहकार योजना के उद्देश्य

आयुष्मान सहकार योजना के उद्देश्य निम्नलिखित इस प्रकार है-

  • जैसे की आप सभी लोग जानते है देश में चल रही कोरोना महामारी की वजह से हमारा भारत देश बहुत प्रभावित हुआ है। जिसकी वजह से देश ग्रामीण क्षेत्रो में स्वास्थ्य को लेकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इस समस्या को देखते हुएकेंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाको में अस्पताल, मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए इस आयुष्मान सहकार योजना को लॉन्च किया है।
  • आयुष्मान सहकार  योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय कोऑपरेटिव विकास निगम द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो में सहकारी संस्थाओं को  मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के लिए सरकार द्वारा ऋण मुहैया करना। आयुष्मान सहकार की उपस्थिति के साथ, सहकारी समितियां पूरी तरह से देखभाल प्रदाताओं के रूप में पूर्ण रूप से सक्षम हो जाएंगी। मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों के खुलने से गांव के लोगो को बेहतर इलाज मिल सकेगा।

आयुष्मान सहकार योजना के पात्रता

आयुष्मान सहकार योजना के पात्रता निम्नलिखित इस प्रकार है-

  • किसी भी राज्य / बहु राज्य सहकारी समितियों के तहत पंजीकृत कोई सहकारी समिति
  • देश में अधिनियम, उप-कानूनों में उपयुक्त प्रावधान के साथ संबंधित सेवाएं शुरू करने के लिए अस्पताल / स्वास्थ्य सेवा / स्वास्थ्य शिक्षा, वित्तीय सहायता विषय के लिए पात्र होंगे
  • आयुष्मान सहकार  योजना के तहत दिशानिर्देशों को पूरा करना।
  • एनसीडीसी सहायता राज्य सरकारों / केंद्रशासित प्रदेशों के माध्यम से प्रदान की जाएगी
  • प्रशासनों या सीधे सहकारी समितियों के लिए जो एनसीडीसी डायरेक्ट फंडिंग को पूरा करते हैं
  • भारत सरकार / राज्य की अन्य योजनाओं या कार्यक्रमों से संबंधित सरकार / अन्य वित्तपोषण एजेंसी की अनुमति है।

आयुष्मान सहकार योजना अप्लाइ कैसे करे

आयुष्मान सहकार योजना को अप्लाइ करने का तरीका निम्नलिखित इस प्रकार है-

  • सबसे पहले आयुष्मान सहकार योजना की अफिशल वेबसाईट https://www.ncdc.in/ पर जाए।
  • ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा। इस होम पेज पर आपको नीचे Rate Of Interest का विकल्प दिखाई देगा।
  • आपको इस विकल्प पर क्लिक करना होगा। विकल्प पर क्लिक करने के बाद आपके सामने रेट ऑफ इन्टरिस्ट की पीडीएफ़ खुल कर आ जाएगी आप इस पीडीएफ में ब्याज की दर देख सकते है।
  • इस होम पेज पर आपकोCommon Loan Application Form (कॉमन लोन ऐप्लकैशन फॉर्म)  का ऑप्शन दिखाई देगा। आपको इस ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने अगला पेज खुल जायेगा।
  • इस पेज पर आपको पूछी गयी सभी जानकारी जैसे गतिविधि / ऋण का उद्देश्य,लोन का प्रकार आदि का चयन करना होगा।
  • सभी जानकारी भरने के बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा।

आयुष्मान सहकार योजना वार्षिक विवरण कैसे देखे ?

आयुष्मान सहकार योजना की वार्षिक विवरण देखने की विधि इस प्रकार है-

  • सबसे पहले आपको ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा।
  • इस होम पेज पर आपको नीचे एनुअल रिपोर्ट का विकल्प दिखाई देगा। आपको इस विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • विकल्प पर क्लिक करने के बाद आपके सामने वार्षिक विवरण पीडीएफ़ खुल कर आ जाएगी आप इस पीडीएफ में आसानी से वार्षिक विवरण देख सकते है।

आयुष्मान सहकार योजना रजिस्टर कैसे करें ?

