Haryana Solar Water Pump Scheme 

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हरियाणा सरकार के सरल पोर्टल saralharyana.gov.in पर प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत हरियाणा के किसानो के लिए 6 श्रृंखला के अंतर्गत सौर पंप लगवाने हेतु नया आवेदन 20-02-2024 से 01 मार्च 2024 तक आमंत्रित किये जा रहे हैं | इच्छित किसान सरल पोर्टल (saralharyana.gov.in) पर जाकर अपनी जरूरत के अनुरूप सोलर पंप की क्षमता और प्रकार का चयन करके अपने पसंद की कंपनी चुनें और लाभार्थी हिस्सा जमा करवाएं

महत्वपूर्ण जानकारी

  1. किसान 75% अनुदान राशि पर 3 एच.पी. से 10 एच.पी. सोलर पंप के लिए आवेदन कर सकते हैं
  2. बिजली आधार कनेक्शन (UHBVN/DHBVN) के लिए बिजली आधार कनेक्शन के मोजुदा आवेदको को सोर ऊर्जा पंप के कनेक्शन के लिए पराथमिकता दी जाएगी, बसरते उनको अपने मौजुदा बिजली कनेक्शन को समर्पण(surrender) करना पड़ेगा|
  3. वर्ष 2019 से 2021 तक के मौजुदा किसान जिन्होनें 1 एच.पी. 10 एच.पी. बिजली आधारित कृषि ट्यूबवेल के लिए DISCCOM (UHBVN/DHBVN) मे आवेदन किया था उन्हे पी.एम. कुसुम योजना के तहत उन्हें सोलर पंप कनेक्शन की प्रउन्हे पी.एम. कुसुम योजना के तहत उन्हें सोलर पंप कनेक्शन की प्रथमिकता  दी जाएगी |
  4. इस वर्ष के लक्षित लाभार्थियो का चयन परिवार की वार्षिक आय भूमि धारण (land Holding)के आधार पर किया जाएगा|
  5. किसान अपने खेत का आकार, पानी का स्तर और पानी की जरुरत अनुसार प्रकार और पंप का चयन करें|
  6. किसान को अपने खेत में केवल बोर करवाकर देना होगा बाकी पंप स्थापना का काम फर्म द्वारा किया जाएगा|
  7. पुराने सभी आवेदक भी नए सिरे से आवेदन करे(जिन्होनें अभी तक लाभर्थी हिसा नहीं जमा करवाया है बिना लाभर्थी हिसाब के जमा किए गए आवेदन को अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा)

पात्रता और महत्वपूर्ण दस्तावेज

  1. परिवार पहचान पत्र(PPP )|
  2. आवेदक के परिवार (PPP) के नाम पर सोलर का कनेक्शन ना हो |
  3. आवेदक के नाम पर बिजली आधारित पंप ना हो |
  4. आवेदक के नाम पर कृषि भूमि की जमाबंदी/फर्द |
  5. हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण के सर्वेक्षण के अनुसार उन गांवों में जहां भूजल स्तर 100 फीट नीचे चला गया है सुक्ष्म सिंचाई परनाली की सथपना अनिवार्ये है अन्य को भूमिगत पाइपलाइन (Underground Pipeline ) या सुक्ष्म सिंचाई परनाली को लगाना अनिवार्ये है |
  6. धान उगाने वाले किसान जिनके क्षेत्र में HWRA की रिपोर्ट के आधार पर भूजल स्तर 40 मीटर से नीचे गिर गया है वह किसान योजना के पात्र नहीं है |
  7. सोलर पंप योजना 2023-24 के नियम और शर्त की पूरी जानकारी विभाग की आधिकारिक साइट ( https://hareda.gov.in/ )पर जाएं |

अन्य दिशानिर्देश

  • सबसे पहले किसान के खेत में सर्वे किया जाएगा सर्वेक्षण के समय किसान ध्यानपूर्वक अपने पंप  के हेड का चयन करें और सर्वे फॉर्म पर हस्ताक्षर करें क्योंकि एक पंप के टिन हेड होते हैं| जिनमें पानी की निकासि हेड अनुसार अलग-अलग होती है अगर पंप लगाने के बाद किसान अलग हेड का पंप बदलता है तो उसकी किमत किसान को देनी होगी |
  • पंप लगने से पहले किसान को खेत में अपने खर्च पर पंप लगाने से पहले किसान को खेत में अपने खर्च पर बोरिंग करवा के देनी होगी या बोर की कैविटी अच्छी तरह से की हो |
  • सभी कंपनियों के पैनल स्ट्रक्चर का डिज़ाइन अलग-अलग हो सकता है जो कि आईटीआई संस्थान से मान्यता प्राप्त हूं इसलिए किसान पैनल संरचना के डिजाइन को लेकर भ्रमित न हो एसी स्थिति में किसान कंपनी से उनके पैनल स्ट्रक्चर के डिजाइन सर्टिफिकेट की मांग कर सकता है |
  • किसान अपनी देखरेख में पंप की स्थापना करवाएं स्थापना के समय कोई संशय की स्थिति में किसान कंपनी से पंप स्थापना के ड्राइंग की मांग कर सकता है या अपने जिले के अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं |
  • स्थापना करवाने के लिए किसान किसी प्रकार का वहन ना करे तथा पंप स्थापना के पूर्ण रूप से संतुष्ट होने पर वह किसान स्थापना पत्र पर हस्ताक्षर करे|
  • किसान का पंप 5 साल की वारंटी (warranty) पर आता है पंप के साथ इंटरपुट करना पूर्णरूप से खत्म हो जाएगा एसी स्थिति में वारंटी पूर्णरूप से खत्म हो जाएगी |
  • ये पंप 5 साल के लिए चोरी तथा प्राकृतिक आपदा से सुरक्षित है पंप लगाने के बाद उसकी सुरक्षा सम्बन्दी पूर्ण जिमेवारी किसान बीमा क्लेम की स्थिति में किसान को 7 दिनों के भीतर लिखित जानकारी आपके जिले के अतिरिक्त उपायुकत कार्यालय, आपकी चुनी कंपनी और विमा कंपनी में देनी होगी| आपकी चोरी की स्थिति में 7 दिनों के भीतर एफ आई आर रिपोर्ट कारवानी होगी |
  • यदि किसान लगाए गए पंप उस जगह से पंप स्थानात्रित करता है या उसको बेचता है या उसका दुरुपयोग करता है एसी स्थिति में किसान को सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी राशि वापसी करनी होगी तथा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करवाते हुए एफ आई आर दर्ज करवा दी जाएगी|

