प्रगतिशील किसान सम्मान योजना

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  • मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना
  • मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना के बारे में जानकारी
  • पुरष्कारो की सरंचना
  • मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना का उद्देश्य
  • चयन प्रक्रिया
  • मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना 2023 के तहत आवेदन प्रक्रिया
  • आधिकारिक वेबसाइट

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भारत की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत‌ बनाए रखने में किसान भी अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन आज भी कहीं ना कहीं हमारे देश के किसानों के कार्य एवं मेहनत को सही सम्मान नहीं मिल पाता है। इसी बिंदु को मद्देनजर रखते हुए हरियाणा सरकार द्वारा अपने राज्य के प्रगतिशील किसानों की मेहनत एवं लगन को सम्मानित करने के लिए एक योजना को शुरू किया गया है। जिसका नाम मुख्यमंत्री  प्रगतिशील किसान सम्मान योजना 2023 है। Mukhyamantri Pragatisheel Kisan Samman Yojana के तहत उन किसानों को नकद राशि देकर सम्मानित किया जाएगा जो खेती में आधुनिक विधियों जैसे- जैविक खेती,पानी की बचत, फसल अवशेष प्रबंधन, नई तकनीक, टिकाऊ कृषि, एकीकृत कृषि प्रणालियों के माध्यम से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना

हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना 2023 को खेती के क्षेत्र में आधुनिक तरीके से बेहतर प्रदर्शन करने वाले किसानों को नकद राशि देकर सम्मानित करने के लिए शुरू किया है। इस योजना के तहत प्रथम पुरस्कार के रुप में एक किसान को 5 लाख रुपए और दूसरे पुरस्कार के रुप में दो किसानों को 3-3 लाख रुपए दिए जाएंगे। तीसरे पुरस्कार के रुप में पांच किसानों को 1-1 लाख रुपए नकद में देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा हरियाणा के सभी जिलों में जिला स्तर पर ओर चार पुरस्कार 50-50 हजार रुपए के किसानों को दिए जाएंगे। यानी कुल मिलाकर 70 से 75 लाख रुपए हरियाणा सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से किसानों को पुरस्कार के रुप में दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना के माध्यम से कुछ नया करने वाले किसानों के काम को सम्मान दिया जा रहा है। ताकि राज्य के अन्य किसान भी अधिक से अधिक खेती- किसानी में निवेश करने के लिए प्रेरित हो सके।

मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना के बारे में जानकारी

योजना का नाम मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना
शुरू की गई हरियाणा सरकार द्वारा
उद्देश्य किसानों को नकद राशि देकर सम्मानित करना।
लाभार्थी राज्य के किसान
साल 2023
राज्य हरियाणा
उद्देश्य किसानों को नकद राशि देकर सम्मानित करना।

पुरष्कारो की सरंचना

क्र.सं स्तर श्रेणी पुरस्कारों की संख्या नकद पुरस्कार राशि(रु.में) कुल राशि(रु.में)
राज्य प्रथम
द्वितीय
तृतीय
1
2
5
5,00,000 /-
3,00,000 /-
1,00,000
5,00,000 /-
6,00,000 /-
5,00,000/-
ज़िला सांत्वना पुरस्कार 88 50,000/- 44,00,000/-
कुल योग 96 60,00,000

मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना का उद्देश्य

मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना का उद्देश्य का मुख्य उद्देश्य हरियाणा के किसानों की मेहनत और लगन को नगद राशि देकर सम्मानित करना है। राज्य के किसानों को 50 हजार, 1 लाख, 3 लाख और 5 लाख रुपये की सम्मान राशि के इस योजना के माध्यम से दी जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना 2023 के तहत सम्मान देने के लिए वही किसान चुने जाएंगे जो खेती के क्षेत्र में नया नया प्रयोग करते हैं और जैविक एवं प्राकृतिक खेती करते हैं। साथ ही कम पानी का उपयोग करके खेती, फसल अवशेष प्रबंधन पर ध्यान देते हैं। यह योजना राज्य के आधुनिक खेती करने वाले एवं खेती में नए- नए शोध करते रहने वाले किसानों को उनकी मेहनत के लिए सम्मानित करके प्रोत्साहित करेगी। जिससे राज्य में किसान खेती में नई-नई तकनीकों एवं शोध को अपनाने से ना डरे।

चयन प्रक्रिया

किसानो को कृषि तथा संबन्धित क्षेत्र में उपलब्धि के साथ-साथ नवीनतम तकनीक अपने के आधार पर चुना जाएगा पुरस्कृत किये जाने वाले किसानों का चयन निम्नलिखित अंक प्रणाली दवारा किया जाएगा :-

क्र.सं व्यवधान अधिकतम प्राप्त अंक समिति दवारा बिन्दुबार रेटिंग
(1-10)
1 फसल कटाई प्रयोगों के आधार पर प्रमुख फसलो मे उत्पादकता 10
2 जैविक खेती 10
3 फसल विविधीकरण 10
4 सुक्ष्म सिंचाई 10
5 फसल अवशेष प्रबंधन 5
6 मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर पोषक तत्त्व प्रबंधन 5
7 बागवानी/सब्जियाँ 10
8 पशुपालन 10
9 मत्स्य पालन 10
10 प्रौद्योगिकी/मूल्य संवर्धन 10
11 अतिरिक्त सामान्य गतिविधि 10

मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना 2023 के तहत आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले आवेदक किसान को कृषि तथा किसान कल्याण विभाग, हरियाणा की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना है।
  • इसके बाद वेबसाइट का होमपेज खुलकर आ जाएगा।
  • वेबसाइट के होमपेज पर आपको Farmers Corner के तहत Apply for Agriculture Schemes के विकल्प पर क्लिक कर देना है।
  • अब आपके सामने एक सूची खुलकर आ जाएगी।
  • इसके बाद आपको मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना के सामने View के बटन पर क्लिक कर देना है।
  • जैसे ही आप व्यू के बटन पर क्लिक करेंगे आपके सामने योजना से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी खुलकर आ जाएगी।
  • अब आपको सभी जानकारी को ध्यान पूर्वक पढ़ लेना है और Agreed, I have read all the terms & conditions related to scheme के आगे टिक कर देना है।

 

  • इसके बाद आपको Click here for Registration पर क्लिक कर देना है।
  • अब आपके सामने एक नया पेज खुल कर आ जाएगा।
  • इस पेज पर आपको किसी एक ऑप्‍शन में मांगी गई डिटेल दर्ज करके Search Record के बटन पर क्ल्कि कर देना है। जिसके बाद आपके सामने किसान का रिकॉर्ड खुल जाएगा।
  • अब आपको यहां मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान सम्मान योजना के विकल्प का चयन करना है।
  • इसके बाद आपके सामने आवेदन फॉर्म खुलकर आ जाएगा। जिसमें आपको पूछी गई सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को दर्ज कर देना है।
  • अब आपको मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों को अपलोड करके Submit के बटन पर क्लिक कर देना है।
  • इस प्रकार आप मुख्यमंत्री प्रगतिशील किसान योजना 2023 के तहत अपना आवेदन कर सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट
https://agriharyana.gov.in/CenterStateSponsoredSchemes
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फसल अवशेष प्रबंधनफसलों की कटाई के बाद कई किसान खेतों में बचे अवशेषों में किसान आग लगा देते हैं पराली के इसी धुएं में लोगों की सांस फूलने लगती है अब उसी पराली से निपटने के लिए हरियाणा सरकार किसानों को प्रोत्साहन धनराशि देगीClick Hereराष्ट्रीय हरित भारत मिशन या ग्रीन इंडिया मिशन हरित भारत मिशन या ग्रीन इंडिया (GIM) मिशन स्पष्ट रूप से परिभाषित लक्ष्यों, पैमानों, कार्यान्वयन समय और मील के पत्थर के साथ-साथ मात्रात्मक परिणाम और सेवा स्तरों वाली….Click Here मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजनाबागवानी फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए हरियाणा सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना….Click Here
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भावान्तर भरपाई योजना का संक्षिप्त विवरण

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  • योजना का मुख्य उद्देश्य
  • पहले चरण में योजना के अंतर्गत शामिल फसलें, संरक्षित मूल्य व निर्धारित उत्पादन
  • योजना की मुख्य विशेषताएं
  • योजना के अंतर्गत लाभ हेतु पंजीकरण प्रक्रिया
  • प्रोत्साहन प्रक्रिया
  • योजना का आंकलन
  • आधिकारिक वेबसाइट

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योजना का मुख्य उद्देश्य 

बागवानी उत्पादकों के लिए मण्डी में उनके उत्पादन से कम दाम मिलने पर सरकार द्वारा भरपाई करने की एक अनूठी योजना।

  • मण्डी में सब्जी व फल की कम कीमत के दौरान किसानों का निर्धारित संरक्षित मूल्य द्वारा ज़ोखिम को कम करना।
  • कृषि में विविधिकरण के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना।

पहले चरण में योजना के अंतर्गत शामिल फसलें, संरक्षित मूल्य व निर्धारित उत्पादन

  • चार फसलें टमाटर, प्याज, आलू एवं फूलगोभी।
  • चिन्हित फसलों का संरक्षित मूल्य एवं निर्धारित उत्पादन।
क्रं सख्या फसल का नाम संरक्षित मूल्य(रुपये प्रति क्विंटल ) निर्धारित उत्पादन(क्विंटल प्रति एकड़)
सब्ज़ियाँ
1. आलू 600 120
2. प्याज 650 100
3. टमाटर 500 140
4. फूलगोभी 750 100
5. गाजर 700 100
6. मटर 1100 50
7. शिमला मिर्च 900 80
8. बैंगन 500 110
9. भिन्डी 1050 70
10. मिर्च 950 70
11. लौकी 450 110
12. करेला 1350 40
13. हल्दी 1400 80
14. पत्ता गोभी 650 100
15. लहसुन 2300 50
16. मूली 450 100
फल
1. अमरूद 1300 70
2. आम 1950 50
3. किन्नू 1100 104

