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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम): वाणिज्यिक फसल गन्ना के साथ अंतरफसल खेती पर प्रदर्शन
Table of Contents राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) भारत सरकार ने राज्य में रबी 2007-08 से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) की शुरुआत की। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य वाणिज्यिक फसलों के उत्पादन में वृद्धि करना है। चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए, गन्ना उगाने वाले जिलों में गन्ना

हरियाणा 2024-25: कपास की खेती के लिए सूक्ष्म सिंचाई व टंकी योजना
Table of Contents हरियाणा में कपास की खेती को बढ़ावा देने हेतु योजना (2024-25) हरियाणा में कपास उत्पादक किसानों को पानी की टंकी और सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र की स्थापना पर अनुदान प्रदान करने के लिए यह योजना लागू की गई है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सिंचाई की बेहतर

गन्ने पर प्रौद्योगि की मिशन (TMS): गन्ने की खेती को बढ़ावा
Table of Contents गन्ने पर प्रौद्योगिकी मिशन (TMS): गन्ने की खेती को बढ़ावा गन्ना पूरे भारत में उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों में से एक है, खास तौर पर दो जलवायु क्षेत्रों में, जिनमें उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय दोनों शामिल हैं। उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्र के राज्यों में, हरियाणा गन्ना उत्पादन तालिका में
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शफतल को भुकल के रूप में भी जाना जाता है। यह उच्च पोषक तत्वों वाली चारे की फसल है। यह सभी पशुओं द्वारा पसंद की जाती है। यह पछेती मौसम में उगाई जाने वाली फसल है। इसे जई के साथ मिलाकर या राई घास के साथ उत्पादित किया जाता है।
जलवायु

तापमान

वर्षा
बुआई का तापमान
कटाई का तापमान
मिट्टी
शफतल को मिट्टी की काफी किस्मों जैसे रेतली दोमट से भारी चिकनी मिट्टी में उगाया जा सकता है।
प्रसिद्ध किस्में और पैदावार
अन्य किस्म : शफतल 48, SH 69, SH 48
ज़मीन की तैयारी
सीड बैड तैयार करने के लिए ज़मीन की डिस्क हैरो से एक बार जोताई करें और कल्टीवेटर से दो बार जोताई करें।
बिजाई
बिजाई का समय :
बीज बोने के लिए सितंबर के आखिरी सप्ताह से लेकर अक्तूबर का पहला सप्ताह अनुकूल होता है।
बीज की गहराई :
बीजों को खड़े पानी में बोया जाता है।
बिजाई का ढंग :
बीजों को बुरकाव द्वारा बोया जाता है।
बीज
बीज की मात्रा :
एक एकड़ खेत में बिजाई के लिए 4-5 किलो बीजों का प्रयोग करें। बढ़िया पैदावार लेने के लिए शफतल की बिजाई के समय सरसों के बीज 500 ग्राम और जई के बीज 12 किलो को भी मिलाएं।
खाद
खाद (किलोग्राम प्रति एकड़)
Urea | SSP | MOP |
11 | 125 | – |
तत्व (किलोग्राम प्रति एकड़)
Nitrogen | Phosphorus | Potash |
5 | 20 | – |
बिजाई के समय, नाइट्रोजन 5 किलो (यूरिया 11 किलो), फासफोरस 20 किलो (सिंगल सुपर फासफेट 125 किलो) प्रति एकड़ में डालें।
सिंचाई
शफतल की फसल के लिए सिंचाई आवश्यक होती है। हल्की मिट्टी में बिजाई के 3-6 दिनों बाद पहली और भारी मिट्टी में बिजाई के 6-8 दिनों बाद सिंचाई करें। बाकी की सिंचाई जलवायु के हालातों के आधार पर गर्मियों में 9-10 दिनों के फासले और सर्दियों में 10-15 दिनों के फासले पर करें।
पौधे की देखभाल
हानिकारक कीट और रोकथाम
बालों वाली सुंडी : यह पत्तों और तनों को खत्म कर देती है। इनके हमले से फसल का आर्थिक नुकसान होता है।
रोकथाम : इसे रोकने के लिए फ्लूबैनडीयामाइड 20 मि.ली. या क्विनलफॉस 400 मि.ली. को प्रति 150 लीटर पानी में मिलाकर स्प्रे करें।
चने की सुंडी : यह फसल को गंभीर रूप से नष्ट कर देती है।
रोकथाम: इसकी रोकथाम के लिए, 50 मि.ली. क्लोरनट्रैनिलीप्रोल 18.5 एस एल या 60 मि.ली ट्रेसर की स्प्रे करें। यदि आवश्यकता हो तो 10 दिनों के बाद दोबारा स्प्रे करें।
बीमारियां और रोकथाम
- कुंगी : इससे पौधे के हरे भाग में लाल रंग के छोटे दाने दिखाई देते हैं। पहले पत्तों को जंग लगता है और बाद में पत्ते गिर जाते हैं| प्रभावित बीजों का वजन हल्का होता है।
रोकथाम : यदि इसका हमला दिखे तो ज़िनेब 75 डब्लयु पी 400 ग्राम या एम-45@400 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ में स्प्रे करें।
फसल की कटाई
फसल 55-60 दिनों में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। बाकी की कटाई 30 दिनों के फासले पर करें।