हरियाणा मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता प्रोत्साहन योजना

Table Of Content

  • मुख्य बातें
  • योजना के बारे मे
  • ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर
  • योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ
  • पात्रता
  • पात्रता
  • लाभ लेने की प्रक्रिया
  • आधिकारिक वेबसाइट

Table of Contents

Search

मुख्य बातें

 

  • हरियाणा सरकार अंत्योदय परिवार से सम्बन्ध रखने वाले डेयरी संचालकों को मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता प्रोत्साहन योजना के तहत निम्नलिखित लाभ प्रदान करेगी :-
    • 10/- रूपये प्रति लीटर अधिक की प्रोत्साहन राशि।
    • मिल्क यूनियन में दूध बेचने पर मिलेगा लाभ।
    • मिल्क यूनियन के प्रति लीटर दूध के दाम से 10/- रूपये प्रति लीटर लाभार्थियों को अधिक देय।

योजना के बारे मे

  • करनाल में एक रैली को सम्बोधित करते हुवे हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी और भारत के गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने अंत्योदय परिवारों के लिए नयी योजनाओं के संचालन की घोषणा की।
  • हरियाणा प्रदेश के पशुपालकों और डेरी संचालकों को लाभ पहुँचाने और उनको दूध की सही कीमत प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा “मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता प्रोत्साहन योजना” की शुरुआत की जाएगी।
  • जैसा की नाम से ही ज्ञात हो रहा यह योजना केवल हरियाणा के अंत्योदय परिवार को लाभ पहुँचाने के लिए शुरू की जाएगी।
  • मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता प्रोत्साहन योजना में ऋण ले कर मिनी दुग्ध डेयरी खोलने पर दूध बेचने पर वास्तविक मूल्य पर प्रोत्साहन दिया जायेगा।
  • दूध के वास्तविक मूल्य पर प्रोत्साहन राशि केवल तभी देय होगी जब लाभार्थी अपनी डेयरी के दूध को मिल्क यूनियन को बेचेगा।
  • मिल्क यूनियन में दूध बेचने पर लाभार्थी को हरियाणा मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता प्रोत्साहन योजना के तहत दूध के वास्तविक मूल्य पर 10/- रूपये प्रति लीटर अधिक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
  • यानि अंत्योदय परिवार के डेयरी संचालकों को अब दुध अपनी डेयरी का दूध वास्तविक दूध के मूल्य से अधिक दाम पर बेच सकते है।
  • हरियाणा मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता योजना में दी जाने वाले 10/- रूपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि लाभार्थी को केवल 1 वर्ष के लिए ही देय होगी।
  • योजना में प्रोत्साहन राशि का लाभ लेने के लिए लाभार्थी को अपनी डेयरी के दूध को मिल्क यूनियन में बेचना अनिवार्य होगा।
  • दूध के वास्तविक मूल्य पर प्रोत्साहन राशि का लाभ केवल अंत्योदय परिवार से सम्बन्ध रखने वाला व्यक्ति ही ले सकता है।
  • फिलहाल सरकार द्वारा मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता प्रोत्साहन योजना की घोषणा मात्रा की गयी है।
  • जल्दी ही योजना के आधिकारिक दिशानिर्देश, आवेदन की प्रक्रिया व अन्य पात्रता जारी की जाएँगी।
  • जैसे ही हमें हरियाणा मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता प्रोत्साहन योजना के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त होगी हम यहाँ अपडेट कर देंगे।

ग्राहक देखभाल फ़ोन नंबर

  • हरियाणा मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता प्रोत्साहन योजना का संपर्क विवरण जल्दी ही जारी किया जायेगा।
योजना का अवलोकन
योजना का नाम हरियाणा मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता प्रोत्साहन योजना।
आरंभ वर्ष 2023.
लाभ 10/- रूपये प्रति लीटर अधिक दूध का मूल्य दिया जायेगा।
लाभार्थी अंत्योदय परिवार के डेयरी संचालक।
नोडल विभाग पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा।
आवेदन का तरीका आवेदन पत्र द्वारा।

योजना के अंतर्गत मिलने वाले लाभ

 

