फूलगोभी(Cauliflower)

भूमि: फूलगोभी की खेती दोमट मिट्टी पर अच्छे से की जाती है | हालांकि उच्च नमी धारण क्षमता वाली मिट्टी को प्राथमिकता दी जाती है, क्योंकि पानी की कमी से पौधे के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है | बरसात के मौसम में, तेजी से सूखने वाली मिट्टी को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि कटाई का कार्य आसानी से किया जा सके | वहीं यह उच्च अम्लता के प्रति संवेदनशील होती है | इसकी खेती से अधिकतम उत्पादन के लिए मिट्टी की पीएच 5.5 से 6.0  होना चाहिए |

तापमान: इसके अच्छे उत्पादन के लिए 15 से 25 डिग्री सेल्सियस तक तापमान होना चाहिए।

उचित समय: फूल गोभी की खेती आप बरसात के बाद सितंबर से अक्टूबर तक कर सकते हैं। फूलगोभी की अगेती खेती के लिए आप नर्सरी की तैयारी सितंबर में कर लें। पिछेती खेती के लिए आप नवंबर तक कर सकते हैं।

Read More

मटर (Pea)

भूमि: मटर  की खेती विभिन्न प्रकार की मृदाओं में की जा सकती है, फिर भी गंगा के मैदानी भागों की गहरी दोमट मिट्टी इसके लिए सबसे अच्छी रहती है। इसकी खेती के लिए मटियार दोमट और दोमट भूमि सबसे उपयुक्त होती है। जिसका पीएच मान 6-7.5 होना चाहिए। इसकी खेती के लिए अम्लीय भूमि सब्जी वाली मटर की खेती के लिए बिल्कुल उपयुक्त नहीं मानी जाती है।

तापमान: इसके अच्छे उत्पादन के लिए 10 से 25 डिग्री सेल्सियस तक तापमान होना चाहिए।

उचित समय: मटर की बुआई मध्य अक्तूबर से नवम्बर तक की जाती है जो खरीफ की फसल की कटाई पर निर्भर करती है। फिर भी बुआई का उपयुक्त समय अक्तूबर के आखिरी सफ्ताह से नवम्बर का प्रथम सप्ताह है।

Read More

Lumpy Skin Disease(गाँठदार त्वचा रोग)

भारत में पिछले एक महीने के दौरान लंपी स्किन डिजीज की वजह से काफी ज्यादा पालतू पशुओं की मौत हो चुकी है, जिनमें से ज्यादातर गायें हैं। ये जानलेवा वायरस से गुजरात, राजस्थान और पंजाब समेत अन्य राज्यों में मवेशियों की जान ले रहा है। लंपी वायरस की वजह से अकेले गुजरात में रोज करीब एक लाख लीटर दूध का प्रोडक्शन घट गया है। तो आइये जानते है इसके  लक्षण, नुकसान और उसकी रोकथाम के बारे में:-

Read More

टमाटर (Tomato)

भूमि: टमाटर की खेती अलग-अलग तरह की मिट्टी पर की जा सकती है | इसके लिए रेतीली दोमट से लेकर चिकनी मिट्टी, लाल और काली मिट्टी तक पर खेती की जा सकती है |अच्छे निकास वाली मिट्टी की पी एच 7-8.5 होनी चाहिए। यह तेजाबी और खारी मिट्टी में भी उगने योग्य फसल है। ज्यादा तेजाबी मिट्टी में खेती ना करें। अगेती फसल के लिए हल्की मिट्टी लाभदायक है, जबकि अच्छी पैदावार के लिए चिकनी, दोमट और बारीक रेत वाली मिट्टी बहुत अच्छी है।

तापमान: इसके अच्छे उत्पादन के लिए 21 से 23 डिग्री सेल्सियस तक तापमान होना चाहिए।

उचित समय: उत्तरी राज्यों में, बसंत के समय टमाटर की पनीरी नवंबर के आखिर में बोयी जाती है और जनवरी के दूसरे पखवाड़े में खेत में लगाई जाती है। पतझड़ के समय पनीरी की बिजाई जुलाई-अगस्त में की जाती है और अगस्त-सितंबर में यह खेत में लगा दी जाती है। पहाड़ी इलाकों में इसकी बिजाई मार्च-अप्रैल में की जाती है और अप्रैल-मई में यह खेत में लगा दी जाती है|

Read More

Thrips (तेला)

आजकल बदलते मौसम में तेला का प्रकोप बढ़ता जा रहा है | तो आइये जानते है इसके  लक्षण, जीवन चक्र, नुकसान और उसकी रोकथाम के बारे में:-

Read More