हरियाणा प्रगतिशील किसान सम्मान योजना

उद्देश्य: माननीय प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई 2022 तक ‘‘किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में योगदान के लिए कृषि तथा संबधित क्षेत्रों में बढती आय से सर्वश्रेष्ठ कृषि प्रणालियों को अपनाने के लिए प्रगतिशील किसानों को प्रेरित करना है। प्रगतिशील किसानों की पहचान तथा उन्हें सम्मानित करने से स्थायी कृषि लक्ष्यों को प्राप्त करने तथा साथी किसानों को सर्वोत्तम कृषि प्रणालियों को अपनाने के लिए  प्रेरित करेगा। इस योजना के तहत, चयनित किसानों को कृषि तथा संबधित क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए नकद इनाम/पुरस्कार प्रदान करके सुविधा प्रदान की जाएगी। किसानों को विभिन्न कृषि फसलों की उच्च उत्पादकता प्राप्त करने के साथ-साथ नई तकनीकों जैसे पानी की बचत, फसल अवशेष प्रबंधन, टिकाऊ कृषि, जैविक खेती और एकीकृत कृषि प्रणालियों को अपनाने के लिए, उनके योगदान के लिए प्रेरित करके के लिए, किसानों को नकद इनाम/पुरस्कार वार्षिक आधार पर प्राप्त किसानों को दिया जाएगा।

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राजमा(Kidney Beans)

भूमि: राजमा की खेती सभी प्रकार की मिटटी में की जा सकती है लेकिन बलुए मिटटी या बलुए दोमट मिटटी इस फसल के लिए अच्छी मानी जाती है । इस फसल के लिए मिटटी का पी एच मान 6.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए|

तापमान: राजमा की अच्छी पैदावार के लिए 10 से 27 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान की आवश्यकता पड़ती है।

उचित समय: खरीफ में 20 जून से 20 जुलाई के बीच और रबी में 15 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच।

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मैथी(Fenugreek)

भूमि: मेथी की खेती सभी तरह की मिट्टियों में की जा सकती है, लेकिन दोमट और बालू वाली मिट्टी इसके लिए ज्यादा उपयुक्त होती है| इसमें कार्बनिक पदार्थ पाया जाता है | इसकी पैदावार वहां ज्यादा होती है जहां पीएच मान 6-7 के बीच होता है तथा जहां पानी के निकास के बेहतर इंतजाम होते हैं|

तापमान: इसके लिए 15-28 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान अच्छा माना जाता है।

उचित समय: इस फसल की बिजाई के लिए अक्तूबर का आखिरी सप्ताह और नवंबर का पहला सप्ताह अच्छा समय है।

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मूंगफली(Ground Nut)

भूमि:मूंगफली की खेती विभिन्न प्रकार की मृदाओं में की जा सकती है फिर भी इसकी अच्छी तैयारी हेतु जल निकास वाली कैल्शियम एवं जैव पदार्थो से युक्त बलुई दोमट मृदा उत्तम होती है। मृदा का पीएच मान 6.0 से 8.0 उपयुक्त रहता है। मई के महीने में खेत की एक जुताई मिट्टी पलटनें वाले हल से करके 2-3 बार हैरो चलावें जिससे मिट्टी भुरभुरी हो जावें। इसके बाद पाटा चलाकर खेत को समतल करें जिससे नमी संचित रहें।

तापमान:इसके लिए 15-35 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान अच्छा माना जाता है।

उचित समय: सामान्य रूप से 15 जून से 15 जुलाई के मध्य मूंगफली की बुवाई की जा सकती है।

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मिर्ची (Chili)

भूमि: हरी मिर्च की खेती लगभग हर तरह की मिट्टी में की जा सकती है। अच्छी पैदावार के लिए हल्की उपजाऊ और पानी के अच्छे निकास वाली ज़मीन जिस में नमी हो, इसकी खेती के लिए अनुकूल होती है। मिर्च की अच्छी पैदावार के लिए ज़मीन की पीएच छह-सात के औसत में अनुकूल होती है। इसके अलावा मिर्च की खेती के लिए जीवांशयुक्त दोमट या बलुई मिट्टी उपुयक्त होती है, जिसमें कार्बनिक पदार्थ की मात्रा अधिक हो।

तापमान: इसके लिए 18-40 डिग्री सेंटीग्रेट तापमान अच्छा माना जाता है।

उचित समय: हरी मिर्च की खेती को साल में 3 बार उगाया जा सकता है। हालांकि देश के किसान ज्यादातर खरीब की फसल को महत्व देते है और इस ऋतु मे खेती का आंकड़ों मे रकबा भी काफी है। हरी मिर्च की खेती के लिए वर्षा ऋतु की फसल लेने के लिए सही समय जून-जुलाई का है। दूसरी फसल लेने के लिए सितम्बर-अक्टूबर में बुआई कर देनी चाहिए। वहीं गर्मी के मौसम की फसल के लिए फरवरी-मार्च में बुआई कर दी जानी चाहिए।

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