  • हरियाणा सरकार अंत्योदय परिवार से सम्बन्ध रखने वाले डेयरी संचालकों को मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता प्रोत्साहन योजना के तहत निम्नलिखित लाभ प्रदान करेगी :-
    • 10/- रूपये प्रति लीटर अधिक की प्रोत्साहन राशि।
    • मिल्क यूनियन में दूध बेचने पर मिलेगा लाभ।
    • मिल्क यूनियन के प्रति लीटर दूध के दाम से 10/- रूपये प्रति लीटर लाभार्थियों को अधिक देय।

पात्रता

  • हरियाणा मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता प्रोत्साहन योजना में लाभ लेने हेतु आवेदकों के लिए हरियाणा सरकार ने निम्नलिखित पात्रता की शर्तें निर्धारित की है :-
    • आवेदक हरियाणा का निवासी होना चाहिए।
    • आवेदक ने ऋण ले कर मिनी दुग्ध डेयरी की शुरुआत की हो।
    • आवेदक अंत्योदय परिवार से सम्बन्ध रखता हो।
    • आवेदक मिल्क यूनियन में दूध बेचने का इच्छुक हो।

लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता प्रोत्साहन योजना में आवेदन करते समय लाभार्थी को निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी :-
    • परिवार पहचान पत्र।
    • अंत्योदय कार्ड।
    • आधार कार्ड।
    • मोबाइल नम्बर।
    • आय प्रमाण पत्र।
    • मिल्क यूनियन में पंजीकरण संख्या।

लाभ लेने की प्रक्रिया

  • दिनांक 02-11-2023 को हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी और भारत के गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता प्रोत्साहन योजना शुरू करने की घोषणा की थी।
  • मिली जानकारी के अनुसार अभी ये स्पष्ट नहीं है की योजना में आवेदन ऑनलाइन आवेदन पत्र के माध्यम से स्वीकार्य किये जायेंगे या ऑफलाइन आवेदन पत्र के माध्यम से।
  • जल्दी ही हरियाणा सरकार द्वारा योजना के आधिकारिक दिशानिर्देश जारी किये जायेंगे।
  • उन्ही दिशानिर्देश में मुख्यमंत्री अंत्योदय दुग्ध उत्पादन सहकारिता प्रोत्साहन योजना के आवेदन की प्रक्रिया भी स्पष्ट की जाएगी।
  • जैसे ही हमें योजना के बारे में अधिक जानकारी मिलेगी हम इस पेज को अपडेट कर देंगे।

आधिकारिक वेबसाइट
पशुपालन एवं डेयरी विभाग, हरियाणा।
Posts

फसल अवशेष प्रबंधनयोजना की पहली शर्त यही होगी कि लाभार्थी को हरियाणा का होना चाहिए. लाभार्थी हरियाणा का होने के बाद वह मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण(registration on meri fasal mera byora portal) करेगा. पंजीकरण करने के बाद लाभार्थी का आधार कार्ड और बैंक खाते का विवरण भरना होगा.Click Here राष्ट्रीय हरित भारत मिशन या ग्रीन इंडिया मिशन हरित भारत मिशन या ग्रीन इंडिया (GIM) मिशन स्पष्ट रूप से परिभाषित लक्ष्यों, पैमानों, कार्यान्वयन समय और मील के पत्थर के साथ-साथ मात्रात्मक परिणाम और सेवा स्तरों वाली एक परियोजना है, जो सामान्यतः एक “मिशन मोड” परियोजना होती है…Click Hereमुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजनाबागवानी फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए हरियाणा सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत किसानों को प्रति एकड प्रीमीयम राशि 2.5 प्रतिशत सब्जियों मसालों के लिए 750 रूपये …Click Here
Previous slide
Next slide

Read More

फसल अवशेष प्रबंधन

Table Of Content

  • फसल अवशेष प्रबंधन
  • प्रोत्साहन राशि
  • प्रबंधन प्रशिक्षण
  • हरियाणा का धुआं ही घोटता है दिल्ली-यूपी का दम ?