सोलर पम्पिग की क्षमता के अनुसार फर्म और किसान दे राशि की सुची

क्रमांक सोलर पंप का प्रकार एवं क्षमता लाभार्थी का हिस्सा जमा किया जाना है फर्मों का नाम
1 3 एचपी डीसी, सरफेस (मोनोब्लॉक) सामान्य नियंत्रक के साथ ₹ 53,926
  • एल्पेक्स सोलर प्राइवेट लिमिटेड
  • एवीआई(avi) एप्लायंसेज प्रा. लिमिटेड
  • डायनेमेक इलेक्ट्रोपावर प्राइवेट लिमिटेड
  • इकोज़ेन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
  • एथोस पावर प्राइवेट लिमिटेड
  • जीके एनर्जी मार्केटर्स प्राइवेट लिमिटेड
  • हिमालयन सोलर प्राइवेट लिमिटेड
  • केएसबी लिमिटेड(ksb ltd)
  • लक्ष्मी एजेंसी
  • मीरा एनर्जी रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड
  • वनइंडिग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
  • ओसवाल पंप्स लिमिटेड
  • पीसीआई वायर्स प्राइवेट लिमिटेड
  • प्रीमियर एनर्जीज लिमिटेड
  • रोटोमैग मोटर्स एंड कंट्रोल्स प्राइवेट। लिमिटेड
  • शक्ति पंप्स इंडिया लिमिटेड
  • स्पैन पंप्स प्राइवेट लिमिटेड
2 7.5 एचपी डीसी, सामान्य नियंत्रक के साथ सबमर्सिबल ₹ 1,13,629
  • एल्पेक्स सोलर प्राइवेट लिमिटेड
  • ऑस्ट्रेलियन प्रीमियम सोलर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  • एवीआई एप्लायंसेज प्राइवेट लिमिटेड
  • सी.आर.आई. पंप्स प्राइवेट लिमिटेड
  • क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड
  • ड्यूक प्लास्टो टेक्नीक प्राइवेट लिमिटेड
  • डायनेमेक इलेक्ट्रोपावर प्राइवेट लिमिटेड
  • इकोजेन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
  • एथोस पावर प्राइवेट लिमिटेड
  • एवररेन्यू एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड
  • जीके एनर्जी मार्केटर्स प्राइवेट लिमिटेड
  • हिमालयन सोलर प्राइवेट लिमिटेड
  • कोसोल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड
  • केएसबी लिमिटेड
  • लक्ष्मी एजेंसी
  • मीरा एनर्जी रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड
  • वनइंडिग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
  • ओसवाल पंप्स लिमिटेड
  • पीसीआई वायर्स प्राइवेट लिमिटेड
  • प्रीमियर एनर्जीज लिमिटेड
  • पीवी पावर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
  • रोटोमैग मोटर्स एंड कंट्रोल्स प्राइवेट लिमिटेड
  • स्पैन पंप्स प्राइवेट लिमिटेड
  • शक्ति पंप्स इंडिया लिमिटेड
  • अल्टेक एनर्जीज
3 10 एचपी डीसी, सबमर्सिबल के साथ सामान्य नियंत्रक ₹ 1,42,170
  • अल्पेक्स सोलर प्राइवेट लिमिटेड
  • एवीआई एप्लायंसेज प्रा. लिमिटेड
  • सी.आर.आई. पंप्स प्राइवेट लिमिटेड
  • क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड
  • डायनेमेक इलेक्ट्रोपावर प्राइवेट लिमिटेड
  • इकोजेन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
  • एथोस पावर प्राइवेट लिमिटेड
  • एवररेन्यू एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड
  • जीके एनर्जी मार्केटर्स प्राइवेट लिमिटेड
  • मीरा एनर्जी रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड
  • वनइंडिग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
  • ओसवाल पंप्स लिमिटेड
  • पीसीआई वायर्स प्राइवेट लिमिटेड
  • प्रीमियर एनर्जीज लिमिटेड
  • रोटोमैग मोटर्स एंड कंट्रोल्स प्राइवेट। लिमिटेड
  • शक्ति पंप्स इंडिया लिमिटेड
  • स्पैन पंप्स प्राइवेट लिमिटेड
4 10 एचपी एसी, सामान्य नियंत्रक के साथ सबमर्सिबल ₹ 1,40,759
  • एल्पेक्स सोलर प्राइवेट लिमिटेड
  • गैलो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड
  • एवीआई एप्लायंसेज प्राइवेट लिमिटेड
  • सी.आर.आई. पंप्स प्राइवेट लिमिटेड
  • क्रॉम्पटन ग्रीव्स कंज्यूमर इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड
  • ड्यूक प्लास्टो टेक्नीक प्राइवेट लिमिटेड
  • डायनेमेक इलेक्ट्रोपावर प्राइवेट लिमिटेड
  • इकोजेन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
  • एथोस पावर प्राइवेट लिमिटेड
  • एवररेन्यू एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड
  • जीके एनर्जी मार्केटर्स प्राइवेट लिमिटेड
  • हिमालयन सोलर प्राइवेट लिमिटेड
  • कोसोल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड
  • मीरा एनर्जी रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड
  • लक्ष्मी एजेंसी
  • मीरा एनर्जी रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड
  • वनइंडिग टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
  • ओसवाल पंप्स लिमिटेड
  • पीसीआई वायर्स प्राइवेट लिमिटेड
  • प्रीमियर एनर्जीज लिमिटेड
  • पीवी पावर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
  • रोटोमैग मोटर्स एंड कंट्रोल्स प्राइवेट लिमिटेड
  • स्पैन पंप्स प्राइवेट लिमिटेड
  • शक्ति पंप्स इंडिया लिमिटेड
5 10 एचपी डीसी, यूनिवर्सल सोलर पंप नियंत्रक के साथ सबमर्सिबल ₹ 2,02,253
  • सी.आर.आई. पंप्स प्राइवेट लिमिटेड
  • हिमालयन सोलर प्राइवेट लिमिटेड
  • लक्ष्मी एजेंसी
  • शक्ति पंप्स इंडिया लिमिटेड
  • सूर्या इंटरनेशनल एंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड
6 10 एचपी एसी, यूनिवर्सल सोलर पंप नियंत्रक के साथ सबमर्सिबल ₹ 2,06,486
  • सी.आर.आई. पंप्स प्राइवेट लिमिटेड
  • इकोज़ेन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड
  • जीके एनर्जी मार्केटर्स प्राइवेट लिमिटेड
  • शक्ति पंप्स इंडिया लिमिटेड
  • हिमालयन सोलर प्राइवेट लिमिटेड
  • कोसोल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड
  • मीरा एनर्जी रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड
  • प्रीमियर एनर्जीज लिमिटेड
  • रोटोमैग मोटर्स एंड कंट्रोल्स प्राइवेट लिमिटेड

