Pink Boll Worm (गुलाबी सुंडी)
पिंक बॉलवॉर्म एशिया का मूल निवासी है, लेकिन दुनिया के अधिकांश कपास उगाने वाले क्षेत्रों में एक आक्रामक प्रजाति बन गई है। भारत के कई क्षेत्रों में कपास पर गुलाबी सुंडी एक प्रमुख कीट के रूप में उभर कर आती रही है। कपास में कपास के सबसे बड़े दुश्मन पिंक बॉल वार्म (Pink Boll worm) यानी गुलाबी सुंडी कीट के आक्रमण का खतरा सबसे अधिक होता है। यह इल्ली कपास के बीजों को खाकर आर्थिक हानि पहुँचाती है। गुलाबी इल्ली का प्रकोप फसल के मध्य तथा देर की अवस्था में होता है। गुलाबी सुंडी की लटें फलीय भागों के अंदर छुपकर तथा प्रकाश से दूर रहकर नुकसान करती हैं जिसके कारण इस कीट से होने वाले नुकसान की पहचान करना कठिन होता है, और फसल को अधिक नुकसान होता है। फसल का सीजन बदलने के बाद किसानों को लगता है कि अब सूंडी का प्रकोप खत्म हो चुका है। लेकिन केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान गुलाबी सूंडी का कीड़ा पूरी तरह नहीं मरता है | यह लकड़ियों और खराब टिंडों में शांत होकर छिप जाता है कीड़ा, सीजन आने पर जागता है | गुलाबी सूंडी का कीड़ा 2 किलोमीटर तक उड़कर जा सकता है। तो आइये जानते है इसके लक्षण, जीवन चक्र, नुकसान और उसकी रोकथाम के बारे में:-