Search

फसल अवशेष प्रबंधन
प्रोत्साहन राशि
प्रबंधन प्रशिक्षण
हरियाणा का धुआं ही घोटता है दिल्ली-यूपी का दम ?
फसल अवशेष प्रबंधन

फसलों की कटाई के बाद कई किसान खेतों में बचे अवशेषों में किसान आग लगा देते हैं पराली के इसी धुएं में लोगों की सांस फूलने लगती है कार्बन के कण वाला यहीं धुआं स्मॉग के रूप में हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, दिल्ली को अपनी जद में ले लेता है अब उसी पराली से निपटने के लिए हरियाणा सरकार किसानों को प्रोत्साहन धनराशि देगी । हरियाणा सरकार ने यह कवायद फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम के अंतर्गत सीटू व एक्स सीटू मैनेजमेंट के तहत की है ।

प्रोत्साहन राशि

योजना की पहली शर्त यही होगी कि लाभार्थी को हरियाणा का होना चाहिए लाभार्थी हरियाणा का होने के बाद वह मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण(registration on meri fasal mera byora portal) करेगा । पंजीकरण करने के बाद लाभार्थी का आधार कार्ड और बैंक खाते का विवरण भरना होगा । इसके बाद अन्य शर्ते पूरी करनी होंगी ।  किसान के खाते में प्रति एकड़ एक हजार रुपये पहुंच जाएंगे इसके अलावा किसान पराली बेचकर भी मुनाफा कमा सकेंगे ।

प्रबंधन प्रशिक्षण

अधिकारियों के अनुसार सीटू व एक्स सीटू मैनेजमेंट (In Situ Management) बेहद सिंपल है इसे आसानी से सीखा जा सकता है । इसमें किसानों को बेलर मशीनों से पराली की गांठें बनाना सिखाया जाएगा  बाद में इसे बेचने के लिए मार्किट भी होगा  इसकी जानकारी अधिकारी देंगे । एक विशेष बात यह है कि धान के बचे फान या ठूंठों कक कृषि मशीन से दबाना भी सिखाया जाएगा । ठूंठ यदि जमीन में दब जाएगा तो वह खाद्य के रूप में भी काम आएगा इससे जमीन की उपजाऊ क्षमता भी बढ़ जाएगी ।

हरियाणा का धुआं ही घोटता है दिल्ली-यूपी का दम ?

अधिकारियों के अनुसार सीटू व एक्स सीटू मैनेजमेंट (In Situ Management) बेहद सिंपल है इसे आसानी से सीखा जा सकता है । इसमें किसानों को बेलर मशीनों से पराली की गांठें बनाना सिखाया जाएगा  बाद में इसे बेचने के लिए मार्किट भी होगा  इसकी जानकारी अधिकारी देंगे । एक विशेष बात यह है कि धान के बचे फान या ठूंठों कक कृषि मशीन से दबाना भी सिखाया जाएगा । ठूंठ यदि जमीन में दब जाएगा तो वह खाद्य के रूप में भी काम आएगा इससे जमीन की उपजाऊ क्षमता भी बढ़ जाएगी ।

Posts

मिर्च के पौधेमिर्च की खेती विविध प्रकार की मिट्टियों मे जिसमे की कार्बनिक पदार्थ पर्याप्त हो एवं जल निकास की उचित सुविधा हो, मे सफलतापूर्वक की जा सकती है। मिर्च की फसल जलभराव वाली स्थिति सहन नही कर पाती है। यद्यपि मिर्च को pH 6.5—8.00 वाली मिट्टी मे भी (वर्टीसोल्स) मे भी उगाया जा सकता है….Click Here कपास की फसल में लगने वाले विभिन्न प्रकार के कीट एवं उनका प्रबंधनकपास संपूर्ण भारत के किसानों के लिए एक नकदी फसल मानी जाती है। इसकी खेती केवल भारत में ही नहीं बल्कि पुरे विश्वभर में की जाती है, लेकिन कपास के उत्पादन में भारत का स्थान सबसे पहले आता है…Click Hereसेब के लिए कटाई के बाद का प्रबंधनसेब की कटाई के बाद की तकनीक में तरीकों और प्रथाओं की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है जिसका उद्देश्य कटाई के बाद सेब की गुणवत्ता, स्वाद और शेल्फ जीवन को बनाए रखना है….Click Here
Previous slide
Next slide

Read More

गन्ना उत्पादन की नई तकनीक अपनाने पर पांच हजार तक का अनुदान

Table Of Content

  • परिचय
  • प्रोत्साहन राशि
  • ट्रैस मलचिंग
  • बीज नर्सरी लगाने पर
  • इस स्कीम का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज

Search

परिचय
प्रोत्साहन राशि
ट्रैस मलचिंग
बीज नर्सरी लगाने पर
परिचय

गन्ना, सदियों से भारतीय उपमहाद्वीप में एक मुख्य फसल के रूप में उगाया जाता रहा है। इसकी खेती 110 से अधिक देशों में होती है। ब्राजील व भारत मिलकर विश्व के कुल गन्ना उत्पादन का 50 प्रतिशत उत्पादन करते हैं। भारत का गन्ना उत्पादन की दृष्टि से विश्व में दूसरा स्थान है। हमारे देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गुणात्मक सुधार लाने में गन्ने की प्रमुख भूमिका है। चीनी एवं कपास उद्योग के बाद कृषि आधारित दूसरा सबसे बड़ा उद्योग चीनी ही है। गन्ना एवं चीनी उद्योग ने केवल 60 लाख किसानों व उनके परिवारों को रोजगार प्रदान करते हैं, बल्कि उनकी आर्थिक समृद्धि व खुशहाली के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में भी मददगार है। इसके अतिरिक्त चीनी मीलों से रोजगार भी उपलब्ध होता है। देश में वर्ष 2015 -16 में 49.1 लाख हे. क्षेत्र से 69.4 टन/हे. उत्पादकता के साथ 3414.2 लाख टन गन्ने का उत्पादन किया गया। यद्यपि गन्ना की उत्पादन क्षमता 474 टन/हे. आंकी गई है। स्पष्ट है कि उन्नत तकनीक एवं प्रजातियों को अपनाकर गन्ना उत्पादकता में आशातीत वृद्धि की जा सकती है। इससे गन्ना आधारित चीनी उद्योग तथा गन्ना कृषक प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो सकते हैं। गन्ने की उपज में अस्थिरता, बढ़ती उत्पादन लागत, लाभांश में कमी एवं उत्पदकता में गिरावट गन्ना कृषकों के समक्ष प्रमुख चुनौती के मुद्दे बन गए हैं।

नवीनतम कृषि अनुसन्धान के फलस्वरूप विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु दशाओं के अनुकूल गन्ने की उन्नत प्रजातियों का विकास किया गया है। इसके अतिरिक्त गन्ना आधारित  फसल विविधकरण, उत्पादन तकनीक, श्रमिक लागत में कमी करने के लिए अधिक दक्षता वाले कृषि यंत्रों का विकास, एकिकृत  फसल सुरक्षा आदि के समन्वित प्रयोग से कृषकों की वर्तमान आय को आगामी पांच वर्षों में दोगुना कर पाना संभव है।

प्रोत्साहन राशि

टेक्नोलॉजी मिशन ऑन शुगर केन स्कीम के तहत नई तकनीकी का प्रयोग कर गन्ने की फसल लगाने वाले किसानों को 500 से पांच हजार रुपये तक अनुदान राशि दी जाएगी योजना का लाभ लेने के लिए 31 अक्टूबर तक किसानों को आवेदन करना होगा। विभाग ने यह योजना गन्ने के क्षेत्र को बढ़ाने के लिए लागू की है।

जानकारी के अनुसार इस विधि में किसान को अपने खेत में चार फीट लाइन से लाइन की दूरी में गन्ने की बिजाई और गन्ने के बीच में दूसरी फसल गेहूं, सरसों, चना व सब्जियां उगानी होगी। इस विधि से बिजाई करने वाले किसान को प्रति एकड़ 3600 रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। दूसरी ओर कोई किसान चार फुट लाइन से लाइन की दूरी में गन्ने की बिजाई करेगा और इसमें अन्य फसलें नहीं उगाएगा तो उसे प्रति एकड़ 3 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी।

ट्रैस मलचिंग

 इसके अलावा गन्ने से उतरने वाली पत्ती को न जलाने वाले किसानों को भी 500 रुपये प्रति एकड़ अनुदान राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। ट्रैस मलचिंग विधि के तहत किसानों को गन्ने से उतरने वाली पत्ती को जलाना नहीं होगा, उसे खेत में ही बिछाना है। पती गल जाने के बाद भूमि की उपजाऊ शक्ति और फसल की पैदावार भी बढ़ेगी।

बीज नर्सरी लगाने पर

इस स्कीम के तहत बीज नर्सरी लगाने के लिए विभाग 5000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान सहायता राशि किसानों को देगा। किसानों द्वारा बीज नर्सरी के लिए प्रयोग में लाया गया गन्ने का बीज मोइस्ट होट एयर तथा फफूंदीनाशक से उपचारित किया जाना आवश्यक है। किसानों द्वारा उक्त नर्सरी के लिए गन्ने की बिजाई क्षेत्र के कृषि वैज्ञानिक या सहायक गन्ना विकास अधिकारी की उपस्थिति में की जाएगी। विभाग की तरफ से 800 एकड़ में गन्ना उगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस स्कीम का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज
इस स्कीम का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज

किसानों को इस स्कीम का लाभ लेने के लिए सबसे पहले किसी भी अटल सेवा केंद्र पर जाकर एग्री हरियाणा डॉट जीओवी डॉट इन पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। इसमें कृषि सामग्री का बिल, किराये पर ली हुई मशीन का बिल, दवाइयों का बिल, आधार कार्ड व बैंक अकाउंट कॉपी की प्रति अपलोड करनी होगी।

सहायक गन्ना विकास अधिकारी डॉ. कुलदीप शर्मा ने बताया कि टेक्नोलॉजी मिशन ऑन शुगरकैन स्कीम के तहत किसानों को 500 से लेकर 5000 रुपये तक अनुदान राशि दी जाएगी। किसान पहले आओ, पहले पाओ के तहत इसका लाभ उठाएं। नई तकनीक अपना के किसान ज्यादा उपज तो ले ही सकते है। इसके अलावा गन्ने को कीड़े व बीमारियों से भी बचा कर उन पर होने वाले खर्च को कम करके पैसे बचा सकते है।

sugarcane scheme

Posts

Slide 1 HeadingLorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolorClick HereSlide 2 HeadingLorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolorClick HereSlide 3 HeadingLorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolorClick Here
Previous slide
Next slide

Read More

विभिन्न मशीनीकरण योजनाओं के तहत आवेदन आमंत्रित – वित्तीय वर्ष 2023-24

Table Of Content

  • Haryana: 32 तरह के कृषि यंत्रों पर मिलेगा 50 प्रतिशत तक का अनुदान, लेनी होगी फसल अवशेष ने जलाने की शपथ
  • विस्तार 
  • इन मशीनों पर मिलेगा अनुदान
  • विभिन्न मशीनीकरण चार्ट
  • आधिकारिक वेबसाइट

Search

Haryana: 32 तरह के कृषि यंत्रों पर मिलेगा 50 प्रतिशत तक का अनुदान, लेनी होगी फसल अवशेष ने जलाने की शपथ
विस्तार 
इन मशीनों पर मिलेगा अनुदान
Haryana: 32 तरह के कृषि यंत्रों पर मिलेगा 50 प्रतिशत तक का अनुदान, लेनी होगी फसल अवशेष ने जलाने की शपथ

किसानों को एक घोषणा पत्र देना होगा जिसमें किसान को बताना होगा कि पिछले तीन वर्षों से मशीन पर अनुदान नहीं लिया है इसके साथ फसल अवशेष न जलाने की शपथ भी लेनी होगी। शपथ लेने वालों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा।

विस्तार 

किसानों को कृषि यंत्रों पर 40 से 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। कृषि यंत्रों को लेकर आवेदन करने के लिए विभाग ने पोर्टल खोल दिया है। इस योजना के तहत आने वाले लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से जिलास्तरीय कार्यकारिणी समिति द्वारा किया जाएगा।

विभिन्न स्कीमों के तहत कृषि यंत्रों व मशीनों पर अनुदान के लिए योजना किसानों के लिए शुरू हो गई है। किसानों को www.agriharyana.gov.in पर आवेदन करना होगा आवेदन की अंतिम तिथि 15 जनवरी |किसानों को कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। कृषि यंत्रों को लेकर आवेदन करने के लिए विभाग ने पोर्टल खोल दिया है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जिले में विभिन्न स्कीमों के तहत किसानों को इसका फायदा मिलेगा इन योजना के तहत 32 प्रकार के कृषि यंत्रों व मशीनों पर 50 प्रतिशत अनुदान मिलेगा पहले केवल करीब 5 मशीनों पर अनुदान मिलता था। योजना में ड्रॉ के माध्यम से किसानों का चयन होगा। चयनित किसानों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा।
 कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जिले में विभिन्न स्कीमों के तहत किसानों को इसका फायदा मिलेगा।