* सौर जल पम्पिंग प्रणाली की सांकेतिक तकनीकी विशिष्टताएँ

पंप प्रकार और क्षमता पीवी मॉड्यूल क्षमता
(PV MODULE CAPACITY )
मोटर पंप-सेट प्रकार शटऑफ डायनामिक हेड
(SHUTOFF DYANAMIC HEAD )
3HP(DC,surfaceसतह) 2700 WP नियंत्रक के साथ 3HP(3HP with controller ) 25.0 मीटर
3HP(DC, Submersible) 3000 WP 3HP with controller 45.0 मीटर
3HP(AC, Submersible) 3000 WP 3HP with controller 45.0 मीटर
5HP(DC,Surface) 4800 WP 5 HP with controller 45.0 मीटर
5 HP(DC,Submersible) 4800 WP 5HP with controller 70.0 मीटर
5HP(AC,Submersible) 4800 WP 5HP with controller 70.0 मीटर
7.5HP(DC,Surface) 6750 WP 7.5HP with controller 45.0 मीटर
7.5HP(DC,Submersible) 6750 WP 7.5HP with controller 100.0 मीटर
7.5HP(AC,Submersible) 6750 WP 7.5HP with controller 100.0 मीटर
10HP(DC,Surface) 9000 WP 10HP with controller 45.0 मीटर
10 HP(DC,Submersible) 9000 WP 10 HP with controller 100.0 मीटर
10 HP(AC,Submersible) 9000 WP 10 HP with controller 100.0 मीटर

* विभिन्न डायनामिक हेड वाले सौर पंपों की डिस्चार्ज तालिका

SN
कर्मांक नं
PUMP TYPE AND CAPACITY
(पंप प्रकार और क्षमता)
MODULE CAPACITY(W)
(मॉड्यूल क्षमता(डब्ल्यू))
DISCHARGE LITERS PER DAY AT VARIOUS HEAD (m)
(विभिन्न शीर्षों पर प्रति दिन डिस्चार्ज लीटर (एम) )
30 50 70 100 150
1 3HP(DC, Submersible) 3000 114000 69000 45000 —-
2 5HP(DC,Submersible) 4800 110400 72000 50400 —-
3 7.5HP(DC,Submersible) 6750 155250 101250 70875 —-
4 10 HP(DC,Submersible) 9000 207000 135000 94500 —-
5 3HP(AC, Submersible) 3000 105000 63000 42000 —- —-
6 5HP(AC,Submersible) 4800 100800 67200 43200 —-
7 7.5HP(AC,Submersible) 6750 141750 94500 60750 —-
8 10 HP(AC,Submersible) 9000 189000 126000 81000 —-
9 3HP(DC,Surface) 2700 297000 at 10m 148500 at 20m 72000 —-
10 5HP(DC,Surface) 4800 528000 at 10m 264000 at 20m 182400 at 30m —-
11 7.5HP(DC,Surface) 6750 742500 at 10m 371250 at 20m 256500 at 30m —-
12 10HP(DC,Surface) 9000 99000 at 10m 495000 at 20m 342000 at 30m —-