आयुष्मान सहकार योजना सबसे पहले आपको राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा। ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा।

  • इस होम पेज पर आपको नीचे एन सी डी सी ऐक्टिविटी (NCDC Activities)का सेक्शन दिखाई देगा। आपको इस सेक्शन में से सहकार मित्रा का ऑप्शन दिखाई देगा आपको इस विकल्प पर क्लिक करना होगा।
  • विकल्प पर क्लिक करने के बाद आपके सामने अगले पेज पर रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुलकर आ जायेगा। इस रजिस्ट्रेशन में पूछी गयी सभी जानकारी जैसे नाम ,ईमेल आईडी , डेट ऑफ़ बर्थ, मोबाइल नंबर आदि भरना होगा।
  • सभी जानकारी भरने के बाद आपको रजिस्टर के बटन पर क्लिक करना होगा इस तरह आपका रजिस्ट्रेशन हो जायेगा और अगर आप पहले से रजिस्टर है तो आपको already register के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने लॉगिन फॉर्म खुल जायेगा इस फॉर्म में आपको यूजरनाम और पासवर्ड आदि भरना होगा। उसके बाद आपको लॉगिन के बटन पर क्लिक करना होगा।

महत्वपूर्ण लिंक

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आवेदन पंजीकृत करने के लिए लिंक Click here
लॉगिन लिंक Click here
आधिकारिक वेबसाइट Click here

 

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Fertilizer Subsidyसरकार उर्वरक उत्पादकों की सब्सिडी का भुगतान करती है ताकि किसानों को बाज़ार दर से कम मूल्य पर उर्वरक खरीदने की अनुमति मिल सके….Click Here Seed Subsidy Schemeमुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना में 30-50 किसानों का समूह बनाया जाता है, जिन्हें आरएसएससी के माध्यम से फ्री बीज मिलते हैं. सामान्य किसानों को भी बीजों पर 50% तक अनुदान दिया जाता है…Click HereMukhyamantri Kisaan Kalyaan Yojanaमध्य प्रदेश की सरकार मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना भी राज्य के किसानों के लिए चलाई जा रही है यह योजना राज्य का राजस्व विभाग चलाता है. केंद्र की योजना को राज्य सरकार ने परिवर्तित कर अपने हिसाब से तैयार किया है. इस योजना का आरंभ 22 सिंतबर 2020 को किया गया था…Click Here
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Mission Amrit Sarovar

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  • मिशन अमृत सरोवर
  • परिचय
  • प्रगति एवं उपलब्धियाँ
  • राज्य-विशिष्ट चुनौतियाँ और प्रगति
  • संसाधन अंतराल को कम करना
  • स्थानीय भागीदारी को प्रोत्साहित करना
  • सहयोग के माध्यम से जल सुरक्षा

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मिशन अमृत सरोवर

हाल ही में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विभिन्न क्षेत्रों में जल सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई पहल मिशन अमृत सरोवर के कार्यान्वयन में हुई प्रगति के बारे में जानकारी प्रदान की है।

परिचय

  • 24 अप्रैल, 2022 को स्वतंत्रता के 75वें वर्ष पर भारत की “आज़ादी का अमृत महोत्सव” समारोह के हिस्से के रूप में मिशन अमृत सरोवर लॉन्च किया गया था।
  • इस मिशन का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की समस्या को दूर करने के लिये भारत के प्रत्येक ज़िले में कम-से-कम 75 अमृत सरोवरों का निर्माण/पुनरुद्धार करना है।
  • इन जल निकायों का लक्ष्य स्थानीय स्तर पर जल स्थिरता सुनिश्चित करना है।
  • आठ केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों का मिशन के कार्यान्वयन में सक्रिय योगदान है, जिनमें ग्रामीण विकास विभाग, भूमि संसाधन विभाग, पेयजल और स्वच्छता विभाग, जल संसाधन विभाग, पंचायती राज मंत्रालय, वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, रेल मंत्रालय, सड़क, परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय शामिल हैं
  • भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग और भू-सूचना विज्ञान संस्थान (Bhaskaracharya National Institute for Space Application and Geo-informatics- BISAG-N) को मिशन का तकनीकी भागीदार बनाया गया है।
    • BISAG-N 1860 के सोसायटी पंजीकरण अधिनियम (Societies Registration Act) के तहत पंजीकृत एक स्वायत्त वैज्ञानिक सोसायटी है। यह इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत आती है।
  • भू-स्थानिक डेटा और प्रौद्योगिकी अमृत सरोवर के निर्माण और कायाकल्प की पहचान करने तथा उसे क्रियान्वित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • प्रगति एवं उपलब्धियाँ

    • अब तक पहचाने गए 1 लाख से अधिक अमृत सरोवरों में से 81,000 से अधिक अमृत सरोवरों का काम शुरू हो चुका है तथा कुल 66,000 से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण/पुनरुद्धार किया जा चुका है।
    • 50,000 अमृत सरोवरों ने राष्ट्रीय लक्ष्य पूरा कर लिया है, जो मिशन के समर्पण तथा प्रभावकारिता को दर्शाता है।

    राज्य-विशिष्ट चुनौतियाँ और प्रगति

    • कई राज्यों ने प्रति ज़िले 75 अमृत सरोवरों के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में सराहनीय प्रगति की है।
    • जबकि पश्चिम बंगाल, पंजाब, तेलंगाना, केरल, तमिलनाडु, हरियाणा, बिहार और राजस्थान जैसे कुछ राज्य दृढ़ संकल्प के साथ इस लक्ष्य को पूरा करने के कार्य में संलग्न हैं।