योजना की मुख्य विशेषताएं

  1. सब्जी काश्तकारों को जोखिम मुक्त करना।
  2. योजना के अंतर्गत उक्त चार फसलों पर रुपए 48000/ – से रुपए 56000/ – प्रति एकड़ आमदनी सुनिश्चित करना।
  3. योजना के अंतर्गत चार सब्जियों (टमाटर, प्याज, आलू एवं फूलगोभी) के लिए संरक्षित मूल्य निर्धारित करना।
  4. मण्डी में निर्धारित अवधि के अन्दर सब्जी के कम दाम में बिकने पर वेबसाईट (www.hsamb.gov.in) पर BBY ई-पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत किसानों को संरक्षित मूल्य तक भाव के अंतर की सरकार द्वारा भरपाई।
  5. इस स्कीम का लाभ भूमि मालिक, पट्टेदार या किराये पर काश्तकार लेने के पात्र।

योजना के अंतर्गत लाभ हेतु पंजीकरण प्रक्रिया

  • इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए किसान को बिजाई अवधि के दौरान मार्केटिंग बोर्ड की वेबसाईट पर बागवानी भावान्तर (BBY) ई-पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करवाना अनिवार्य।
  • उद्यान विभाग द्वारा पंजीकृत किसानों का क्षेत्र प्रमाणीकरण।
  • प्रमाणित क्षेत्र से असंतुष्ट होने पर किसान द्वारा अपील दायर करने का प्रावधान।
  • उत्पादक का निःशुल्क पंजीकरण।
  • पंजीकरण केवल निर्धारित अवधि के दौरान खुला रहेगा।
  • सर्व सेवा केंद्र/ई-दिशा केंद्र/मार्किटिंग बोर्ड/ बागवानी विभाग/कृषि विभाग और इन्टरनैट कियोस्क पर पंजीकरण सुविधा उपलब्ध होगी।
  • पंजीकरण, सत्यापन, अपील और बिक्री अवधि का निर्धारणः
    • पंजीकरण केवल नीचे तालिका में दर्शायी गई अवधि में ही मान्य होगा।
    • सत्यापन व अपील नीचे तालिका में दर्शायी गई अवधि में होगा।
    • प्रोत्साहन नीचे तालिका में दर्शायी बिक्री अवधि के दौरान मान्य।

प्रोत्साहन प्रक्रिया

  • प्रोत्साहन के लिए जे-फार्म पर बिक्री अनिवार्य होगी।
  • जे-फार्म पर बिक्री उपरांत बिक्री विवरण BBY ई-पोर्टल पर अपलोड होगा, जिसके लिए प्रत्येक संबंधित मार्केट कमेटी के कार्यालय में सुविधा उपलब्ध होगी।
  • बिक्री की अवधि के दौरान यदि फसल उत्पादन का थोक मूल्य संरक्षित मूल्य से कम मिलता है, तो किसान भाव के अंतर की भरपाई के लिए पात्र होगा।
  • जे-फार्म पर बिक्री तथा निर्धारित उत्पादन प्रति एकड़ (जो भी कम होगा) को भाव के अंतर से गुना करने पर प्रोत्साहन देय होगा।
  • प्रोत्साहन राशि किसान के आधार लिंकड बैंक खाते में बिक्री के 15 दिन के अन्दर जारी कर दी जाएगी।
  • औसत दैनिक थोक मूल्य मण्डी बोर्ड द्वारा चिन्हित मण्डियों के दैनिक भाव के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।

योजना का आंकलन

  • योजना को प्रभावी तौर पर लागू करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय एवं उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समितियों द्वारा समय-समय पर आंकलन।
  • अखबारों, डिजिटल सुविधाओं, गोष्ठिओं व किसान सम्मेलनों के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार।
  • योजना के लिए पर्याप्त धन राशि का प्रावधान।
अधिक जानकारी के लिए जिला स्तर पर बागवानी विभाग के जिला उद्यान अधिकारी अथवा मार्केटिंग बोर्ड के डी.एम.ई.ओ. से संपर्क करें।

आधिकारिक वेबसाइट

उद्यान विभाग, हरियाणा
Website:  https://hortharyana.gov.in/en

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मेरी फसल मेरा ब्यौराकिसानों और फसल का रजिस्ट्रेशन और खेत की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज होगी।
इस पोर्टल के द्वारा अब एक ही जगह पर किसानों के लिए सभी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध होगी और किसानों की समस्याएं भी दूर होगी।
फसल की बुवाई एवं बाजार से जुड़ी जानकारी देना…Click Here
जीवंत ग्राम कार्यक्रमयह एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसका उद्देश्य उत्तरी सीमा पर सीमावर्ती गांवों के स्थानीय प्राकृतिक मानव एवं अन्य संसाधनों के आधार पर आर्थिक चालकों की पहचान करना तथा “हब एंड स्पोक मॉडल” पर विकास केंद्रों का विकास करना है…Click Hereपीएम किसान मान धन योजनाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा झारखंड के रांची में प्रधानमंत्री किसान मान धन योजना का शुभारंभ किया गया। यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है जिसे सहयोग एवं किसान कल्याण, कृषि विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और भारत सरकार द्वारा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के साथ साझेदारी…Click Here
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मेरा पानी मेरी विरासत योजना 