*जल उत्पादन के आंकड़े 7.5 किलोवाट प्रति वर्गमीटर की “औसत दैनिक सौर विकिरण” स्थिति के तहत एसपीवी पैनल की तीन बार ट्रैकिंग के साथ साफ धूप वाले दिन पर हैं। पीवी सरणी की सतह पर (यानी पीवी मॉड्यूल के साथ समतलीय)।

सोलर पंप की सम्पूर्ण तकनीकी विशिष्टताओं की जानकारी विभाग की वेबसाइट (https://hareda.gov.in/) या एमएनआरइ की वेबसाइट (mnre.gov.in) पर प्राप्त करें।
Note(टिप्पणी):- अधिक जानकारी के लिए आप अपने जिले के अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में परियोजना अधिकारी/सहायक परियोजना अधिकारी, नवीन एवं नवीनीकरण ऊर्जा विभाग एवं कार्यालय के टेलीफोन नं. 0172-3504085 पर सुबह 9.00 से शाम 5.00 बजे तक संपर्क करें |
https://youtu.be/O_7fVR5Qx74?si=Ua16oQxWR8cI3GXq

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Haryana Power Spray Pump Subsidy Yojana

 

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हरियाणा सरकार द्वारा किसानों के लिए हरियाणा स्प्रे पंप सब्सिडी स्कीम चलाई जा रही है| इस स्कीम के तहत किसानों को पावर स्प्रे पंप खरीदने पर अनुदान राशि दी जा रही है| हरियाणा सरकार द्वारा राज्य के किसानों को बैटरी से चलने वाले स्प्रे पंप पर ₹3000 की अनुदान राशि दी जाएगी| राज्य का जो भी इच्छुक किसान इस योजना का लाभ लेना चाहता है वह ऑनलाइन आवेदन कर सकता है| हरियाणा स्प्रे पंप सब्सिडी स्कीम के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिए गए हैं|

हरियाणा पावर स्प्रे पंप सब्सिडी स्कीम

हरियाणा सरकार द्वारा राज्य की किसानों के लिए समय-समय पर कई तरह की सब्सिडी स्कीम चलाई जाती हैं उनमें से एक स्कीम है स्प्रे पंप सब्सिडी स्कीम| इस स्कीम के तहत राज्य के किसानों को बैटरी से चलने वाला स्प्रे पंप खरीदने के लिए सब्सिडी राशि दी जाती है| इस योजना का लाभ राज्य के सभी छोटे एवं सीमांत किसान ले सकते हैं| हरियाणा सरकार द्वारा कृषि स्प्रे पंप योजना के तहत 50% सब्सिडी किसानों को दी जाएगी| किसान को अंतिम तिथि से पहले पहले आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से हरियाणा स्प्रे पंप सब्सिडी स्कीम के तहत पंजीकरण करवाना होगा|

हरियाणा पावर स्प्रे पंप सब्सिडी स्कीम विवरण

योजना का नाम पावर स्प्रे पंप सब्सिडी स्कीम
किसने शुरू की हरियाणा सरकार
लाभार्थी राज्य के किसान
उद्देश्य स्प्रे पंप के लिए अनुदान राशि देना
लाभ ₹3000
आवेदन शुरू तिथि ———-
आवेदन अंतिम तिथि ———-
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन
आधिकारिक वेबसाइट agriharyana.gov.in

हरियाणा पावर स्प्रे पंप सब्सिडी स्कीम का उद्देश्य

हरियाणा सरकार द्वारा पावर स्प्रे पंप सब्सिडी योजना शुरू करने का मुख्य उद्देश्य राज्य की किसानों को स्वयं चलित स्प्रे पंप खरीदने पर अनुदान राशि प्रदान करना है| हरियाणा सरकार द्वारा आज के समय में आधुनिक तकनीक के साथ राज्य के छोटे व सीमांत किसानों को जोड़ना है ताकि किसान समय की बचत वह आए में वृद्धि कर पाए| इस योजना के तहत किसान बैटरी वाला स्प्रे पंप खरीद सकते हैं जिसके लिए हरियाणा सरकार उन्हें ₹3000 की सब्सिडी राशि प्रदान करेगी| इस योजना का लाभ प्राप्त कर किसान आधुनिक तकनीक का उपयोग कर कृषि कार्य में आसानी ला सकते हैं|

हरियाणा पावर स्प्रे पंप सब्सिडी स्कीम लाभ एवं विशेषताएं

  • इस योजना के तहत किसानों द्वारा स्प्रे पंप खरीदने पर सब्सिडी राशि दी जाएगी|
  • इस योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी राशि स्प्रे पंप की खरीद पर 50% या ₹3000 की दी जाएगी|
  • इस योजना का लाभ राज्य के सभी छोटे एवं सीमांत किसान ले सकते हैं|
  • इस योजना के तहत मिलने वाली अनुदान राशि सीधे लाभार्थी किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी|
  • पावर स्प्रे पंप का उपयोग कर किसान अपने समय की बचत कर पाएंगे|

