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  • योजना का मुख्य उद्देश्य 
  • पहले चरण में योजना के अंतर्गत शामिल फसलें, संरक्षित मूल्य व निर्धारित उत्पादन
  • योजना की मुख्य विशेषताएं
  • योजना के अंतर्गत लाभ हेतु पंजीकरण प्रक्रिया
  • प्रोत्साहन प्रक्रिया
  • योजना का आंकलन
  • आधिकारिक वेबसाइट

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योजना का मुख्य उद्देश्य 

बागवानी उत्पादकों के लिए मण्डी में उनके उत्पादन से कम दाम मिलने पर सरकार द्वारा भरपाई करने की एक अनूठी योजना।

  • मण्डी में सब्जी व फल की कम कीमत के दौरान किसानों का निर्धारित संरक्षित मूल्य द्वारा ज़ोखिम को कम करना।
  • कृषि में विविधिकरण के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना।

पहले चरण में योजना के अंतर्गत शामिल फसलें, संरक्षित मूल्य व निर्धारित उत्पादन

  • चार फसलें टमाटर, प्याज, आलू एवं फूलगोभी।
  • चिन्हित फसलों का संरक्षित मूल्य एवं निर्धारित उत्पादन।
क्रं सख्या फसल का नाम संरक्षित मूल्य(रुपये प्रति क्विंटल ) निर्धारित उत्पादन(क्विंटल प्रति एकड़)
सब्ज़ियाँ
1. आलू 600 120
2. प्याज 650 100
3. टमाटर 500 140
4. फूलगोभी 750 100
5. गाजर 700 100
6. मटर 1100 50
7. शिमला मिर्च 900 80
8. बैंगन 500 110
9. भिन्डी 1050 70
10. मिर्च 950 70
11. लौकी 450 110
12. करेला 1350 40
13. हल्दी 1400 80
14. पत्ता गोभी 650 100
15. लहसुन 2300 50
16. मूली 450 100
फल
 
1. अमरूद 1300 70
2. आम 1950 50
3. किन्नू 1100 104

योजना की मुख्य विशेषताएं

 
  1. सब्जी काश्तकारों को जोखिम मुक्त करना।
  2. योजना के अंतर्गत उक्त चार फसलों पर रुपए 48000/ – से रुपए 56000/ – प्रति एकड़ आमदनी सुनिश्चित करना।
  3. योजना के अंतर्गत चार सब्जियों (टमाटर, प्याज, आलू एवं फूलगोभी) के लिए संरक्षित मूल्य निर्धारित करना।
  4. मण्डी में निर्धारित अवधि के अन्दर सब्जी के कम दाम में बिकने पर वेबसाईट (www.hsamb.gov.in) पर BBY ई-पोर्टल के माध्यम से पंजीकृत किसानों को संरक्षित मूल्य तक भाव के अंतर की सरकार द्वारा भरपाई।
  5. इस स्कीम का लाभ भूमि मालिक, पट्टेदार या किराये पर काश्तकार लेने के पात्र।

योजना के अंतर्गत लाभ हेतु पंजीकरण प्रक्रिया

  • इस योजना के तहत लाभ लेने के लिए किसान को बिजाई अवधि के दौरान मार्केटिंग बोर्ड की वेबसाईट पर बागवानी भावान्तर (BBY) ई-पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करवाना अनिवार्य।
  • उद्यान विभाग द्वारा पंजीकृत किसानों का क्षेत्र प्रमाणीकरण।
  • प्रमाणित क्षेत्र से असंतुष्ट होने पर किसान द्वारा अपील दायर करने का प्रावधान।
  • उत्पादक का निःशुल्क पंजीकरण।
  • पंजीकरण केवल निर्धारित अवधि के दौरान खुला रहेगा।
  • सर्व सेवा केंद्र/ई-दिशा केंद्र/मार्किटिंग बोर्ड/ बागवानी विभाग/कृषि विभाग और इन्टरनैट कियोस्क पर पंजीकरण सुविधा उपलब्ध होगी।
  • पंजीकरण, सत्यापन, अपील और बिक्री अवधि का निर्धारणः
    • पंजीकरण केवल नीचे तालिका में दर्शायी गई अवधि में ही मान्य होगा।
    • सत्यापन व अपील नीचे तालिका में दर्शायी गई अवधि में होगा।
    • प्रोत्साहन नीचे तालिका में दर्शायी बिक्री अवधि के दौरान मान्य।

प्रोत्साहन प्रक्रिया

 
  • प्रोत्साहन के लिए जे-फार्म पर बिक्री अनिवार्य होगी।
  • जे-फार्म पर बिक्री उपरांत बिक्री विवरण BBY ई-पोर्टल पर अपलोड होगा, जिसके लिए प्रत्येक संबंधित मार्केट कमेटी के कार्यालय में सुविधा उपलब्ध होगी।
  • बिक्री की अवधि के दौरान यदि फसल उत्पादन का थोक मूल्य संरक्षित मूल्य से कम मिलता है, तो किसान भाव के अंतर की भरपाई के लिए पात्र होगा।
  • जे-फार्म पर बिक्री तथा निर्धारित उत्पादन प्रति एकड़ (जो भी कम होगा) को भाव के अंतर से गुना करने पर प्रोत्साहन देय होगा।
  • प्रोत्साहन राशि किसान के आधार लिंकड बैंक खाते में बिक्री के 15 दिन के अन्दर जारी कर दी जाएगी।
  • औसत दैनिक थोक मूल्य मण्डी बोर्ड द्वारा चिन्हित मण्डियों के दैनिक भाव के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।

योजना का आंकलन

  • योजना को प्रभावी तौर पर लागू करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय एवं उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समितियों द्वारा समय-समय पर आंकलन।
  • अखबारों, डिजिटल सुविधाओं, गोष्ठिओं व किसान सम्मेलनों के माध्यम से योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार।
  • योजना के लिए पर्याप्त धन राशि का प्रावधान।
अधिक जानकारी के लिए जिला स्तर पर बागवानी विभाग के जिला उद्यान अधिकारी अथवा मार्केटिंग बोर्ड के डी.एम.ई.ओ. से संपर्क करें।

आधिकारिक वेबसाइट

उद्यान विभाग, हरियाणा
Website:  https://hortharyana.gov.in/en

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