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आप सभी लोग जानते हैं कि हमारे देश में किसानों की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वह अपने भंडारण बना सकें। इसी बात को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने ग्रामीण भंडारण योजना आरंभ की है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से ग्रामीण भंडारण योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने जा रहे हैं। जैसे ग्रामीण भंडारण योजना क्या है? इसका उद्देश्य, विशेषताएं, लाभ, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया आदि तो दोस्तों यदि आप ग्रामीण भंडारण योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आपको हमारे इस लेख को अंत तक पढ़ना होगा।

कई बार ऐसा होता है की फसल को सुरक्षित ना रख पाने के कारण किसानों को अपनी फसल को कम दामों में बेचना पड़ता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ग्रामीण भंडारण योजना आरंभ की है। इस योजना के अंतर्गत किसानों की फसल को सुरक्षित रखने के लिए भंडारण का निर्माण किया जाएगा। भंडारण का निर्माण किसान खुद भी कर सकते हैं तथा किसानों से जुड़े संस्थाएं भी कर सकती है। इस योजना में किसानों को भंडार गृह का निर्माण करने के लिए लोन प्रदान किया जाएगा तथा लोन पर सब्सिडी भी दी जाएगी।

ग्रामीण भंडारण योजना

इस योजना के अंतर्गत क्षमता का निर्णय उद्यमी द्वारा किया जाएगा। लेकिन सब्सिडी प्राप्त करने के लिए गोदाम की क्षमता न्यूनतम 100 टन होनी चाहिए और अधिकतम 30,000 टन होनी चाहिए। यदि क्षमता 30,000 टन से ज्यादा है या फिर 100 टन से कम है तो इस योजना के अंतर्गत सब्सिडी नहीं दी जाएगी। कुछ विशेष मामले में 50 टन क्षमता तक पर भी सब्सिडी प्रदान की जाएगी। पर्वतीय क्षेत्रों में 25 टन क्षमता वाले ग्रामीण गोदाम को भी सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत लोन चुकाने की अवधि 11 साल है।

ग्रामीण भंडारण योजना का विवरण

योजना का नाम ग्रामीण भंडारण योजना
किस ने लांच की केंद्र सरकार
लाभार्थी किसान
उद्देश्य किसानों को भंडार ग्रह प्रदान करना।
साल 2023
आधिकारिक वेबसाइट https://www.nabard.org/

ग्रामीण भंडारण योजना के अंतर्गत सब्सिडी मिलने का आधार

  • प्लेटफार्म
  • भीतरी सड़क
  • चार दिवारी
  • गुणवत्ता प्रमाणन
  • पैकेजिंग
  • ग्रेडिंग
  • अतिरिक्त जल निकासी प्रणाली का निर्माण
  • गोदाम में निर्माण की पूंजी लागत
  • वेयरहाउसिंग सुविधाएं आदि

ग्रामीण भंडारण योजना का उद्देश्य

ग्रामीण भंडारण योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों के लिए भंडार ग्रह का निर्माण करना है। जिससे कि किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सके और वह अपनी फसल को कम दामों में बेचने के लिए मजबूर ना हो। इस योजना के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा और उन्हें परेशानियों का सामना भी नहीं करना पड़ेगा।

ग्रामीण भंडारण योजना के लाभार्थी

  • किसान
  • कृषक/उत्पादक समूह
  • प्रतिष्ठान
  • गैर सरकारी संगठन
  • स्वयं सहायता समूह
  • कंपनियां
  • निगम
  • व्यक्ति
  • सरकारी संगठन
  • परिसंघ
  • कृषि उपज विपण समिति

ग्रामीण भंडारण योजना के अंतर्गत सब्सिडी कि दरें

  • एससी/एसटी उद्यमी तथा इन समुदायों से संबंधित संगठन या फिर पूर्वोत्तर राज्य, पर्वतीय क्षेत्र में स्थित जगह पर परियोजना की पूंजी लागत का एक तिहाई हिस्सा सब्सिडी के रूप में प्रदान किया जाएगा। जिसकी अधिकतम सीमा तीन करोड़ रुपए है।
  • 25% तक की सब्सिडी परियोजना की पूंजी पर प्रदान की जाएगी यदि निर्माण कराने वाला व्यक्ति किसान है या फिर किसान ग्रेजुएट है या फिर किसी सहकारी संगठन से संबंध रखता है। इस स्थिति में अधिकतम राशि 2.25 करोड़ होगी।
  • अन्य सभी श्रेणियों में व्यक्ति, कंपनियों और निगम आते हैं जिसमें परियोजना पूंजी की लागत का 15% सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस स्थिति में अधिकतम राशि 1.35 करोड़ रुपए है।
  • यदि गोदाम का जीर्णोद्धार एनसीडीसी की सहायता से किया जाएगा तो लागत का 25% सब्सिडी के रूप में प्रदान किया जाएगा।

