Table Of Content

  • घर पर गमले में पार्सनिप कैसे उगाएं
  • पार्सनिप के बारे में मुख्य जानकारी
  • पार्सनिप का पौधा कब लगाना चाहिए
  • पार्सनिप के पौधे लगाने के लिए गमला
  • पार्सनिप के पौधे लगाने के लिए आवश्यक मिट्टी
  • घर पर पार्सनिप कैसे लगाएं
  • गमले में पार्सनिप के बीज लगाने की विधि
  • पार्सनिप के पौधों की देखभाल कैसे करें
  • कीट और रोग
  • पार्सनिप की हार्वेस्टिंग कब करें

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घर पर गमले में पार्सनिप कैसे उगाएं

पार्सनिप एक कूल-सीजन द्विवार्षिक सब्जी वाला पौधा है, लेकिन इसे आमतौर पर वार्षिक सब्जियों के रूप में उगाया जाता है। ये गाजर के समान दिखते हैं और अक्सर सफेद रंग के एवं मोटे होते हैं। पार्सनिप किसी भी रसोई व्यंजन को पौष्टिक और मीठा स्वाद देते हैं, इसके साथ ही इस जड़ वाली सब्जी का उपयोग आप साइड डिश के रूप में भी कर सकते हैं। पार्सनिप में पोटेशियम, विटामिन बी 6 और विटामिन सी जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमारे हेल्थ के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। आज हम आपको घर पर गमले में पार्सनिप सब्जी कैसे उगाएं के बारे में विस्तार से बताएंगे। इनडोर या आउटडोर गमले में पार्सनिप का पौधा कैसे लगाएं, गमले में पार्सनिप के बीज लगाने की विधि तथा इसकी देखभाल करने के तरीके आदि के बारे में जानने के लिए आर्टिकल को पूरा पढ़ें।

पार्सनिप के बारे में मुख्य जानकारी

  • साधारण नाम – पार्सनिप (Parsnip)
  • वानस्पतिक नाम – पास्टिनाका सैटिवा (Pastinaca sativa)
  • पौधे का प्रकार – द्विवार्षिक सब्जी का पौधा
  • आदर्श तापमान – 7-24°C
  • सूर्य का प्रकाश – 6-8 घंटे की सीधी या आंशिक धूप
  • मिट्टी का प्रकार – अच्छी जलनिकासी वाली हल्की मिट्टी
  • कटाई का समय – लगभग 4-6 महीने बाद

पार्सनिप का पौधा कब लगाना चाहिए

घर पर गमले में पार्सनिप सब्जी का पौधा लगाने के लिए सबसे अच्छा समय वसंत का मौसम होता है, क्योंकि इन्हें बढ़ने के लिए लंबे समय तक ग्रोइंग सीजन की आवश्यकता होती है। कुछ क्षेत्रों में इसे सर्दियों के मौसम में भी उगाया जाता हैं। पार्सनिप रूट वेजिटेबल को आप अक्टूबर-नवंबर या फरवरी-मार्च के महीने में अपने होम गार्डन में ग्रो कर सकते हैं। पार्सनिप लगाते समय, याद रखें कि ठंडा मौसम इसके स्वाद को बढ़ाता है।

नोट – पार्सनिप के बीज लगाने के लिए हमेशा ताजा बीजों का उपयोग करें, क्योंकि एक वर्ष से अधिक पुराने बीजों की अंकुरण क्षमता कम या लगभग नामुमकिन होती है।

पार्सनिप के पौधे लगाने के लिए गमला

घर के किचिन गार्डन में या आउटडोर गमलों में पार्सनिप के पौधे लगाने के लिए बड़े गमलों का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि इनकी जड़ें लगभग 1 फुट की गहराई तक बढ़ती हैं। पार्सनिप सीड्स लगाने के लिए कम से कम 15 इंच गहरा और चौड़ा कंटेनर चुनें। पार्सनिप की हेल्दी ग्रोथ के लिए आप निम्न साइज़ के ग्रो बैग्स में पार्सनिप के बीज लगा सकते हैं:

  • 15 x 15 इंच (चौड़ाई x गहराई)
  • 18 x 15 इंच (चौड़ाई x गहराई)
  • 24 x 15 इंच (चौड़ाई x गहराई)
  • 24 x 18 इंच (चौड़ाई x गहराई)

पार्सनिप के पौधे लगाने के लिए आवश्यक मिट्टी

घर पर गमले में पार्सनिप के पौधे लगाने के लिए अच्छी जल निकासी वाली हल्की मिट्टी सबसे बेस्ट होती है, जिसमें भरपूर पोषक तत्व मौजूद हों। आप अपनी गार्डन सॉइल या पुरानी मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करके उसमें पार्सनिप के पौधे लगा सकते हैं। यदि आपके पास किसी भी प्रकार की मिट्टी नहीं है, तो आप अपने पास की नर्सरी से या ऑनलाइन आर्डर के माध्यम से रेडी टू यूज़ पॉटिंग सॉइल खरीदकर उसमें पार्सनिप प्लांट्स ग्रो कर सकते हैं।

नोट – चिकनी मिट्टी या सघन मिट्टी पार्सनिप की जड़ों को पतला और विकृत कर सकती है, इसीलिए अच्छी गुणवत्ता वाली मिट्टी का उपयोग करें।