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  • परिचय
  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना
  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना का उद्देश्य
  • हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना का विवरण हाइलाइट्स में
  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना की विशेषताएं
  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत शामिल किए गए क्षेत्र
  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन
  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना मुख्य तथ्य
  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना के लाभ
  • दस्तावेज़ (पात्रता )
  • मेरा पानी मेरी विरासत योजना में आवेदन कैसे करे ?
  • List Item #2

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परिचय

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी के द्वारा लॉन्च की गयी है । इस योजना के अंतर्गत हरियाणा के डार्क जोन में शामिल क्षेत्रों में धान की खेती छोड़ने तथा धान के स्थान पर अन्य विकल्पित फसलों की बुआई करने वाले किसानों को 7 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन धनराशि राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी । आज हम आपको अपने इस आर्टिकल के माध्यम से इस मेरा पानी मेरी विरासत योजना से जुडी सभी जानकारी जैसे आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, दस्तावेज़ आदि प्रदान करने जा रहे है अतः हमारे इस आर्टिकल को अंत तक पढ़े ।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना

इस योजना के अंतर्गत  पहले चरण में राज्य के 19 ब्लॉक शामिल किए गए हैं जिनमें भू-जल की गहराई 40 मीटर से ज्यादा है। इनमें से भी आठ ब्लॉक में धान की रोपाई ज्यादा है जिनमें कैथल के सीवन और गुहला, सिरसा, फतेहाबाद में रतिया और कुरुक्षेत्र में शाहाबाद, इस्माइलाबाद, पिपली और बबैन शामिल हैं। इसके अलावा इस Haryana Mera Pani Meri Virasat Scheme के तहत वह क्षेत्र भी किये गए है  जहां 50 हार्स पावर से अधिक क्षमता वाले ट्यूबवेल का इस्तेमाल किया जा रहा है । राज्य के किसान धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फैसले जैसे  मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, तिल, कपास, सब्जी की खेती कर सकते हैं। मुख्यमंत्री जी का कहना है कि जिन ब्लॉक में पानी 35 मीटर से नीचे है वहां पंचायती जमीन पर धान की खेती की अनुमति नहीं मिलेगी ।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना का उद्देश्य

आप लोगो को बता दे कि इस वर्ष हरियाणा में ऐसी जगह है जहा पर पानी की कमी के कारण धान की खेती नहीं की जा सकती है और किसानो से मुख्यमंत्री द्वारा अनुरोध किया गया है कि किसान वहाँ धान की खेती न करे क्योकि धान की खेती में बहुत अधिक पानी लगता है इसीलिए हरियाणा सरकार वर्तमान सीजन में धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों की बुआई करने वाले किसानों को हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत 7 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन धनराशि आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की जाएगी । मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के किसानों से अपील की है । इस योजना के ज़रिये किसानो को फसल विविधिकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया गया ।

हरियाणा मेरा पानी मेरी विरासत योजना का विवरण हाइलाइट्स में

योजना का नाम मेरा पानी मेरी विरासत योजना
शुभारंभ किया मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
लाभार्थी राज्य के किसान
उद्देश्य किसानो को प्रोत्साहन धनराशि प्रदान करना
ऑफिशियल वेबसाइट मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल

मेरा पानी मेरी विरासत योजना की विशेषताएं

  • हरियाणा के मुख्यमंत्री जी ने  जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए मेरा पानी मेरी विरासत योजना को लांच किया है ।
  • Mera Pani Meri Virasat Yojana के अंतर्गत किसानो को धान की खेती छोड़ने के कोई परेशानी न हो इसलिए राज्य सरकार उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान कर रहे है ।
  • हरियाणा राज्य के मुख्यमंत्री जी ने इस योजना को लॉन्च करते हुए कहा है कि डार्क जोन में शामिल क्षेत्रों में रहने वाले जो किसान धान की खेती छोड़ देंगे उन्हें सरकार द्वारा 7000 रूपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन धनराशि प्रदान की जाएगी ।
  • राज्य के किसान धान को छोड़कर अन्य वैकल्पित फसलों जैसे मक्का , अरहर, मूंग, उड़द, तिल, कपास, सब्जी आदि की खेती कर सकते है ।
  • हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने यह भी जानकारी दी कि मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के प्रचार के लिए जल्द ही वेब पोर्टल बनाया जाएगा जिस पर किसान अपनी समस्याओं का निदान पाने के लिए आवाज उठा सकेंगे ।
  • हरियाणा राज्य के किसी  दूसरे ब्लाक में भी इच्छुक किसान धान की खेती छोड़ना चाहते हैं तो वह भी इस योजना के अंतर्गत अनुदान के लिए आवेदन कर पाएंगे।
  • इससे भावी पीढ़ी के लिए पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर सकेंगे।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत शामिल किए गए क्षेत्र

  • रतिया
  • सीवन
  • गुहला
  • पीपली
  • शाहजहानाबाद
  • बाबैन
  • इस्माईलाबाद
  • सिरसा आदि