    संसाधन अंतराल को कम करना

    • अमृत सरोवर मिशन अपने उद्देश्यों को साकार करने के लिये विभिन्न मौजूदा योजनाओं और वित्तीय अनुदान का लाभ उठाता है।
    • इस मिशन की सफलता के लिये संसाधन जुटाने हेतु महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियमप्रधानमंत्री किसान संपदा योजना व उप-योजनाओं और राज्य-विशिष्ट पहलों को शामिल किया गया है।

    स्थानीय भागीदारी को प्रोत्साहित करना

    • गैर-सरकारी संसाधनों के साथ यह मिशन नागरिक जुड़ाव और सहयोग को प्रोत्साहित करता है।
    • सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देकर यह पहल उद्देश्य की पूर्ति के लिये अतिरिक्त समर्थन जुटाने का प्रयास करती है।

    सहयोग के माध्यम से जल सुरक्षा

    • सरकारी एजेंसियों, तकनीकी भागीदारों और स्थानीय लोगों के बीच सहयोग इस मिशन की पहचान है जो जल सुरक्षा के बहुमुखी दृष्टिकोण पर बल देता है।
    • इस मिशन का उद्देश्य जल के आस-पास के प्राकृतिक परिवेश को बदलना, आजीविका में सुधार करना और भावी पीढ़ियों के लिये जल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

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    Rashtriya Gokul Mission (RGM)

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    • राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम)
    • उद्देश्य
    • निधियन पैटर्न
    • आरजीएम के घटक
    • योजना के दिशानिर्देश

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    राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम)
    उद्देश्य
    निधियन पैटर्न
    आरजीएम के घटक
    योजना के दिशानिर्देश
    राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम)

    देसी बोवाइन नस्लों के विकास और संरक्षण के लिए दिसंबर 2014 से राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) लागू किया जा रहा है। यह योजना दूध की बढ़ती मांग को पूरा करने और देश के ग्रामीण किसानों के लिए डेयरी को अधिक लाभकारी बनाने के लिए दूध उत्पादन और बोवाइन की उत्पादकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। यह योजना 2400 करोड़ रुपये के बजट परिव्यय के साथ 2021 से 2026 तक अम्ब्रेला योजना राष्ट्रीय पशुधन विकास योजना के तहत भी जारी है। आरजीएम के परिणामस्वरूप उत्पादकता में वृद्धि होगी और कार्यक्रम का लाभ भारत के सभी गोपशुओं और भैंसों, विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के गोपशुओं और भैंसों तक पहुंचेगा। इस कार्यक्रम से विशेष रूप से महिलाओं को भी लाभ होगा क्योंकि पशुधन पालन में 70% से अधिक कार्य महिलाओं द्वारा किए जाते हैं।

    उद्देश्य

    • क) उन्नत प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके धारणीय तरीके से बोवाइनों की उत्पादकता और दूध उत्पादन को बढ़ाना।
    • ख) प्रजनन उद्देश्यों के लिए उच्च आनुवंशिक गुणता वाले सांडों के उपयोग का प्रचार करना।
    • ग) प्रजनन नेटवर्क को मजबूत करके और किसानों के द्वार पर कृत्रिम गर्भाधान सेवाएं प्रदान करके कृत्रिम गर्भाधान कवरेज को बढ़ाना।
    • घ) वैज्ञानिक और समग्र तरीके से देसी गोपशुओं और भैंसों के पालन और संरक्षण को बढ़ावा देना।

    निधियन पैटर्न

    निम्नलिखित घटकों के अलावा योजना के सभी घटकों को 100% सहायता-अनुदान के आधार पर लागू किया जाएगा :

    i) त्वरित नस्ल सुधार कार्यक्रम घटक के तहत प्रति आईवीएफ गर्भावस्था 5000 रुपये की सब्सिडी भाग लेने वाले किसानों को भारत सरकार के हिस्से के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी :

    ii) सैक्स सॉर्टेड सीमन को बढ़ावा देने संबंधी घटक के तहत सैक्स सॉर्टेड सीमन की लागत के 50% तक सब्सिडी,भाग लेने वाले किसानों को उपलब्ध करायी जाएगी 

    iii) नस्ल वृद्धि फार्म की स्थापना घटक के तहत परियोजना की पूंजीगत लागत के 50% तक अधिकतम 2 करोड़ रुपये घटक तक थी सब्सिडी उद्यमी के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।  

    आरजीएम के घटक

    1. उच्च आनुवंशिक गुणता वाले जर्मप्लाज्म की उपलब्धता :