इन मशीनों पर मिलेगा अनुदान

विभिन्न प्रकार के 32 कृषि यंत्रों/मशीनों जैसे पावर विडर, मल्टी टूल बार, ट्रैक्टर चालित साईलेज पैकिंग मशीन, बैटरी व ट्रैक्टर चालित खाद छिड़काव यंत्र टूस्टर मालित जइग्रालिक प्रैस स्ट्रा बेलर एमबी पाऊ, समायजर, मल्टी कॉप बेड प्लास्टर, धान रोपाई मशीन, ट्रैक्टर चालित मशीन ग्रेन क्लीनर कम पेडर, ट्रैक्टर चालित रीपर, मिलेट मशीन, मक्का थ्रेसर (ट्रैक्टर चालित), मक्का शेलर न्यूमेटिक प्लाट मशीन, ऑयल एक्सपेलर पैसे, शुगरकेन कटर मोबाइल कॉटन थ्रेडर (ट्रैक्टर चलित), लोडर/डोजर, काऊ डंक बैरिकट मशीन, पैड़ी मोबाईल ड्रायर लेजर लैंड लेवलर कॉटन सीड ड्रिल, ट्रेक्टर मउटिड स्प्रे पंप पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है।

 
विभिन्न मशीनीकरण चार्ट
आधिकारिक वेबसाइट
विभिन्न मशीनीकरण चार्ट

क्र.सं कार्यान्वयन का नाम
1Battery/Electric/Solar Operated Power Weeder बैटरी/इलेक्ट्रिक/सौर संचालित पावर वीडर
2 Ride on Self Propelled Multi tool bar प्रोपेल्ड मल्टी टूल बार
3 Self propelled High Clerance Boom Sprayer स्व चालित हाई क्लीयरेंस बूम स्प्रेयर
4 High capacity Chaffcutter with loader/Chaff Cutter लोडर/भूसा कटर के साथ उच्च क्षमता वाला चारा काटने वाला यंत्र
5 Tractor operated silage packing machine/Tractor operated silage Baler(1400-1500kg/hr) ट्रैक्टर चालित सिलेज पैकिंग मशीन/ट्रैक्टर चालित सिलेज बेलर (1400-1500 किग्रा/घंटा)
6 Battery Operated Fertilizer Broadcaster बैटरी चालित उर्वरक प्रसारक
7 Briquette making machine (500-1000 Kg/hr capacity)/ Biomass pelleting machine ब्रिकेट बनाने की मशीन (500-1000 किलोग्राम/घंटा क्षमता)/बायोमास पेलेटिंग मशीन
8 Tractor Operated Fertilizer Broadcaster ट्रैक्टर चालित उर्वरक प्रसारक
9 Tractor operated Hydraulic press straw baler ट्रैक्टर चालित हाइड्रोलिक प्रेस स्ट्रॉ बेलर
10 M.B plough M.B plough
11 Sub Soiler सब सोइलर
12 Multi crop bed planter/Raised Bed Planter मल्टी क्रॉप बेड प्लान्टर/रेज्ड बेड प्लान्टर
13 Self propelled Rice transplanter (4row) स्व चालित चावल ट्रांसप्लांटर (4पंक्ति)
14 Tractor operated winnowing machine gram cleaner cum grader/ Winnowing Fan ट्रैक्टर चालित विनोइंग मशीन ग्राम क्लीनर सह ग्रेडर/ विनोइंग फैन
15 Tractor mounted reaper cum binder ट्रैक्टर पर लगा हुआ रीपर कम बाइंडर
16 Millet Machine/ Millet Mill बाजरा मशीन/बाजरा मिल
17 Maize Thresher (Tractor operated)/ Maize Sheller मक्का थ्रेशर (ट्रैक्टर चालित)/मक्का शेलर
18 Pneumatic Planter Machine (Tractor operated) वायवीय प्लांटर मशीन (ट्रैक्टर संचालित)
19 Oil Expeller तेल निकालने वाला
20 Maize Dehusker (Tractor Operated)/ Maize Sheller मक्का डिहस्कर (ट्रैक्टर चालित)/मक्का शेलर
21 Sugarcane Thresh Cutter गन्ना थ्रेश कटर
22 Mobile/Cotton Shreader (Tractor Operated) मोबाइल/कॉटन श्रेडर (ट्रैक्टर चालित)
23 Loader/Dozer/backhoe (Tractor operated) लोडर/डोजर/बेकहो (ट्रैक्टर चालित)
24 Cow Dung Briquetting machine गाय के गोबर से ब्रिकेटिंग मशीन
25 Cow dung dewatering machine गाय के गोबर से पानी निकालने की मशीन
26 Paddy Mobile Drier धान मोबाइल ड्रायर
27 Laser Land Leveler लेजर लैंड लेवलर
28 Cotton Seed Drill/7tyne कपास बीज ड्रिल/7tyne
29 Tractor Mounted Sprayer ट्रैक्टर पर लगे स्प्रेयर
30 Rotavator रोटावेटर
31 Potato Planter आलू बोने वाला
32 Tractor Operated Power Weeder ट्रैक्टर चालित पावर वीडर