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन

  • इस योजना के माध्यम से यदि किसान द्वारा खेती की जमीन के 50% या फिर उससे अधिक हिस्से पर धान की जगह मक्का, कपास, बाजरा, दलहन, सब्जियां आदि की फसल उगाई जाती है तो इस स्थिति में किसान को ₹7000 प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि प्रदान किया जायेगा ।
  • यह राशि प्राप्त करने के लिए किसान को गत वर्ष के धान के क्षेत्रफल में 50% या फिर 50% से अधिक फसल विविधीकरण करना होगा।
  • यदि किसान द्वारा फसल विविधीकरण के लिए सिंचाई यंत्र खेत में लगाए जाते हैं तो इस स्थिति में किसान को कुल लागत का सिर्फ जीएसटी ही देना होगा।
  • यदि किसान द्वारा फसल विविधीकरण के अंतर्गत फसल का बीमा कराया जाता है तो किसान के हिस्से की राशि का भुगतान सरकार द्वारा किया जाएगा।
  • मक्का बिजाई मशीन पर 40% का अनुदान प्रदान किया जाएगा।
  • मंडियों में मक्का सुखाने के लिए मशीन की स्थापना की जाएगी जिससे कि किसानों को उचित मूल्य का भुगतान किया जा सके।
  • किसान द्वारा Mera Pani Meri Virasat के अंतर्गत उगाई गई फसल पर सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थित मूल्यपर खरीद की जाएगी।
  • सभी खंड जिनका भू जलस्तर 35 मीटर गहराई या फिर उससे ज्यादा है एवं पंचायत की भूमि पर धान के अतिरिक्त कम पानी का उपयोग करने वाली फसलों को उगाया जाता है तो इस स्थिति में ग्राम पंचायत को ₹7000 प्रति एकड़ प्रदान किए जाएंगे।
  • वह सभी किसान जिन्होंने फसल विविधीकरण के अंतर्गत धान को जगह फलदार पौधे एवं सब्जियों की खेती की है उनको ₹7000 प्रति एकड़ की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा उनको बागवानी विभाग द्वारा संचालित किए जाने वाली अन्य योजनाओं के प्रावधानों के अनुसार अनुदान राशि का भुगतान भी किया जाएगा।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना मुख्य तथ्य

  • किसानों को उन जगहों पर धान की खेती करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जहां पर पिछले वर्ष धान की खेती नहीं हुई थी।
  • वह ग्राम पंचायत जहां पर जल स्तर 35 मीटर गहरा है वहां पर धान की खेती नहीं की जाएगी।
  • वह किसान जिनकी ट्यूबवेल 50 हॉर्स पावर इलेक्ट्रिक मोटर से चल रही है उनको धान की खेती करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • ड्रिप इरिगेशन सिस्टम खेत में लगाने पर 85% की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • इस योजना की सफलता के लिए सरकार द्वारा व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा।
  • इस योजना के कार्यान्वयन के लिए एक पोर्टल आरंभ किया जाएगा।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना के लाभ

  • इस योजना का लाभ हरियाणा के किसान भाई उठा सकते है ।
  • मक्का और दलहन की खेती में आवश्यक बुवाई आदि फार्म मशीनरी उपलब्ध कराने के साथ माइक्रो-इरीगेशन और ड्रिप इरीगेशन के लिए 80 फीसदी सब्सिडी भी दी जाएगी ।
  • इस योजना के तहत मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, तिल, कपास और सब्जी की खेती की जाएगी इन फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी।
  • इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा प्रत्साहन धनराशि प्राप्त करने के लिए किसानो को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा ।

दस्तावेज़ (पात्रता )

  • आवेदक हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  • आधार कार्ड
  • पहचान पत्र
  • बैंक अकाउंट पासबुक
  • कृषि योग्य भूमि के कागज़ात
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

मेरा पानी मेरी विरासत योजना में आवेदन कैसे करे ?

राज्य के जो इच्छुक लाभार्थी Mera Pani Meri Virasat Yojana के तहत ऑनलाइन आवेदन करना चाहते है तो वह नीचे दिए गए तरीके को फॉलो करे :-

    • सर्वप्रथम आवेदक को योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।  आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के बाद आपके सामने होम पेज खुल जायेगा।
  • इस होम पेज पर आपको New Registration के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। ऑप्शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने अगला पेज खुल जायेगा।

  • इसके बाद आपके सामने लॉगिन फॉर्म आ जायेगा आपको लॉगिन फॉर्म में अपना मोबाइल नंबर भरना होगा और फिर कैप्चा कोड डालकर लॉगिन के बटन पर क्लिक करना करना होगा।
  • बटन पर क्लिक करने के बाद आपके आपके सामने रजिस्ट्रेशन फॉर्म खुल जायेगा और आपको रजिस्ट्रेशन फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी को भरना होगा। सभी जानकारी भरने के बाद आपको सबमिट के बटन पर क्लिक करना होगा।  इस तरह आपका पंजीकरण पूरा हो जायेगा।