हरियाणा पावर स्प्रे पंप सब्सिडी योजना पात्रता

  • हरियाणा राज्य के स्थाई निवासी किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं|
  • राज्य के सभी छोटे एवं सीमांत किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं|
  • किसान द्वारा पहले इस योजना के तहत लाभ न लिया हो|

हरियाणा पावर स्प्रे पंप सब्सिडी योजना दस्तावेज

  • परिवार पहचान पत्र
  • आधार कार्ड
  • बैंक खाता संख्या
  • भूमि संबंधी दस्तावेज

हरियाणा पावर स्प्रे पंप सब्सिडी योजना आवेदन प्रक्रिया

  • सबसे पहले Agryhryana की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं|
  • होम पेज पर Former Corner के ऑप्शन पर क्लिक करें|
  • अब Apply For Agriculture Schemes के ऑप्शन पर क्लिक करें|

 

  • अब आपके सामने सभी स्कीम्स आ जाएगी|
  • अब आप पावर स्प्रे पंप सेट के ऑप्शन पर क्लिक करेंगे|
  • अब आपके सामने रजिस्ट्रेशन फॉर्म आएगा|
  • फार्म में मांगी की जानकारी दर्ज करें|
  • अब आपसे एक दस्तावेजों को अपलोड करें|
  • अब सबमिट के ऑप्शन पर क्लिक कर दें|
  • इस प्रकार से आप हरियाणा स्प्रे पंप सब्सिडी स्कीम के तहत आवेदन कर सकते हैं|

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Interest and penalty waived off on crop loans of Haryana farmers

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हरियाणा किसानों का फसल ऋण पर ब्याज और पेनल्टी माफ
Haryana Kisan Rin Byaj Mafi: हरियाणा के मुख्यमंत्री बतौर वित्त मंत्री द्वारा 23 फरवरी 2024 को दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट 2024-25 पेश किया गया| यह बजट एक लाख 89000 का होगा| इस अंतरिम बजट में सरकार द्वारा लोगों को बड़ी राहत देते हुए कोई टैक्स नहीं लगाया गया| इस साल का बजट 11% अधिक पेश किया गया है पिछले बजट के मुकाबले| मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी द्वारा बजट पेश करते हुए राज्य के सभी किसानों की कृषि ऋण पर ब्याज माफ करने का ऐलान किया गया| इसके साथ ही अगर किसी किसान पर कोई पेनल्टी लगी है तो उसे भी माफ किया जाएगा|

सरकार ने उन किसानों का ब्याज माफ करने का निर्णय लिया है जिन्होंने 30 सितंबर 2023 को अपना ऋण स्वीकृत किया है और 31 सितंबर से पहले ऋण राशि जमा कर देंगे। 31 मई 2024. संपूर्ण ऋण माफी प्रक्रिया और पात्रता जानने के लिए आवेदक लेख को ध्यान से पढ़ सकते हैं।

हरियाणा किसान ऋण ब्याज माफी 2024

हरियाणा सरकार राज्य के किसानों के विकास और कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू करती है। अब 5 लाख गांव और गरीब किसानों को मासिक ऋण के ब्याज से राहत मिलेगी और कृषि कार्यों के लिए उनके बैंक खाते में राशि प्राप्त होगी। जो किसान समय पर किश्तें नहीं भर पाए, स्टेटमेंट लेने से चूक गए या फसल के कारण बकाया राशि नहीं चुका पाए, ऐसे परिवारों को इसका लाभ मिलेगा और उनका कर्ज माफ कर दिया जाएगा।
राज्य सरकार ने हरियाणा के किसानों के लिए बजट को मंजूरी दे दी है और सभी गरीब और पिछड़े किसानों को आर्थिक रूप से समर्थन दिया जाएगा। हरियाणा किसान ऋण माफी 2024 के संबंध में अधिक जानकारी जानने के लिए आवेदक लेख पढ़ सकते हैं। नीचे पात्रता और ऋण माफी प्रक्रिया की जाँच करें।
योजना का नाम हरियाणा किसान ऋण ब्याज माफी
किसने शुरू की मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी खट्टर
लाभार्थी राज्य के किसान
उद्देश्य किसानों के कृषि ऋण पर लगे ब्याज और पेनल्टी को माफ करना
लाभान्वित किसान 5.47 लाख किसान
आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन
आधिकारिक वेबसाइट जल्द

हरियाणा किसान ऋण ब्याज माफी योजना का उद्देश्य

राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर जी द्वारा राज्य की किसानों को बड़ी राहत देते हुए कृषि ऋण लगे ब्याज पर छूट प्रदान की जाएगी| इसके साथ ही किसान पर लगी कोई भी पेनल्टी को भी माफ किया जाएगा| राज्य सरकार द्वारा किसानों को कृषि ऋण पर लगे ब्याज को माफ कर उन्हें कर्ज मुक्त करना है| ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान ऋण पर लगे ब्याज का भुगतान न कर केवल ऋण का भुगतान कर ऋण मुक्त हो पाए| क्योंकि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण किसान ऋण पर लगे ब्याज का भुगतान नहीं कर पाते हैं| जिसे उन्हें कई पेनल्टी का सामना करना पड़ता है|

