खरबूज (Melon)

भूमि: खरबूजे की खेती के लिए हल्की रेतीली बलुई दोमट मिट्टी को उपयुक्त माना जाता है। इसकी खेती के लिए भूमि उचित जल निकास वाली होनी चाहिए, क्योकि जलभराव की स्थिति में इसके पौधों पर अधिक रोग देखने को मिल जाते है। इसकी खेती में भूमि का पी.एच मान 6 से 7 के मध्य होना चाहिए। जायद के मौसम को खरबूजे की फसल के लिए अच्छा माना जाता है। इस दौरान पौधों को पर्याप्त मात्रा में गर्म और आद्र जलवायु मिल जाती है।

तापमान: बीजों के अंकुरण के लिए 22-25 डिग्री सेटीग्रेड तापमान अच्छा रहता है। पौधों के विकास के लिए 35 से 40 डिग्री तापमान जरूरी होता है।

उचित समय: फ़रवरी  मध्य के आसपास का समय खरबूजे की बिजाई के लिए ज्यादा उचित समझा जाता है।

Read More

तरबूज (Watermelon)

भूमि: तरबूजे की खेती के लिए अधिक तापमान वाली जलवायु सबसे अच्छी मानी जाती है। अधिक तापमान से फलों की वृद्धि अधिक होती है। अब बात करें इसकी खेती के लिए मिट्टी की तो रेतीली और रेतीली दोमट भूमि इसके लिए सबसे अच्छी रहती है। वहीं मिट्टी का पी. एच. मान 5.5-7.0 के बीच होना चाहिए। बता दें कि इसकी खेती अनुपजाऊ या बंजर भूमि में भी की जा सकती है।

तापमान: बीजों के अंकुरण के लिए 22-25 डिग्री सेटीग्रेड तापमान अच्छा रहता है।

उचित समय: सामान्य रूप से जनवरी  से मार्च के में इसकी बुवाई की जाती है परन्तु फ़रवरी  मध्य के आसपास समय ज्यादा उचित समझा जाता है।

Read More

राजमा(Kidney Beans)

भूमि: राजमा की खेती सभी प्रकार की मिटटी में की जा सकती है लेकिन बलुए मिटटी या बलुए दोमट मिटटी इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है । इस फसल के लिए मिटटी का पी एच मान 6.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए|

तापमान: राजमा की अच्छी पैदावार के लिए 10 से 27 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान की आवश्यकता पड़ती है।

उचित समय: खरीफ में 20 जून से 20 जुलाई के बीच और रबी में 15 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच।

Read More

मैथी(Fenugreek)

भूमि: मेथी की खेती सभी तरह की मिट्टियों में की जा सकती है, लेकिन दोमट और बालू वाली मिट्टी इसके लिए ज्यादा उपयुक्त होती है| इसमें कार्बनिक पदार्थ पाया जाता है | इसकी पैदावार वहां ज्यादा होती है जहां पीएच मान 6-7 के बीच होता है तथा जहां पानी के निकास के बेहतर इंतजाम होते हैं|

तापमान: इसके लिए 15-28 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान अच्छा माना जाता है।

उचित समय: इस फसल की बिजाई के लिए अक्तूबर का आखिरी सप्ताह और नवंबर का पहला सप्ताह अच्छा समय है।

Read More

मूंगफली(Ground Nut)

भूमि:मूंगफली की खेती विभिन्न प्रकार की मृदाओं में की जा सकती है फिर भी इसकी अच्छी तैयारी हेतु जल निकास वाली कैल्शियम एवं जैव पदार्थो से युक्त बलुई दोमट मृदा उत्तम होती है। मृदा का पीएच मान 6.0 से 8.0 उपयुक्त रहता है। मई के महीने में खेत की एक जुताई मिट्टी पलटनें वाले हल से करके 2-3 बार हैरो चलावें जिससे मिट्टी भुरभुरी हो जावें। इसके बाद पाटा चलाकर खेत को समतल करें जिससे नमी संचित रहें।

तापमान:इसके लिए 15-35 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान अच्छा माना जाता है।

उचित समय: सामान्य रूप से 15 जून से 15 जुलाई के मध्य मूंगफली की बुवाई की जा सकती है।

Read More