आधिकारिक वेबसाइट
https://agriharyana.gov.in/mechschemes
Posts

Slide 1 HeadingLorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolorClick HereSlide 2 HeadingLorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolorClick HereSlide 3 HeadingLorem ipsum dolor sit amet consectetur adipiscing elit dolorClick Here
Previous slide
Next slide

Read More

प्रगतिशील किसान सम्मान योजना

Table Of Content

  • मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना
  • मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना के बारे में जानकारी
  • पुरष्कारो की सरंचना
  • मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना का उद्देश्य
  • चयन प्रक्रिया
  • मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना 2023 के तहत आवेदन प्रक्रिया
  • आधिकारिक वेबसाइट

Search

 

भारत की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत‌ बनाए रखने में किसान भी अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन आज भी कहीं ना कहीं हमारे देश के किसानों के कार्य एवं मेहनत को सही सम्मान नहीं मिल पाता है। इसी बिंदु को मद्देनजर रखते हुए हरियाणा सरकार द्वारा अपने राज्य के प्रगतिशील किसानों की मेहनत एवं लगन को सम्मानित करने के लिए एक योजना को शुरू किया गया है। जिसका नाम मुख्यमंत्री  प्रगतिशील किसान सम्मान योजना 2023 है। Mukhyamantri Pragatisheel Kisan Samman Yojana के तहत उन किसानों को नकद राशि देकर सम्मानित किया जाएगा जो खेती में आधुनिक विधियों जैसे- जैविक खेती,पानी की बचत, फसल अवशेष प्रबंधन, नई तकनीक, टिकाऊ कृषि, एकीकृत कृषि प्रणालियों के माध्यम से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना

हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना 2023 को खेती के क्षेत्र में आधुनिक तरीके से बेहतर प्रदर्शन करने वाले किसानों को नकद राशि देकर सम्मानित करने के लिए शुरू किया है। इस योजना के तहत प्रथम पुरस्कार के रुप में एक किसान को 5 लाख रुपए और दूसरे पुरस्कार के रुप में दो किसानों को 3-3 लाख रुपए दिए जाएंगे। तीसरे पुरस्कार के रुप में पांच किसानों को 1-1 लाख रुपए नकद में देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा हरियाणा के सभी जिलों में जिला स्तर पर ओर चार पुरस्कार 50-50 हजार रुपए के किसानों को दिए जाएंगे। यानी कुल मिलाकर 70 से 75 लाख रुपए हरियाणा सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से किसानों को पुरस्कार के रुप में दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना के माध्यम से कुछ नया करने वाले किसानों के काम को सम्मान दिया जा रहा है। ताकि राज्य के अन्य किसान भी अधिक से अधिक खेती- किसानी में निवेश करने के लिए प्रेरित हो सके।

मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना के बारे में जानकारी

योजना का नाम मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना
शुरू की गई हरियाणा सरकार द्वारा
उद्देश्य किसानों को नकद राशि देकर सम्मानित करना।
लाभार्थी राज्य के किसान
साल 2023
राज्य हरियाणा
उद्देश्य किसानों को नकद राशि देकर सम्मानित करना।

पुरष्कारो की सरंचना

क्र.सं स्तर श्रेणी पुरस्कारों की संख्या नकद पुरस्कार राशि(रु.में) कुल राशि(रु.में)
राज्य प्रथम
द्वितीय
तृतीय
1
2
5
5,00,000 /-
3,00,000 /-
1,00,000
5,00,000 /-
6,00,000 /-
5,00,000/-
ज़िला सांत्वना पुरस्कार 88 50,000/- 44,00,000/-
कुल योग 96 60,00,000

मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना का उद्देश्य

मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना का उद्देश्य का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के किसानों की मेहनत और लगन को नगद राशि देकर सम्मानित करना है। राज्य के किसानों को 50 हजार, 1 लाख, 3 लाख और 5 लाख रुपये की सम्मान राशि के इस योजना के माध्यम से दी जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना 2023 के तहत सम्मान देने के लिए वही किसान चुने जाएंगे जो खेती के क्षेत्र में नया नया प्रयोग करते हैं और जैविक एवं प्राकृतिक खेती करते हैं। साथ ही कम पानी का उपयोग करके खेती, फसल अवशेष प्रबंधन पर ध्यान देते हैं। यह योजना राज्य के आधुनिक खेती करने वाले एवं खेती में नए- नए शोध करते रहने वाले किसानों को उनकी मेहनत के लिए सम्मानित करके प्रोत्साहित करेगी। जिससे राज्य में किसान खेती में नई-नई तकनीकों एवं शोध को अपनाने से ना डरे।

चयन प्रक्रिया

किसानो को कृषि तथा संबन्धित क्षेत्र में उपलब्धि के साथ-साथ नवीनतम तकनीक अपने के आधार पर चुना जाएगा पुरस्कृत किये जाने वाले किसानों का चयन निम्नलिखित अंक प्रणाली दवारा किया जाएगा :-

क्र.सं व्यवधान अधिकतम प्राप्त अंक समिति दवारा बिन्दुबार रेटिंग
(1-10)
1 फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर प्रमुख फसलो मे उत्पादकता 10
2 जैविक खेती 10
3 फसल विविधीकरण 10
4 सुक्ष्म सिंचाई 10
5 फसल अवशेष प्रबंधन 5
6 मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर पोषक तत्त्व प्रबंधन 5
7 बागवानी/सब्जियाँ 10
8 पशुपालन 10
9 मत्स्य पालन 10
10 प्रौद्योगिकी/मूल्य संवर्धन 10
11 अतिरिक्त सामान्य गतिविधि 10

मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना 2023 के तहत आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले आवेदक किसान को कृषि तथा किसान कल्याण विभाग, हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है।
  • इसके बाद वेबसाइट का होमपेज खुलकर आ जाएगा।
  • वेबसाइट के होमपेज पर आपको Farmers Corner के तहत Apply for Agriculture Schemes के विकल्प पर क्लिक कर देना है।
  • अब आपके सामने एक सूची खुलकर आ जाएगी।
  • इसके बाद आपको मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना के सामने View के बटन पर क्लिक कर देना है।
  • जैसे ही आप व्यू के बटन पर क्लिक करेंगे आपके सामने योजना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी खुलकर आ जाएगी।
  • अब आपको सभी जानकारी को ध्यान पूर्वक पढ़ लेना है और Agreed, I have read all the terms & conditions related to scheme के आगे टिक कर देना है।

 

  • इसके बाद आपको Click here for Registration पर क्लिक कर देना है।
  • अब आपके सामने एक नया पेज खुल कर आ जाएगा।
  • इस पेज पर आपको किसी एक ऑप्‍शन में मांगी गई डिटेल दर्ज करके Search Record के बटन पर क्ल्कि कर देना है। जिसके बाद आपके सामने किसान का रिकॉर्ड खुल जाएगा।
  • अब आपको यहां मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना के विकल्प का चयन करना है।
  • इसके बाद आपके सामने आवेदन फॉर्म खुलकर आ जाएगा। जिसमें आपको पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को दर्ज कर देना है।
  • अब आपको मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करके Submit के बटन पर क्लिक कर देना है।
  • इस प्रकार आप मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान योजना 2023 के तहत अपना आवेदन कर सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट
https://agriharyana.gov.in/CenterStateSponsoredSchemes
Posts

फसल अवशेष प्रबंधनफसलों की कटाई के बाद कई किसान खेतों में बचे अवशेषों में किसान आग लगा देते हैं पराली के इसी धुएं में लोगों की सांस फूलने लगती है अब उसी पराली से निपटने के लिए हरियाणा सरकार किसानों को प्रोत्साहन धनराशि देगीClick Hereराष्ट्रीय हरित भारत मिशन या ग्रीन इंडिया मिशन हरित भारत मिशन या ग्रीन इंडिया (GIM) मिशन स्पष्ट रूप से परिभाषित लक्ष्यों, पैमानों, कार्यान्वयन समय और मील के पत्थर के साथ-साथ मात्रात्मक परिणाम और सेवा स्तरों वाली….Click Here मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजनाबागवानी फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए हरियाणा सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना….Click Here
Previous slide
Next slide

Read More