हरियाणा किसान ऋण ब्याज माफी योजना लाभ एवं विशेषताएं

  • इस योजना के तहत केवल उन्हीं किसानों का ऋण पर ब्याज और पेनल्टी माफ किया जाएगा जिन्होंने सितंबर 2023 तक के लिए ऋण लिया है|
  • इस योजना के तहत किसान लिए गए कर्ज को 31 मई 2024 तक जमा करवा सकते हैं| उसके बाद किसान नए सिरे से ब्याज ले सकते है|
  • किसान ऋण ब्याज माफी योजना के तहत 5.47 लाख किसानों के कर्ज का ब्याज और पेनल्टी माफ किया जाएगा|
  • हरियाणा किसान फसल ऋण ब्याज माफी से राज्य के किसानों को कर्ज से मुक्ति मिलेगी|

हरियाणा किसान ऋण ब्याज माफी योजना पात्रता

  • हरियाणा राज्य की मूल निवासी किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे|
  • केवल वही किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे जिन्होंने 30 दिसंबर 2023 तक के लिए ऋण लिया है|
  • बिना किसी भेदभाव के राज्य के सभी जाति वर्ग के किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं|
  • राज्य की ऐसे किसान जो सरकारी सेवा में कार्यरत हैं या सरकारी पेंशन लेते हैं वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकते|

हरियाणा किसान ऋण ब्याज माफी योजना दस्तावेज

  • परिवार पहचान पत्र
  • आधार कार्ड
  • निवास प्रमाण पत्र
  • ऋण संबंधी दस्तावेज
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • फसल पंजीकरण संख्या

हरियाणा किसान ऋण ब्याज माफी योजना आवेदन कैसे करें

  • अगर आप हरियाणा राज्य के निवासी हैं और आपने सितंबर 2023 तक के लिए ऋण ले रखा है तो नीचे बताइए प्रक्रिया अनुसार कर्ज माफी के लिए 31 में 2024 तक आवेदन कर सकते हैं:
    • सबसे पहले आपको बैंक शाखा में जाना है जहां से अपने कृषि ऋण लिया है|
    • वहां आपको हरियाणा किसान ऋण ब्याज माफी के लिए आवेदन फार्म प्राप्त करना है|
    • अब आपको आवेदन फार्म में मांगी की जानकारी दर्ज करनी है|
    • अब आपको फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेजों को सलंग्न करना है|
    • अब आपको आवेदन फार्म के साथ 30 सितंबर 2023 तक के लिए दिए गए कर्ज की राशि को जमा करना है|
    • इस प्रकार से आप किसान ऋण ब्याज मासी योजना का लाभ ले सकते हैं|
    • अगर किसान पर किसी प्रकार की कोई पेनल्टी होगी तो उसे भी माफ किया जाएगा|

लिया गया स्रोत

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Chief Minister Horticulture Insurance Scheme

Table of Contents

हाइलाइट

  • हरियाणा मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्ति को निमन्लिखित लाभ प्रदान किये जायेंगे :-
    • सब्जियों व मसलों के लिए 30,000 रुपए प्रति एकड़।
    • फलों के लिए 40,000 रुपए प्रति एकड़।
    • किसान का अंशदान बीमित राशि का 2.5 प्रतिशत होगा।
    • प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान की भरपाई हेतु एक विशेष योजना मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के नाम से दिसंबर 2020 में शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना
बागवानी फसलों में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाओं के कारण से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए हरियाणा सरकार द्वारा मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत किसानों को प्रति एकड प्रीमीयम राशि 2.5 प्रतिशत सब्जियों मसालों के लिए 750 रूपये प्रति एकड़ व फलों के लिए 1000 रूपये प्रति एकड़ देना होगा। सब्जियों एवं मसालों के लिए न्यूनतम मुआवजा राशि प्रति एकड़ 15,000 रूपये व अधिकतम 30,000/- रूपये तथा फलों के लिए न्यूनतम मुआवजा राशि 20,000 रूपये व अधिकतम 40,000/- रूपये होगी।
योजना में शामिल प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाएं

ओलावृश्टि, तापमान, पाला
ओलावृश्टि, तापमान, पाला जल कारक (बाढ़, बादल फटना, नहर/ड्रेन का टूटना, जलभराव) आंधी तूफान व आग

याोजना में शामिल 46 फसलें

सब्जियां (23) फल (21) मसाले (2)
अरबी,भिन्डी,करेला,लौकी,बैंगन,पत्ता गोभी,
शिमला मिर्च,गाजर,गोभी,मिर्च,खीरा,ककड़ी,
खरबूज़,प्याज, मटर,आलू,कद्दू,मूली,तोरइ,
टिंडा,जुकिनी, टमाटर,तरबूज
आँवला,बेर,चीकू,खजूर,ड्रैगन फल,अंजीर,
अंगूर,अमरूद,जामुन,किन्नू,लैमन,नींबू,लीची,
मालटा,संतरा,आम,आड़ू,नाशपाती आलु बुख़ारा,
अनार,स्ट्राबेरी
हल्दी, लेह्सुन

योजना में देय बीमा राशि व प्रीमीयम

फसल बीमा राशि प्रीमीयम राशि (2.5 प्रतिषत)
सब्जियां व मसाले रू. 30,000 प्रति एकड़ रू. 750 प्रति एकड़
फल रू. 40,000 प्रति एकड़ रू. 1,000 प्रति एकड़

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bhartiya jan urvarak pariyojana

