लहसून (Garlic)

भूमि: लहसुन की खेती सभी प्रकार के जीवांशयुक्त भूमि में की जा सकती है लेकिन अधिक ऊपज  के लिये जीवांशयुक्त दोमट या फिर चिकनी मिट्टी का प्रयोग किया जाता है, ये दोनों मिट्टियां सर्वश्रेष्ठ होती हैं। धयान रहे दोनों ही मिट्टियों में जैविक पदार्थों की मात्रा अधिक होनी चाहिए, यह लहसुन की खेती के लिए लाभदायक साबित होगी और जिसमें जल निकास की व्यवस्था हो सबसे उपयुक्त होता है |

तापमान: लहसून के लिए मुख्यतया 10-30 डिग्री C तापमान होना चाहिए |

उचित समय: 20 अक्टूबर से 20 नवम्बर के बिच का समय बढ़िया माना जाता है |

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मक्का (Maize/Corn)

भूमि: मक्के के लिए सभी प्रक्रार की भूमि उपयुक्त होती है | बलुई, दोमट मिट्टी मक्का की खेती के लिये बेहतर समझी जाती है |

तापमान: मक्के की बिजाई के लिए मुख्यतया 25-35 डिग्री C तापमान होना चाहिए |

उचित समय: खरीफ : जून से जुलाई तक। रबी : अक्टूबर से नवम्बर तक। जायद : फरवरी से मार्च तक।

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Moth (मोठ)

भूमि: मोठ की खेती हल्की भूमियों में अच्छी होती है, मोठ के लिए बलुई दोमट एवं बलुई भूमि उत्तम होती है, भूमि में जल निकास की उचित व्यवस्था होनी चाहिए |

तापमान: मोठ की बिजाई के लिए मुख्यतया 20-35 डिग्री C तापमान होना चाहिए |

उचित समय: 15 जुलाई से 31 जुलाई के बिच का समय बढ़िया माना जाता है |

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Red Lentil (मसूर)

भूमि: मसूर की खेती हल्की भूमियों में अच्छी होती है, मसूर के लिए बलुई दोमट एवं बलुई भूमि उत्तम होती है, भूमि में जल निकास की उचित व्यवस्था होनी चाहिए |

तापमान: मसूर की बिजाई के लिए मुख्यतया 18-30 डिग्री C तापमान होना चाहिए |

उचित समय: 15 अक्टूबर से 30 नवम्बर के बिच का समय बढ़िया माना जाता है |

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Black Gram (उड़द)

भूमि: उड़द की खेती विभिन्न प्रकार की भूमि में होती है। हल्की रेतीली, दोमट या मध्यम प्रकार की भूमि जिसमें पानी का निकास अच्छा हो उड़द के लिए अधिक उपयुक्त होती है।

तापमान: उड़द की बिजाई के लिए मुख्यतया 25-35 डिग्री C तापमान होना चाहिए |

उचित समय: 10 जून से 31 जुलाई के बिच का समय बढ़िया माना जाता है |

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