ग्रामीण भंडारण योजना के अंतर्गत परियोजना की पूंजी लागत

  • 1000 टन क्षमता के गोदाम के लिए:- बैंक द्वारा प्रदान की गई मुलयांकित परियोजना लागत या वास्तविक लागत या फिर 3500 रुपए प्रति टन इन में से जो भी कम है।
  • 1000 टन से ज्यादा क्षमता वाले गोदाम:- बैंक द्वारा प्रदान की गई मूल्यांकन परियोजना लागत या फिर वास्तविक लागत या फिर 1500 रुपए प्रति टन इनमें से जो भी कम हो।

ग्रामीण भंडारण योजना के मुख्य तथ्य

  • गोदाम में कुछ सुविधाएं जैसे की पक्की सड़क, जल निकासी की व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, समान लाने उतारने की व्यवस्था आदि होना अनिवार्य है।
  • सभी रोशनदान तथा खिड़कियां पक्षियों से सुरक्षित होनी चाहिए।
  • सारे दरवाजे, खिड़कियां वायु अवरोधक होनी चाहिए।
  • गोडाउन कीटाणुओं से सुरक्षित होना चाहिए।
  • भंडार गृह का निर्माण सीपीडब्ल्यूडी या फिर सीपीडब्ल्यूडी- के के दिशा निर्देशों के अनुसार होना चाहिए।
  • अपनी मर्जी से कहीं भी भंडार ग्रह का निर्माण कर सकता है।
  • ग्रामीण भंडारण योजना के अंतर्गत आवेदक को गोदाम के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है।
  • भंडार ग्रह 1000 टन से ज्यादा है तो उससे सीडब्ल्यूसी से मान्यता प्राप्त करनी जरूरी है।
  • गोदाम की ऊंचाई 4-5 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए।
  • इस योजना के अंतर्गत गोदाम इंजीनियरिंग मानकों के अनुसार बनना चाहिए।
  • ग्रामीण भंडारण योजना के अंतर्गत आवेदक को वैज्ञानिक भंडारण का निर्माण करना होगा।
  • इस योजना के अंतर्गत आवेदक के पास खुद की जमीन होना अनिवार्य है।
  • गोदाम की क्षमता का निर्णय इस योजना के अंतर्गत आवेदन पर निर्भर किया गया है।
  • गोदाम नगर निगम की सीमा क्षेत्र से बाहर होना अनिवार्य है।

ग्रामीण भंडारण योजना के अंतर्गत आने वाले बैंक

  • अर्बन कोऑपरेटिव बैंक
  • रीजनल रूरल बैंक
  • कमर्शियल बैंक
  • नॉर्थ ईस्टर्न डेवलपमेंट फाइनेंस कॉरपोरेशन
  • स्टेट कोऑपरेटिव एग्रीकल्चरल एंड रूरल डेवलपमेंट बैंक
  • स्टेट कोऑपरेटिव बैंक
  • एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट फाइनेंस कमेटी

ग्रामीण भंडारण योजना के दस्तावेज़ ( पात्रता )

  • इस योजना का लाभ किसान तथा कृषि से जुड़े संगठन उठा सकते हैं
  • योजना का पात्र होने के लिए आवेदक को भारत का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है
  • आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • बैंक अकाउंट डिटेल्स
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • निवास प्रमाण पत्र

ग्रामीण भंडारण योजना के अंतर्गत आवेदन करने की प्रक्रिया

  • ग्रामीण भंडारण योजना
    • अब आपके सामने होम पेज खुल कर आएगा।
    • होम पेज पर आपको अप्लाई नाउ के बटन पर क्लिक करना होगा।
    • अब आपके सामने आवेदन फॉर्म खुलकर आएगा।
    • आपके इस आवेदन फॉर्म में पूछी गई सभी जानकारी दर्ज करनी होगी।
    • इसके पश्चात आपको सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को अटैच करना होगा।
    • अब आपको सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा।
    • इस प्रकार आप ग्रामीण भंडारण योजना के अंतर्गत आवेदन कर पाएंगे।

संपर्क जानकारी

हमने अपने इस लेख के माध्यम से आपको ग्रामीण भंडारण योजना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर दी है। यदि आप अभी भी किसी प्रकार की समस्या का सामना कर रहे हैं तो आप हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करके या फिर ईमेल के माध्यम से अपनी समस्या का समाधान कर सकते हैं। हेल्पलाइन नंबर तथा ईमेल आईडी कुछ इस प्रकार है।

Helpline Number- 022-26539350

Email [email protected]