  • भारतीय जन उर्वरक परियोजना क्या है ?
  • उर्वरक उद्योग क्या होते हैं ?
  • भारत में नंबर 1 उर्वरक कंपनी कौन सी है ?
  • सबसे बड़ी उर्वरक कंपनी कौन सी है ?
  • ”एक राष्ट्र, एक उर्वरक योजना”: चर्चा में क्यों है ?
  • ”एक राष्ट्र, एक उर्वरक योजना” क्या है?
  • ”एक राष्ट्र, एक उर्वरक योजना”: सरकार ने यह योजना क्यों आरंभ की? सरकार ने सभी सब्सिडी वाले उर्वरकों के लिए एक एकल ‘भारत’ ब्रांड प्रस्तुत किया, क्योंकि:
  • ”एक राष्ट्र, एक उर्वरक योजना”: किसानों की किस प्रकार सहायता करेगी?
  • ”एक राष्ट्र, एक उर्वरक योजना”के तहत: प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (पीएम-केएसके)
  • ”एक राष्ट्र, एक उर्वरक योजना”: की संभावित कमियां

भारतीय जन उर्वरक परियोजना क्या है ?

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 (31 जनवरी, 2024 तक) के लिए देश में उर्वरकों के लिए प्रदान की गई सब्सिडी 1,70,923 करोड़ रुपये है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री भगवंत खुबा ने कहा कि सरकार ने फॉस्फेटिक और पोटाश (पी एंड के) उर्वरकों के लिए 1 अप्रैल, 2010 से पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) नीति लागू की थी

उर्वरक उद्योग क्या होते हैं ?

सामान्य तौर पर फॉस्फोरस, नाइट्रोजन और पोटेशियम जैसे तत्वों को निषेचित करने में भारतीय भूमि कम उत्पादक होती है। इस प्रकार, उर्वरक उद्योग रासायनिक उर्वरकों का निर्माण करते हैं जो पानी में घुलनशील यौगिकों और खनिजों से समृद्ध होते हैं। भारत में आवश्यक तत्वों के विभिन्न संयोजनों वाले उर्वरकों का निर्माण किया जा रहा है।

भारत में नंबर 1 उर्वरक कंपनी कौन सी है ?

जून 2022 तक 190 बिलियन भारतीय रुपये से अधिक की शुद्ध बिक्री के आधार पर कोरोमंडल इंटरनेशनल लिमिटेड भारत की अग्रणी उर्वरक कंपनी थी।

सबसे बड़ी उर्वरक कंपनी कौन सी है ?

बाजार पूंजीकरण के आधार पर 2024 में वैश्विक स्तर पर अग्रणी उर्वरक कंपनियां। जनवरी 2024 तक, वेसफार्मर्स 42.49 बिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ बाजार पूंजीकरण के आधार पर दुनिया भर में सबसे बड़ी उर्वरक कंपनी थी। 24.22 बिलियन डॉलर के बाजार पूंजीकरण के साथ न्यूट्रियन उस समय दूसरे स्थान पर था।
”एक राष्ट्र, एक उर्वरक योजना”: चर्चा में क्यों है ?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान सम्मेलन 2022 के दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने 17 अक्टूबर, 2022 को प्रधान मंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना – एक राष्ट्र एक उर्वरक का शुभारंभ किया।
इस योजना के तहत, प्रधान मंत्री भारत यूरिया बैग का विमोचन किया, जो कंपनियों को ‘भारत’ नाम के एकल ब्रांड के तहत उर्वरकों के विपणन में सहायता करेगा।
”एक राष्ट्र, एक उर्वरक योजना” क्या है?
इस योजना के तहत, सभी उर्वरक कंपनियों, राज्य व्यापार संस्थाओं (स्टेट ट्रेडिंग एंटिटीज/एसटीई)  एवं उर्वरक विपणन संस्थाओं (फर्टिलाइजर मार्केटिंग एंटिटीज/एफएमई) को पीएमबीजेपी के तहत उर्वरकों  एवं लोगो के लिए एक ही “भारत” ब्रांड का उपयोग करना होगा।
सभी सब्सिडी वाले मृदा के पोषक तत्व – यूरिया, डाई-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी), म्यूरेट ऑफ पोटाश (एमओपी) तथा एनपीके – को संपूर्ण देश में एकल ब्रांड-भारत के तहत विपणन किया जाएगा।
इस योजना के आरंभ होने के साथ, भारत के पास भारत यूरिया, भारत डीएपी, भारत एमओपी, भारत एनपीके, इत्यादि जैसे संपूर्ण देश में एक सामान्य बैग डिजाइन उपलब्ध होगा।
नया “भारत” ब्रांड नाम एवं प्रधान मंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना (पीएमबीजेपी) लोगो उर्वरक पैकेट के सामने के दो-तिहाई हिस्से को कवर करेगा विनिर्माण ब्रांड शेष एक तिहाई स्थान पर मात्र अपना नाम, लोगो तथा अन्य जानकारी प्रदर्शित कर सकते हैं।
”एक राष्ट्र, एक उर्वरक योजना”: सरकार ने यह योजना क्यों आरंभ की? सरकार ने सभी सब्सिडी वाले उर्वरकों के लिए एक एकल ‘भारत’ ब्रांड प्रस्तुत किया, क्योंकि:

(1) कुछ 26 उर्वरक (यूरिया सहित) हैं, जिन पर सरकार सब्सिडी वहन करती है तथा अधिकतम खुदरा मूल्य (मैक्सिमम रिटेल प्राइस/एमआरपी)  का निर्धारण भी प्रभावी ढंग से करती है।