    क. सांड उत्पादन कार्यक्रम

    संतति परीक्षण

    नस्ल /जाति चयन

    जीनोमिक चयन

    जर्मप्लाज्म का आयात

     ख. सीमनस्टेशनों को सहायता मौजूदा सीमन स्टेशनों का सुदृढ़ीकरण।

    ग. आईवीएफ प्रौद्योगिकी का कार्यान्वयन

    • आईवीएफ प्रयोगशालाएं
    • इन विट्रो भ्रूण उत्पादन प्रौद्योगिकी का कार्यान्वयन
    • सुनिश्चित गर्भावस्था पाने के लिए आईवीएफ तकनीक का कार्यान्वयन
    • घ. नस्ल वृद्धि फार्म

    2. कृत्रिम गर्भाधान नेटवर्क का विस्तार

      • क. मैत्री की स्थापना
      • ख. राष्ट्रव्यापी एआई कार्यक्रम
      • ग. सुनिश्चित गर्भावस्था पाने के लिए सेक्स सॉर्टेडसीमेन का उपयोग करना
      • घ. राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन (पशुधन) का कार्यान्वयन

    3. देशी नस्लों का विकास और संरक्षण

        • क. गौशालाओं, गोसदनों और पिंजरापोलों को सहायता
        • ख. राष्ट्रीय कामधेनु आयोग का प्रशासनिक व्यय/संचालन

    4. कौशल विकास
    5. किसान जागरूकता
    6. बोवाइन प्रजनन में अनुसंधान विकास और नवाचार

    योजना के दिशानिर्देश

    योजना के दिशानिर्देश :-

    क्र.सं. शीर्षक आदेश संख्या। दिनांक डाउनलोड फ़ाइल
    1 विभाग द्वारा पूर्व-प्रकाशित वीर्य नियम, 2022 के माध्यम से फैलने वाले संक्रामक और संक्रामक रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए वीर्य स्टेशनों के लिए न्यूनतम मानक प्रोटोकॉल शीर्षक वाले ड्राफ्ट नियमों के संबंध में| N-05/15/2022-AHDF-Deptt 30.01.2023 application/pdfblank.pdf
    2 मवेशियों और भैंसों में सेक्सड सीमेन (एबीआईपी-आईवीएफ-ईटी) का उपयोग करके उत्पादित आईवीएफ भ्रूण के साथ गर्भधारण स्थापित करने के लिए त्वरित नस्ल सुधार कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए अल्ट्रासाउंड मशीनों की आवाजाही के लिए दिशानिर्देश N-04003/9/2021_Cattle Div 21.07.2022 application/pdfDO CS IVF_0001.pdf
    3 राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम चरण III के कार्यान्वयन पर दिशानिर्देशों पर 11 OM 1 अगस्त 2021 से शुरू हुआ N-04003/26/2021/CDD (FTS- 19793) 23.09.2021 application/pdfOM on updated action plan NAIP III (1)_2.pdf
    4 राष्ट्रीय गोकुल मिशन के 2021-22 से 2025-26 तक संशोधित एवं पुनर्गठित विभिन्न घटकों के क्रियान्वयन हेतु प्रशासनिक स्वीकृ N-05/112021-DADF-Dept (FTS-20057) 03.09.2021 application/pdfAA & updated operational guidelines on RGM 2021.pdf
    5 आईएनएएचपी डाटा बेस पर एआई करने वाले एआई तकनीशियन/प्रगतिशील किसानों का पंजीकरण L-110102(1)/9/2019-Trade 21.09.2021 application/pdfINAPH Registration.pdf
    6 देश में लिंग क्रमबद्ध वीर्य उत्पादन सुविधाओं द्वारा उत्पादित लिंग क्रमबद्ध वीर्य स्ट्रॉ की पहचान 3-252/2018-AHT (RGM) 10.01.2020 application/pdfRegarding Order for Sex Sorted Semen Production.pdf
    7 आरजीएम के तहत स्थापित की जा रही आईवीएफ प्रयोगशालाओं की सहायता के लिए डॉ श्याम जावर को राष्ट्रीय परामर्शदाता के रूप में नियुक्त किया गया। N-05/1{2021-DADF-Dept 25.10.2021 application/pdfEngagement of Shyam Zawar as National Mentor (1).pdf
    8 देश में आईवीएफ प्रयोगशालाओं के मूल्यांकन/प्रत्यायन के लिए कोर कमेटी का गठन। 3-4/2018-AHT(RGM) 23.12.2021 application/pdfconstitution of cmu (1).pdf
    9 टैगिंग के बाद कान के संक्रमण पर राज्यों को परामर्श 3-101/2018-AHT(RGM) 28.09.2020 application/pdfAdvisory to States on ear infections post tagging.pdf
    10 31 जुलाई 2022 तक राष्ट्रव्यापी कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम चरण- III का दूसरा विस्तार। N/2/2021-DADF-Dept. 27.05.2022 application/pdfNAIP Extension.pdf

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