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प्रगतिशील किसान सम्मान योजनाभारत की आर्थिक व्यवस्था को मजबूत‌ बनाए रखने में किसान भी अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन आज भी कहीं ना कहीं हमारे देश के किसानों के कार्य एवं मेहनत को सही सम्मान नहीं मिल पाता है हरियाणा सरकार द्वारा अपने राज्य के प्रगतिशील किसानों की मेहनत एवं लगन को सम्मानित…Click Here विभिन्न मशीनीकरण योजनाओं के तहत आवेदन आमंत्रित – वित्तीय वर्ष 2023-24किसानों को एक घोषणा पत्र देना होगा जिसमें किसान को बताना होगा कि पिछले तीन वर्षों से मशीन पर अनुदान नहीं लिया है इसके साथ फसल अवशेष न जलाने की शपथ भी लेनी होगी। शपथ लेने वालों को ही इस योजना का लाभ मिलेगा..Click Hereफसल अवशेष प्रबंधनफसलों की कटाई के बाद कई किसान खेतों में बचे अवशेषों में किसान आग लगा देते हैं पराली के इसी धुएं में लोगों की सांस फूलने लगती है कार्बन के कण वाला यहीं धुआं स्मॉग के रूप में हरियाणा, पंजाब, उत्तरप्रदेश, दिल्ली को अपनी जद में ले लेता है अब उसी पराली से निपटने के लिए हरियाणा सरकार किसानों को प्रोत्साहन धनराश…Click Here
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मेरी फसल मेरा ब्यौरा

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  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा के लाभ
  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा के उद्देश्य
  • इस पोर्टल में रजिस्ट्रेशन के लिए पात्रता
  • पंजीकरण के लिए ज़रूरी दस्तावेज़
  • कैसे करें इस पोर्टल में पंजीकरण
  • पड़ोसी राज्य के किसानों का पंजीकरण
  • कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा पंजीकरण

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मेरी फसल मेरा ब्यौरा के लाभ

मेरी फसल मेरा ब्योरा के सभी फायदों को हमने नीचे सूचीबद्ध किया है :-

  • किसानों और फसल का रजिस्ट्रेशन और खेत की पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज होगी।
  • इस पोर्टल के द्वारा अब एक ही जगह पर किसानों के लिए सभी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध होगी और किसानों की समस्याएं भी दूर होगी।
  • फसल की बुवाई एवं बाजार से जुड़ी जानकारी देना।
  • कृषि जानकारियां समय-समय पर इस मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल में मिलेगी।
  • भोजन, बीज, ऋण और कृषि उपकरण की सब्सिडी उचित समय पर मिलेगी।
  • प्राकृतिक आपदाओं में उचित सहायता मिलेगी।

मेरी फसल मेरा ब्यौरा के उद्देश्य

यह पोर्टल मेरी फसल मेरा ब्योरा राज्य में किसानों के भले और उन्हें बेहतर आर्थिक सहायता के लिए बना है।  इस आधिकारिक पोर्टल के होमपेज पर लिखे कुछ महत्वपूर्ण उद्देश्यों को हमने नीचे लिखा है :-

  • फसलों और किसानों के पंजीकरण को आसान  करना।
  • पंजीकृत फसलों और खेत की एक ही स्थान पर सही जानकारी 
  • इस पोर्टल के माध्यम से किसानों को उनकी समस्याओं का आसानी से समाधान देना।
  • किसानों को नवीनतम घटनाओं से अपडेट रखना एवं कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाना।
  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल एक पहल है जिससे किसानों को उनकी फसलों के लिए समय पर सब्सिडी और ऋण मिले। 
  • इस पोर्टल के द्वारा बाजार में फसलों को बेचने व् विशेष फसल की खेती के समय के बारे में भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
  • प्राकृतिक आपदाओं के समय किसानों और फसलों को हुए नुकसान के लिए सही आर्थिक सहायता प्रदान करना।

इस पोर्टल में रजिस्ट्रेशन के लिए पात्रता

अगर आप एक किसान हैं और आपने अभी तक मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल में अपना नाम दर्ज़ नहीं किया है तो नीचे पहले यह जान लें की आप इसके पात्र हैं या नहीं। इस मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के तहत पंजीकरण करने के लिए पात्रता मानदंड हमने नीचे लिखे हैं:

  • हरियाणा राज्य के सभी किसान-लाभार्थी इस पोर्टल में पंजीकरण के पात्र हैं।
  • इस पोर्टल में पंजीकरण के लिए किसान की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  • ज़मींदार, पट्टेदार या किराएदार समेत कोई भी किसान इस पोर्टल में पंजीकरण करा सकते हैं।

पंजीकरण के लिए ज़रूरी दस्तावेज़

अगर आपने अब तक इस पोर्टल में अपना नाम पंजीकृत नहीं करवाया है और करवाना चाहते हैं तो आपको कुछ कागज़ इस पोर्टल पर जमा करवाने होंगे, इसलिए जब भी पंजीकरण करवाएं नीचे लिखे सभी दस्तावेज़ों को अपने साथ ही रखें। 

  • मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर सबसे पहले पहचान का प्रमाण जैसे लाइसेंस या आधार, वोटर, या पैन कार्ड
  • निवास प्रमाण जैसे बिजली बिल, संपत्ति बिल या कुछ और 
  • बैंक अकाउंट का विवरण
  • पासपोर्ट आकार की फोटो 
  • ज़मीन का प्रमाण ( किला नंबर, खतौनी, या खसरा)

इन दस्तावेज़ों से मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल में आप आसानी से पंजीकरण कर सकते हैं। 

कैसे करें इस पोर्टल में पंजीकरण

अगर आप एक साधारण से व्यक्ति हैं जिन्हें इंटरनेट या ऑनलाइन काम काज में थोड़ी दिक्कत होती है तो हमारे इस लेख में आगे पढ़ें हमने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को एकदम सरल भाषा में नीचे लिखा है।

कुछ ही स्टेप्स का पालन करके आप इस पोर्टल मेरी फसल मेरा ब्यौरा में आसानी से अपना नाम दर्ज कर सकते हैं।

Step 1- साइट ओपन करे :-

Step 2 – लॉगिन करें :-

आधिकारिक वेबसाइट में सामने ही आपको दो विकल्प नज़र आएंगे – किसान लॉगिन और अन्य लॉगिन जिसमें से आपको किसान लॉगिन की बटन दबाकर आगे बढ़ना है।

Step 3 – पंजीकरण करें :-

जैसे ही आप किसान लॉगिन में बढ़ेंगे, एक नया पेज खुलेगा जिसमें आपको किसान पंजीकरण में क्लिक करना है

Step 4- फॉर्म भरें :-

जिसके बाद आपको किसान लॉगिन फॉर्म मिलेगा जिसमें आपको अपना नंबर दर्ज करना होगा

Step 5 – OTP डालें :-

जिसके बाद मोबाइल पर आए OTP संख्या को दर्ज करके आपको अगर बढ़ना है।

Step 6 – आधार नंबर डालें :-

उसके तुरंत बाद आपको या तो अपने परिवार का या खुद का आधार कार्ड नंबर देना होगा।

Step 7 – फॉर्म भरें :-

उसके बाद एक-एक करके आप अपना फॉर्म भरें।

Step 8 – जानकारी भरें :-

जिसके बाद ज़मीन से जुड़ी सारी जानकारी का विवरण दर्ज कराएं।

Step 9 – बैंक और मंडी का विवरण डालें :-

फिर बैंक का और उसके बाद मंडी का सारा विवरण दर्ज करें 

Step 10 – सबमिट कर दें :-

जिसके बाद आपके पास इस पोर्टल का यूजरनाम और पासवर्ड आ जाएगा, उसे लिख लें और आगे सबमिट की बटन दबा दें। 

इस तरह से हरियाणा के किसानों का पंजीकरण सफलता से हो जाएगा। अब मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल की एक और खासियत है कि इसमें पड़ोसी राज्य वाले किसान भी अपना नाम दर्ज कर सकते हैं।

अगर अभी भी आपको नहीं समझ आया हो तोह आप आसानी से नीचे दिए वीडियो को देख कर पंजीकरण की प्रक्रिया को समझ सकते हैं।

पड़ोसी राज्य के किसानों का पंजीकरण

हरियाणा राज्य की सरकार ने ना सिर्फ हरियाणा के लिए बल्कि आस पास के राज्यों के किसानों के लिए भी इस पोर्टल की सेवाओं को खुला रखा है, लेकिन पड़ोसी राज्य के किसान सिर्फ गेहूं की फसल का रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं अन्य किसी फसल का नहीं। 

नीचे पंजीकरण के स्टेप्स पढ़ें –

Step 1 – इस पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं 

Step 2 – जिसके बाद फार्मर कार्नर पर जाकर पड़ोसी राज्य के किसान के पंजीकरण में जाएं

Step 3 – जहाँ अपनी जरूरत अनुसार विकल्प चुनें और पंजीकरण की प्रक्रिया में आगे बढ़ें।

इस तरह अगर आप हरियाणा के पड़ोसी राज्य के किसान हैं और आपको ऊनी गेहूं की फसल का ब्यौरा इस पोर्टल में जमा करके सुविधाएं लेनी हैं तो आप ऐसे पंजीकरण करवाएं।

कॉमन सर्विस सेंटर द्वारा पंजीकरण

जैसा कि आप सभी ये जानते ही होंगे कि अगर आप किसी सरकारी योजना में आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर खुद का नाम दर्ज नहीं करवा सकते हैं तो ऐसे में आप कॉमन सर्विस सेंटर में ऊपर दिए हुए सभी दस्तावेजों के साथ पंजीकरण करवाने जा सकते हैं।

यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि कॉमन सर्विस सेंटर से आपका पंजीकरण निशुल्क होगा और आपको एक रॉइड भी मिलेगी जिसे आपको संभाल कर रखना होगा।