(2) कंपनियां किस मूल्य पर विक्रय कर सकती हैं, इस पर सब्सिडी देने तथा निर्धारित करने के अतिरिक्त, सरकार यह भी निर्धारित करती है कि वे उसे कहा विक्रय कर सकती हैं। यह उर्वरक (आवागमन) नियंत्रण आदेश, 1973 के माध्यम से किया जाता है।

(3) जब सरकार उर्वरक सब्सिडी (बिल 2022-23 में 200,000 करोड़ रुपये को पार करने की संभावना है) पर भारी मात्रा में धन का व्यय कर रही है, साथ ही यह निर्धारित कर रही है कि कंपनियां कहां एवं किस कीमत पर  विक्रय कर सकती हैं, तो यह स्पष्ट रूप से इसका क्रेडिट लेना तथा वह ये संदेश किसानों को तक पहुंचाना चाहेगी।

”एक राष्ट्र, एक उर्वरक योजना”: किसानों की किस प्रकार सहायता करेगी?

एक राष्ट्र एक उर्वरक योजना लाने के पीछे तर्क यह है कि चूंकि एक विशेष श्रेणी के उर्वरकों को उर्वरक नियंत्रण आदेश (फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर/एफसीओ) के पोषक तत्व-सामग्री विनिर्देशों को पूरा करना चाहिए, अतः प्रत्येक प्रकार के उर्वरक के लिए विभिन्न ब्रांडों के मध्य कोई उत्पाद भिन्नता नहीं है। उदाहरण के लिए, डीएपी में समान पोषक तत्व होना चाहिए, चाहे वह एक कंपनी द्वारा उत्पादित किया गया हो या किसी अन्य द्वारा।
अतः ‘वन नेशन, वन फर्टिलाइजर’ की अवधारणा किसानों को ब्रांड-विशिष्ट विकल्पों पर उनके भ्रम को दूर करने में सहायता करेगी, क्योंकि सभी डीएपी उर्वरक ब्रांडों में 18% नाइट्रोजन तथा 46% फॉस्फोरस होना चाहिए।
किसान आमतौर पर इस तथ्य से अनभिज्ञ होते हैं एवं समय के साथ विकसित मजबूत खुदरा नेटवर्क वाली व्यावसायिक कंपनियों द्वारा अपनाई गई जोरदार मार्केटिंग रणनीतियों के परिणामस्वरूप कुछ ब्रांडों को पसंद करते हैं।
यह पाया गया है कि इस तरह की ब्रांड प्राथमिकताओं के परिणामस्वरूप किसानों को उर्वरक-आपूर्ति में  विलंब हुआ है तथा उर्वरकों की लंबी दूरी  के क्रिस्क्रॉस आवागमन के लिए भुगतान की जाने वाली माल ढुलाई सब्सिडी में वृद्धि के कारण राजकोष पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।
वन नेशन वन फर्टिलाइजर योजना उर्वरकों की क्रिस्क्रॉस आवाजाही को रोकेगी तथा माल ढुलाई की उच्च सब्सिडी को कम करेगी।

”एक राष्ट्र, एक उर्वरक योजना”के तहत: प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र (पीएम-केएसके)

प्रधानमंत्री ने 600 पीएम किसान समृद्धि केंद्रों (पीएम-केएसके) का भी उद्घाटन किया, जो उन किसानों के लिए एकल-बिंदु विक्रय केंद्र (वन-स्टॉप-शॉप) के रूप में कार्य करेगा जो उत्पाद खरीद सकते हैं  एवं कृषि क्षेत्र से संबंधित विभिन्न सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।
पीएम-केएसके बीज, उर्वरक एवं कृषि उपकरणों जैसे कृषि-आदानों की आपूर्ति करेगा।
यह मृदा, बीज एवं उर्वरक के लिए परीक्षण सुविधाएं भी प्रदान करेगा। सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी भी प्रदान की जाएगी।
प्रधानमंत्री  किसान समृद्धि केंद्र देश में 3.3 लाख से अधिक उर्वरक खुदरा दुकानों को चरणबद्ध रूप से पीएम-किसान समृद्धि केंद्रों (पीएम-केएसके) में बदलने का भी अभिप्राय रखता है।

”एक राष्ट्र, एक उर्वरक योजना”: की संभावित कमियां

  • यह उर्वरक कंपनियों को विपणन एवं ब्रांड प्रचार गतिविधियों को प्रारंभ करने से हतोत्साहित करेगा।
  • उन्हें अब सरकार के लिए अनुबंध निर्माताओं एवं आयातकों तक सीमित कर दिया जाएगा।
  • वर्तमान में, उर्वरकों के किसी भी बैग या बैच के आवश्यक मानकों को पूरा नहीं करने की स्थिति में, दोष कंपनी पर डाला जाता है। किंतु अब, यह पूर्ण रूप से सरकार को दिया जा सकता है।

combine harvester subsidy

किसानों को सस्ती दर पर कृषि यंत्रों/मशीनों का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सरकार की ओर से कई प्रकार की कृषि यंत्र अनुदान योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं के तहत किसानों को कृषि यंत्रों की खरीद पर सब्सिडी का लाभ दिया जाता हैClick Here

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Swiss Chard

स्विस चार्ड चुकंदर के परिवार का सदस्य है जिसको उसके चमकीले और रंगीन तनों के लिए जाना जाता है। इसके तने पीला, गुलाबी, लाल, नारंगी और सफेद रंगो के होते हैं। इसके पत्ते और तने दोनों को कच्चा या पकाके खाया जाता है।Click Here
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