घर पर पार्सनिप कैसे लगाएं

पार्सनिप की जड़ें लम्बी होती हैं, इसीलिए इन्हें प्रत्यारोपण पसंद नहीं होता। आप अपने घर पर गमले की मिट्टी में या आउटडोर गार्डन में बीजों को डायरेक्ट लगा सकते हैं। अगर आप इन्हें जल्दी लगाना चाहते हैं तो किसी बायोडिग्रेडेबल पॉट या कोको कोइंस में बीज लगाकर सीडलिंग तैयार कर सकते हैं, और अनुकूल वातावरण में सावधानीपूर्वक किसी बड़े गमले में या आउटडोर गार्डन में लगा सकते हैं। आइये जानते हैं गमले में पार्सनिप के बीज कैसे लगाएं? के बारे में।

गमले में पार्सनिप के बीज लगाने की विधि

घर पर गमले में पार्सनिप के बीज लगाने के लिए निम्न स्टेप्स फॉलो करें:

  • गमले में अच्छी जलनिकासी वाली जैविक खाद युक्त मिट्टी या पॉटिंग सॉइल भरें।
  • अब मिट्टी में ½ इंच की गहराई एवं 6-8 इंच की दूरी पर बीज लगाएं।
  • बीजों को मिट्टी की हल्की परत से ढँक दें और पर्याप्त पानी दें, ताकि मिट्टी नम हो जाए।
  • गमले को अप्रत्यक्ष धूप वाले स्थान पर रखें तथा जर्मिनेशन के दौरान मिट्टी को नम रखें। ध्यान रखें मिट्टी को बहुत अधिक गीला रखने से बीज सड़ सकते हैं।
  • पार्सनिप सीड्स को जर्मिनेट होने में लगभग 2 से 3 सप्ताह का समय लग सकता है।

पार्सनिप के पौधों की देखभाल कैसे करें

आप निम्न तरीके अपनाकर अपने पार्सनिप प्लांट की देखभाल  कर सकते हैं:-

पानी :–

पार्सनिप के पौधे नम मिट्टी में उगना पसंद करते हैं, इसीलिए इन्हें पर्याप्त पानी देना सुनिश्चित करें, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे। लेकिन बहुत ज्यादा पानी देने से पौधों को नुकसान हो सकता है, इसीलिए अधिक पानी न देना (Over Watering) चाहिए करें। पार्सनिप की जड़ें वहीं जाती हैं जहां पानी होता है, इसीलिए स्वस्थ व मजबूत जड़ विकास को बढ़ावा देने के लिए गहराई से पानी देना सुनिश्चित करें। पार्सनिप को बार-बार और कम पानी देने से इसकी जड़ें उथली और कमजोर हो सकती हैं।

सूरज की रोशनी :-

पार्सनिप के पौधे पूर्ण सूर्य प्रकाश में अच्छी तरह ग्रो होते हैं, इसीलिए इनकी बेहतर ग्रोथ के लिए पार्सनिप प्लांट्स को ऐसे स्थान पर रखें, जहाँ पौधों को रोजाना 6-8 घंटे की धूप मिल सके। हालांकि वे कुछ छाया भी सहन कर सकते हैं।

तापमान :–

पार्सनिप प्लांट्स की बेहतर ग्रोथ के लिए 7-24°C के मध्य का तापमान सबसे बेस्ट होता है।

कीट और रोग

हालांकि पार्सनिप प्लांट्स कीट और रोग मुक्त होते हैं, लेकिन कुछ आम गार्डन कीट पार्सनिप के पौधों को परेशान कर सकते हैं, जिनमें एफिड्स, लीफ माइनर्स और गाजर मक्खियाँ (carrot flies) शामिल हैं। इन कीटों से बचाने के लिए आप नीम तेल या कीटनाशक साबुन के घोल का छिडकाव कर सकते हैं।

पार्सनिप की हार्वेस्टिंग कब करें

पार्सनिप के पौधों को जब ठंडे मौसम के दौरान लगाया जाता है, तो उनका स्वाद सबसे अच्छा होता है। घर पर पार्सनिप को बीज से लगाने के बाद यह लगभग 120 से 180 दिन में हार्वेस्ट के लिए तैयार हो जाते हैं। इसलिए कुछ क्षेत्रों में उन्हें सर्दियों की सब्जी के रूप में मध्य पतझड़ (अक्टूबर-नवंबर) में लगाया जाता है और शुरुआती वसंत (जनवरी-फरवरी) में काटा जाता है। हालांकि, ठंडे क्षेत्रों में पार्सनिप को शुरुआती वसंत में लगाया जाता है और पतझड़ के समय हार्वेस्टिंग की जाती है।

गमले में पार्सनिप के बीज लगाने की विधि और देखभाल के तरीके अपनाकर आप पार्सनिप का अधिक उत्पादन कर सकते हैं। उम्मीद है आपको इस लेख में दी गई जानकारी पसंद आई होगी। अगर इससे सम्बंधित आपके कोई सवाल या सुझाव हो तो उन्हें कमेंट में जरूर बताएं और गार्डनिंग से रिलेटेड अन्य पोस्ट पढ़ने के लिए kisandapp.com वेबसाइट पर विजिट करें।

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