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जीवंत ग्राम कार्यक्रम

Table Of Content

  • जीवंत ग्राम कार्यक्रम
  • जीवंत ग्राम कार्यक्रम चर्चा में क्यों है ?
  • जीवंत ग्राम कार्यक्रम का उद्देश्य
  • अधिदेश
  • दायरा
  • अनुदान
  • महत्व
  • जीवंत ग्राम कार्यक्रम की विशेषताएं
  • वाइब्रेंट विलेज योजना का क्रियान्वयन

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जीवंत ग्राम कार्यक्रम
जीवंत ग्राम कार्यक्रम चर्चा में क्यों है ?
जीवंत ग्राम कार्यक्रम का उद्देश्य
अधिदेश
दायरा
जीवंत ग्राम कार्यक्रम

यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसका उद्देश्य उत्तरी सीमा पर सीमावर्ती गांवों के स्थानीय प्राकृतिक मानव एवं अन्य संसाधनों के आधार पर आर्थिक चालकों की पहचान करना तथा “हब एंड स्पोक मॉडल” पर विकास केंद्रों का विकास करना है।

जीवंत ग्राम कार्यक्रम चर्चा में क्यों है ?

हाल ही में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 के लिए केंद्र प्रायोजित योजना- “जीवंत ग्राम कार्यक्रम” (वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम/वीवीपी) को स्वीकृति प्रदान की है।

जीवंत ग्राम कार्यक्रम का उद्देश्य

जीवंत ग्राम कार्यक्रम (वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम) देश के उत्तरी भूमि सीमा के साथ 19 जिलों एवं 46 सीमा ब्लॉकों 4 राज्यों तथा 1 केंद्र शासित प्रदेशों में आवश्यक आधारिक अवसंरचना के विकास एवं आजीविका के अवसरों के निर्माण के लिए धन प्रदान करेगी।

अधिदेश

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम समावेशी विकास प्राप्त करने एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में आबादी को बनाए रखने में सहायता करेगा।
प्रथम चरण में 663 गांवों को कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

दायरा

जीवंत ग्राम कार्यक्रम (वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम) 19 जिलों एवं 46 सीमावर्ती ब्लॉकों 4 राज्यों तथा 1 केंद्र शासित प्रदेशों में देश की उत्तरी भूमि सीमा के साथ लागू किया जाएगा।

अनुदान
महत्व
जीवंत ग्राम कार्यक्रम की विशेषताएं
वाइब्रेंट विलेज योजना का क्रियान्वयन
अनुदान

वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (वीवीपी) को 4800 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन के साथ स्वीकृति प्रदान की गई थी। ।
4800 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन में से 2500 करोड़ रुपये का उपयोग सड़कों के लिए किया जाएगा।

महत्व

जीवंत ग्राम कार्यक्रम (वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम) के परिणामस्वरूप उत्तरी सीमा पर ब्लॉकों के गांवों का व्यापक विकास होगा एवं इस प्रकार चिन्हित सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा।
इससे लोगों को सीमावर्ती क्षेत्रों में अपने मूल स्थानों में रहने के लिए प्रोत्साहित करने में सहायता मिलेगी एवं इन गांवों से पलायन को प्रतिलोमित कर सीमा की सुरक्षा में सुधार होगा।

जीवंत ग्राम कार्यक्रम की विशेषताएं

वाइब्रेंट विलेज स्कीम स्थानीय प्राकृतिक मानव एवं उत्तरी सीमा पर सीमावर्ती गांवों के अन्य संसाधनों के आधार पर आर्थिक चालकों की पहचान तथा विकास करने एवं “हब एंड स्पोक मॉडल” पर विकास केंद्रों के विकास में सहायता करती है इसे निम्नलिखित के माध्यम से संपादित किया जाना है :-

सामाजिक उद्यमिता को प्रोत्साहन,
कौशल विकास एवं उद्यमिता के माध्यम से युवाओं तथा महिलाओं का सशक्तिकरण,
स्थानीय सांस्कृतिक, पारंपरिक ज्ञान एवं विरासत को प्रोत्साहित कर पर्यटन क्षमता का लाभ उठाना एवं
समुदाय आधारित संगठनों, सहकारी समितियों,  स्वयं सहायता समूह (सेल्फ हेल्प ग्रुप्स/एसएचजी), एनजीओ इत्यादि के माध्यम से “एक गांव-एक उत्पाद” की अवधारणा पर सतत पर्यावरण-कृषि व्यवसायों का विकास।

वाइब्रेंट विलेज योजना का क्रियान्वयन

जिला प्रशासन ग्राम पंचायतों के सहयोग से जीवंत ग्राम कार्य योजना (वाइब्रेंट विलेज एक्शन प्लान) बनाएगा। केंद्र एवं राज्य की योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्ति सुनिश्चित की जाएगी।

जिन प्रमुख परिणामों का प्रयास किया गया है, वे हैं, बारहमासी सड़क, पेयजल, 24×7 बिजली के साथ संपर्क – सौर एवं पवन ऊर्जा पर ध्यान केंद्रित किया जाना, मोबाइल तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी।
पर्यटन केंद्र, बहुउद्देशीय केंद्र एवं स्वास्थ्य तथा कल्याण केंद्र।
सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के साथ अतिव्यापन (ओवरलैप) नहीं होगा।

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